सेहत पर मंडराता खतरा
नई दिल्ली,08 अगस्त 2025 ए)। खाने-पीने की चीजों में मिलावट को लेकर अब तक जो सख्त कानून थे, उन्हें हाल ही में केंद्र सरकार के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने नरम कर दिया है। बदलाव इतने गंभीर हैं कि अब मिलावट करना अपराध नहीं रह गया है, बल्कि इसे केवल आर्थिक दंड से निपटाया जा सकेगा। यानी अब चाहे पनीर दूध से बना हो या वेजिटेबल ऑयल से, चाहे आइसक्रीम हो या फ्रोजन डेजर्ट, सब कुछ बिकेगा—कानूनी दायरे में।
3 साल में बड़े बदलाव बीते 3 सालों में खाने-पीने की चीजों से जुड़े कानूनों में छोटे-छोटे लेकिन असरदार बदलाव किए गए। खासतौर पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की कई धाराओं में संशोधन कर दिया गया। जहां पहले मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने पर जेल भेजा जाता था, अब उन्हें सिर्फ जुर्माना भरना पड़ेगा। धारा 63, जो बिना लाइसेंस खाद्य सामग्री बेचने पर छह माह की जेल का प्रावधान करती थी, उसमें अब केवल जुर्माने का विकल्प है।
मिलावट को जुर्माने के साथ मंजूरी
जो चीजें पहले साफ़ तौर पर मिलावटी मानी जाती थीं, उन्हें अब सरकार ने विकल्प का नाम देकर बाजार में वैध बना दिया है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur