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कोरिया/एमसीबी@राज्योत्सव की चकाचौंध में वनांचल के गांव अंधेरे में

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  • 22 सोलर प्लांट ठप, बैटरी-इन्वर्टर वर्षों से बदले नहीं — विभाग के पास नहीं बजट या नहीं इच्छा शक्ति?
  • कोरिया के साथ साथ एमसीबी जिले की भी यही कहानी कई गांव के प्लांट डेड…

-राजन पाण्डेय-
कोरिया/एमसीबी,03 नवंबर 2025 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने पर पूरे प्रदेश में राज्योत्सव की भव्यता दिख रही है। कोरिया और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में मंच सजे हैं,रोशनी बिखरी है,और सरकारी स्टॉल विकास की तस्वीरें पेश कर रहे हैं, लेकिन इस चकाचौंध के पीछे एक कड़वी हकीकत भी है जिले के दर्जनभर से अधिक वनांचल गांव आज भी अंधेरे में डूबे हुए हैं, सूत्रों के अनुसार, सोनहत विकासखण्ड में 22 सोलर ऊर्जा प्लांट लंबे समय से बंद पड़े हैं,कुछ गांवों में एक-दो घंटे ही रोशनी रहती है, जबकि कई जगहों पर पूरी तरह अंधकार छाया है, कारण साफ है…इन सोलर प्लांटों की बैटरी और इन्वर्टर आउट ऑफ वारंटी होकर पूरी तरह जवाब दे चुके हैं।
10 से अधिक गांव ‘लूपिंग सिस्टम’ पर चल रहे…
सोनहत विकासखंड के 10 से अधिक गांवों में एक प्लांट बंद होने पर दूसरे प्लांट से कनेक्शन जोड़कर लाइट दी जा रही है। इससे बैकअप घट गया है और दोनों सिस्टम पर ओवरलोड का खतरा बढ़ गया है। इनमें पश्चिम पारा, परिहत, सिंघोर छात्रावास, सलगवां खुर्द, रामगढ़, बंशीपुर, कचोहर, मझगवां, रावतसारई, अमृतपुर, उधेनी, गिधेर जैसे गांव शामिल हैं।
‘घटती-घटना’ की पहल पर कुछ गांवों में सुधार,लेकिन बाकी अब भी अंधेरे में…
इससे पहले भी घटती-घटना में सौर ऊर्जा प्लांटों की दुर्दशा पर रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद कुछ गांवों में सुधार कार्य हुआ था, लेकिन अब भी अधिकांश ग्रामों के लोग रोशनी की आस में हैं।
विभाग के कर्मचारी कर रहे दौरे,पर हल नहीं
क्रेडा के कर्मचारी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं, पर तकनीकी समाधान नहीं हो पा रहा। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया सामान बहुत पुराना है, बैटरियों का जीवनकाल खत्म हो गया है। जब तक नई बैटरी और इन्वर्टर की सप्लाई नहीं होती, स्थायी समाधान संभव नहीं।
पूर्व विधायक गुलाब कमरो का आरोप, सरकार को वनांचल की चिंता नहीं
पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने कहा, पिछली सरकार में सभी गांवों की लाइट जलती थी, आज अधिकांश सौर प्लांट ठप्प हैं। सरकार को गरीब आदिवासियों की चिंता नहीं रही। अगर बजट की कमी है, तो डीएमएफ फंड से नई बैटरियां लगाई जाएं। अन्यथा चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
कई गांवों में पूरी तरह ठप सोलर सिस्टम
वनांचल ग्राम निग्नोहर, देवतीडांड, पत्थरगवां, नटवाही, चुलादर और तुर्रीपानी में सोलर सिस्टम बंद हैं। ग्रामीणों ने बताया कि तकनीशियन आते तो हैं, लेकिन बैटरियां पूरी तरह खराब हैं। जब तक नई बैटरी और इन्वर्टर नहीं लगेंगे, कोई फायदा नहीं। कुछ ग्रामीणों ने तो तंज में कहा अब तो हम अंधेरे में रहने की आदत डाल चुके हैं, कोई सुनता ही नहीं।
जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया
सोनहत क्षेत्र के दर्जनों ग्रामो में परेशानी कई जगह के प्लांट खराब है तो कई जगह पुराने हो चुके सिस्टम में बैकअप नही है,शासन-प्रशासन को संज्ञान लेकर निराकरण करना चाहिए
अनित दुबे,नेता कांग्रेस

कई ग्रामो में सौर ऊर्जा प्लांट के खराब होने की मिली है इसके लिए तत्काल विभाग के अधिकारियों से बात कर निराकरण कराने प्रयास किया जाएगा।
आशा देवी सोनपाकर,अध्यक्ष जनपद पंचायत सोनहत

क्रेडा कार्यालय में कल ही इसके लिए बात करूँगा साथ ही क्रेडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रायपुर को भी मैंने पत्र भेजा है निराकरण नही होने की स्थिति में जन हित मे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा
जयचन्द सोनपाकर अधिवक्ता
कार्यकारी अध्यक्ष कोरिया जन सहयोग समिति

सौर प्लांट खराब है इससे वनांचलों के ग्रामीण परेशान है, पंच संघ प्लांट के सुधार कार्य और नई बैटरी इन्वर्टर की मांग हेतु जिलाधिकारी क्रेडा से मिल कर मांग करेगा,शीघ्र निराकरण नही होने पर आंदोलन किया जाएगा
प्रेम सागर तिवारी अध्यक्ष पंच संघ

दुरस्त क्षेत्रों में बसे ग्रामीणों की समस्याओं पर शासन का ध्यान न दिया जाना खेद जनक है, सोलर संचालित लगभग सभी ग्रामो में बैटरी इन्वर्टर बदले जाने की आवश्यकता है
प्रकाश चंद्र साहू


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