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बलरामपुर/कुसमी@हिंडालको के निजी आदित्य चिकित्सालय में मरीजों को दी जा रही थी सरकारी दवाएंकलेक्टर ने कहा जांच के आधार पर होगी कार्रवाई

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-प्रांजल सिंह-
बलरामपुर/कुसमी,30 मई 2025 (घटती-घटना)। जिले के हिंडालको इंडस्ट्रीज लिमिटेड खान प्रभाग सामरी के अधीनस्थ आदित्य चिकित्सालय में हो रहा था। सरकारी दवाओं का वितरण जब इसकी जानकारी मरीजों सहित स्थानीय लोगों को लगी तो लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई है जो प्रशासनिक व्यवस्था के साथ साथ हिंडालको की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा करती है! इस बड़ी लापरवाही से लोगों में स्वास्थ विभाग और हिंडालको की मिली भगत का अंदेशा है जो जिले में चर्चा का विषय है।
मिली जानकारी के अनुसार मरीज अपने ईलाज के लिए आदित्य चिकित्सालय पहुचे हुवे थे। और नियमानुसार वहाँ पदस्थ हिंडालको के डाक्टर को दिखाया डाक्टर ने पर्चे में दवाई लिखा। पर्चा में डॉ द्वारा लिखी गई दवा आदित्य चिकित्सालय से मरीज को दिया गया दवा को मरीज ने प्राप्त करने के बाद देखा की यह सरकारी दवा है और इस पर तुरंत आपत्ति जाता दी। जब इस मामले की जानकारी तहसीलदार सामरी शशिकांत दुबे को लगी तो उन्होंने तत्काल आदित्य चिकित्सालय पहुंचकर परिस्थितियों को देख कर उक्त मामलें पर कार्यवाही शुरू कर दिया । प्राइवेट हॉस्पिटल में मरीज को ईलाज के बाद सरकारी अस्पताल के लिए आईं दवाएं मिलने से अधिकारी भी चौंक गए। आदित्य चिकित्सालय पहुचे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी से डाक्टरो की टीम में डॉ राकेश ठाकुर व अन्य स्वास्थ्य कर्मी जाँच में जुट कर सरकारी दवाईयों का मिलान किया। जहाँ और भी सरकारी दवाईया मिली हैं। जिसे पहुंची टीम ने जप्ती कार्रवाई की है। उक्त मामले में बलरामपुर कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने कहा रिपोर्ट आएगी,बात हुई है मेरी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
वहीं बलरामपुर जिला चिकित्सा अधिकारी ने कहा की विजय मिश्रा सीएसआर प्रमुख खान प्रभाग सामरी के द्वारा दिनांक 14.05.2025 को पत्र के माध्यम से स्वयं उपस्थित होकर सामरी एवं कुसमी में स्वास्थ्य कैंप लगाने हेतु 14 प्रकार के लिखित रुप से दवाईयों की मांग की गई थी। उनके द्वारा लेख किया गया था कि उनके स्तर से दवाईयों की खरीदी हेतु निविदा में विलंब होने के कारण कुछ दवाईयों की स्वास्थ्य कैंप हेतु अति आवश्यकता है। सामाजिक हित एवं आने वाले मौसमी बिमारियों के रोकथाम हेतु दृष्टिगत रखते हुए स्वास्थ्य कैंप के लिए उपलब्धता के आधार पर 08 प्रकार की दवाई प्रदाय किया गया था। उक्त दवाईयां कैंप के अतिरिक्त हिंडाल्को के आदित्य चिकित्सालय सामरी में कैसे पहुंची जांच की जा रही है। स्वास्थ्य कैंप आयोजन पश्चात शेष दवाईयों को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बलरामपुर के स्टोर में वापस नहीं की गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी सधा बयान जरूर दे रहे हैं लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार आदित्य चिकित्सालय में मिली कई सरकारी दवाओं का एक्सपायर डेट महीनों पहले ही समाप्त हो चुका है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलरामपुर से प्रश्न किया गया कि जब हिंडालको प्रभारी ने आपसे दवाएं मांगी थी तो क्या आपने इसका अनुमोदन कलेक्टर बलरामपुर से लिया था? तो मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि उन्होंने अनुमोदन नहीं लिया था।
वहीं मामला जब प्रकाश में आया तो मुख्य चिकित्सा अधिकारी के बयान आने जरूर लगे हैं लेकिन प्रश्न यह भी है की क्या मुख्य चिकित्सा अधिकारी को बिना कलेक्टर के अनुमोदन के सरकारी दवाओं को थोक में देने का अधिकार है और यदि हिंडाल्को को कैंप में सरकारी दवाओं का वितरण करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को देना था तो क्या इसकी जानकारी कलेक्टर बलरामपुर को नहीं देनी थी और हिंडाल्को ने भी अनियमिता दिखाई और दवाओं को कैंप में वितरण करने के बजाय उसे अपने प्राइवेट अस्पताल में ही मरीज को देने लगे। इन प्रश्नों की जानकारी के लिए जब हिंडालको सीएसआर प्रमुख खान प्रभारी सामरी विजय मिश्रा से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने इसका कोई प्रति उत्तर नहीं दिया।


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