

- आखिर सामाजिक सरोकार क्यों भूला एसईसीएल ?
- सीएसआर से क्षेत्र के विकास कार्यों को नजरअंदाज कर रहा एसईसीएल प्रबंधन
- चरचा आर ओ माइन के कटगोड़ी क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं पर नही है…प्रबंधन का ध्यान
राजन पाण्डेय
कोरिया/सोनहत,27 अप्रैल 2026 (घटती-घटना)। एसईसीएल की कोयला खदानों से सरकार को कई हजार करोड़ रूपये का रायल्टी प्रतिवर्ष मिलता हैं, कोरिया जिले के ही बैकुण्ठपुर,चरचा,चिरमिरी हसदेव,कटकोना, पण्डोवपारा व झिलमिली सहित अनेक कोयला खदानों से भी भरपूर राजस्व शासन को मिलता हैं, करोडों टन कोयला उत्पादन कर एसईसीएल भी कई करोड़ रूपए प्रतिवर्ष लाभ कमाती हैं, करोडों रूपए की आमदनी होने के बावजूद एसईसीएल द्वारा क्षेत्र की जनता के लिए विकास कार्यों की नजर अंदाजी लगातार की जा रही हैं, एसईसीएल के आस – पास के इलाकों में हमेशा बदहाल नजर आते हैं, कोयले की उड़ने वाली डस्ट से जहां लोगों के बीमार होने की संभावना निरन्तर बनी रहती है वहीं लोगों को आवागमन में भी काफी परेशानी होती हैं। उल्लेखनीय है की सोनहत विकासखंड का कटगोड़ी क्षेत्र जो की चरचा आर ओ माईन के अंर्तगत आता है जहां से एसईसीएल ने करोड़ों रूपय का मुनाफा कमाया हैं, इसके बावजूद क्षेत्र के लोग बुनियाद सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं, सडकें जर्जर हैं पेयजल की समस्या वर्षों से बनी हुई हैं, जो गर्मी आते ही विकराल रूप धारण कर लेती हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में भी कमी का अभाव निरन्तर बना रहता हैं, शासन के निमयानुसार कोयला उत्पादन करने वाली कम्पनी एसईसीएल खदान क्षेत्र के 10-15 किमी के दायरे में आने वाले गांवों व शहर का विकास करने के लिए कटिबद्ध हैं, इसके बावजूद गांवों में एसईसीएल के माध्यम से बुनियादी सुविधाए उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं, जबकि सामुदायिक विकास मद (सीएसआर) में एसईसीएल द्वारा प्रतिवर्ष लाखों रूपए खर्च किए जाने का दावा किया जाता हैं, इसके बाद भी इन क्षेत्रों में बुनियादी समस्याए दूर नहीं हो रही हैं।
यह कार्य होने हैं सीएसआर मद में- सीएसआर मद में बुनियाद परियोजना के अन्तर्गत कोयला कम्पनी को गांवों में बुनियादी सुविधाए उपलब्ध कराने के साथ खदान एरिया के 15किमी के दायरे में सड़क, बिजली, व पीने का साफ पानी उपलब्ध कराने के साथ गांव में स्वच्छता में सुधार कार्य कराना हैं, अरमान की परियोजना के अन्तर्गत आस – पास के इलाकों में शिक्षा की गुणवक्ता में सुधार लाना कम्प्यूटर शिक्षा को बढावा देना बैगा जैसे विशेष समुदाय के बच्चों को विशेष शिक्षा प्रदान कराना हैं, प्रोजेक्ट स्वास्थ्य ग्राम के अन्तर्गत बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी कोयला कम्पनी की हैं, लेकिन जमीनी हकीकत देखा जाए तो इन तीनों परियोजनाओं में से किसी भी मामले में एसईसीएल ने क्षेत्र में गंभीरता से कोई कार्य नहीं किया हैं, कम्पनी केवल औपचारिकता निभाने तक रह गई हैं।
खनन से जल स्तर में भारी गिरावट
कटगोड़ी में भूमिगत कोल खनन से जल स्तर में भारी गिरावट है आलम है कि कई हैंड पम्प सिर्फ हवा उगल रहे हैं,बोर में भी सही ढंग से पानी नही आ रहा है जिससे ग्राम वासियों को भारी परेशानी है, पिछले वर्षों में तो ब्लास्टिंग की समस्या ने भी परेशान कर रखा था प्रबंधन द्वारा खनन के दौरान की जाने वाली ब्लास्टिंग से कई घरों की दीवार क्रेक हो गई है लोगो को भूकम्प जैसे झटके भी महसूस होते थे।
प्यासा कटगोड़ीः‘हवा’ उगलते हैंडपंप- भूमिगत खनन ने क्षेत्र के जलस्तर को पाताल में भेज दिया है, ग्रामीण बताते हैं कि पिछले कई वर्षों से पेयजल की समस्या विकराल है। प्रबंधन चंद टैंकर भेजकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है, लेकिन लोगो का कहना है कि इस वर्ष एसईसीएल के टैंकर भी नसीब नही हो पा रहे हैं जबकि स्थायी पाइपलाइन योजना आज भी फाइलों में धूल फांक रही है।
ब्लास्टिंग का खौफ : दरकती दीवारें, कांपती रूह- खनन के दौरान होने वाली भारी ब्लास्टिंग ने ग्रामीणों के आशियानों को खंडहर में तब्दील कर दिया है, लोगों के घरों की दीवारों में आई दरारें एसईसीएल की संवेदनहीनता की गवाही दे रही हैं। यहाँ लोग घर में रहते हुए भी ‘भूकंप’ के साये में जीते हैं।
कॉर्पोरेट लूट या ‘सामाजिक विकास-
झुमका वोट क्लब जैसे सौंदर्यीकरण के कार्यों पर पैसे देने वाला प्रबंधन अपने प्रभावित ग्रामीणों को साफ पानी क्यों नहीं दे पा रहा? कटगोड़ी क्षेत्र की जनता पूछ रही है कि हमारा हक कहाँ है जीएम साहब….
मनोरंजन व सौन्दर्यीकरण के नाम पर शून्य-
क्षेत्र में एसईसीएल द्वारा शहरों के सौन्दयीकरण व स्वास्थ्य मनोरंजन के लिए कोई ठोस कार्य नहीं किए गए है, कलेक्टर कोरिया की पहल पर सीएसआर मद से एसईसीएल द्वारा झुमका वोट क्लब का निर्माण कराया गया था, उसी वक्त कटगोड़ी वासीयों को भी उम्मीद जगी थी की शायद कटगोड़ी क्षेत्र में भी विकास कार्य कराए जावेंगे लेकिन कटगोड़ी क्षेत्र एक बार फिर उपेक्षित हो गया वर्तमान समय में आलम की कटगोड़ी के कई मार्ग कच्चे हैं और क्षतिग्रस्त है लेकिन एस ई सी एल प्रबंधन के द्वारा क्षेत्र स्तर पर विकास कार्य नही कराए जाने से ग्राम वासीयों में मायूसी छाई हुई है।
क्या कहते है लोग…

कटगोड़ी क्षेत्र से करोड़ों कमाने के बावजूद एसईसीएल द्वारा विकास कार्य नही कराया जा रहा है। जबकी इस संबंध में कई बार एसईसीएल प्रबंधन से मांग की जा चुकी है।
नीलेश साहू कटगोड़ी

एसईसीएल प्रबंधन क्षेत्र से करोडों की आमदनी कर रहा है, कटगोड़ी क्षेत्र में पानी एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं को दूर कराने पिछले कई वर्ष में चक्काजाम एवं आंदोलन कर ज्ञापन दिया गया था जिस पर समस्या दूर करने को लेकर आश्वासन भी मिला था लेकिन आज तक चंद टैंकर पानी और कुछ स्ट्रीट लाइट के अलावा कुछ भी नही मिला, प्रबंधन से पुनः मांग की जावेगी
जय चंद सोनपाकर अधिवक्ता

एसईसीएल को विकास कार्य कराना होगा खास कर स्वस्थ्य सुविधाओ के क्षेत्र में स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक उपकरण एवं आधुनिक मशीनें प्रबंधन के तरफ से मिलनी चाहिए पानी के लिए एसईसीएल के सौजन्य से कटगोड़ी क्षेत्र में बड़ा प्रोजेक्ट लगना चाहिए जो हमेशा के लिए काम आए पर प्रबंधन के ध्यान नही देने से बुनियादी सुविधाओं का आभाव बना हुआ है। रुद्र साहू कटगोड़ी
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