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अम्बिकापुर@प्रतिबंध के 48 घंटे के भीतर कार्रवाईः बस से पकड़ा गया ‘एनालॉग पनीर’, अब सीमाओं पर भी रहेगी नजर

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  • सरगुजा में खाद्य सुरक्षा विभाग का विशेष अभियान शुरू,राजहंस ट्रेवल्स की बस से जब्त हुआ प्रतिबंधित पनीर…कारोबारियों को चेतावनी…बिना बिल मिला तो होगी सख्त कार्रवाई


-संवाददाता-

अम्बिकापुर,02 अगस्त 2026 (घटती-घटना)। राज्य सरकार द्वारा एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाने के दो दिन के भीतर सरगुजा में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। रविवार तड़के नए बस स्टैंड पर चलाए गए विशेष जांच अभियान में राजहंस ट्रेवल्स की एक बस से प्रतिबंधित श्रेणी का एनालॉग पनीर जब्त किया गया। मामले में अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। राज्य शासन ने 31 जुलाई को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम,2006 के तहत पूरे छत्तीसगढ़ में अमानकीकृत डेयरी एनालॉग (एनालॉग पनीर) और अन्य ऐसे खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण व बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी। इसके बाद सरगुजा जिले में विशेष प्रवर्तन अभियान शुरू किया गया। रविवार सुबह करीब पांच बजे खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम नए बस स्टैंड पहुंची और बसों समेत अन्य वाहनों की जांच की। इसी दौरान राजहंस ट्रेवल्स की बस (CG 15 EC 0828) से प्रतिबंधित पनीर का परिवहन करते हुए पकड़ा गया। टीम ने सामग्री जब्त कर मामला दर्ज किया।
अब केवल बस स्टैंड नहीं,जिले की सीमाओं पर भी सख्ती : विभाग के अनुसार अभियान आगे भी जारी रहेगा। जिले में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों, सीमावर्ती क्षेत्रों,बसों,मालवाहक वाहनों और अन्य परिवहन साधनों की नियमित व आकस्मिक जांच की जाएगी ताकि प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों की आवाजाही पूरी तरह रोकी जा सके।
व्यापारियों को साफ चेतावनी : खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने डेयरी उत्पादों के थोक और खुदरा कारोबारियों को नोटिस जारी कर निर्देश दिए हैं कि बिना वैध स्रोत,खरीद बिल और आपूर्तिकर्ता की जानकारी के किसी भी पनीर या दुग्ध उत्पाद की खरीद-बिक्री न करें। नियमों के उल्लंघन पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। बस संचालकों और ट्रांसपोर्टरों को भी चेताया गया है कि प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों के परिवहन में सहयोग करने पर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी।
भास्कर एंगल 7 सवाल जो जवाब मांगते हैं
कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि प्रतिबंध लागू होने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ है,लेकिन कुछ महत्वपूर्ण सवाल अब भी बने हुए हैं…
– जब्त किए गए एनालॉग पनीर की कुल मात्रा कितनी थी?
– यह कहां से लाया जा रहा था और किसके लिए भेजा गया था?
– क्या यह पहली खेप थी या पहले भी इसी तरह परिवहन होता रहा?
– जिले के होटल,ढाबों,रेस्टोरेंट और फास्ट फूड सेंटरों में पहले से उपयोग हो रहे संदिग्ध पनीर की जांच कब होगी?
– केवल परिवहन पर कार्रवाई पर्याप्त होगी या आपूर्ति श्रृंखला और अंतिम उपयोगकर्ताओं तक भी जांच पहुंचेगी?

खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतिबंध तभी प्रभावी होगा जब परिवहन के साथ-साथ बाजार,गोदाम,होटल और डेयरी प्रतिष्ठानों की लगातार जांच हो तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सार्वजनिक की जाए।
जनता से सहयोग की अपील
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं प्रतिबंधित या संदिग्ध एनालॉग पनीर का निर्माण, भंडारण, परिवहन या विक्रय होता दिखाई दे तो इसकी सूचना विभाग को दें। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए जनसहयोग भी उतना ही आवश्यक है।


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