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धमतरी@भारतमाला परियोजना जमीन घोटाला…पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के भाई भूपेंद्र चंद्राकर के घर ईडी की दबिश

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12 से ज्यादा अधिकारी खंगाल रहे दस्तावेज,अभनपुर में भी एक्शन
धमतरी,27 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के चर्चित भारतमाला घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। सोमवार तड़के ईडी की टीम ने धमतरी के कुरूद में पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर के ठिकानों पर छापेमारी की। साथ ही कुरूद में ही राइस मिलर रौशन चंद्राकर के यहां रेड मारी गई। इसके अलवा अभनपुर में जमीन कारोबारी गोपाल गांधी और उनसे जुड़े अन्य ठिकानों पर भी दबिश दी गई है। यह कार्रवाई सुबह से जारी है। सुबह तीन गाडि़यों में 12 से अधिक ईडी के अधिकारी भूपेंद्र चंद्राकर के घर पहुंचे। टीम घर के अंदर जांच-पड़ताल कर रही है। आरोप है कि उन्होंने कथित भारतमाला घोटाले में अपने करीबियों को सिर्फ अभनपुर ही नहीं, बल्कि कायाबांधा (अभनपुर),दुर्ग,पाटन, राजनांदगांव के देवादा और मगरलोड जैसे क्षेत्रों में करोड़ों रुपए का मुआवजा दिलवाया है। इन आरोपों से संबंधित शिकायत दस्तावेजों के साथ दर्ज कराई गई थी, जिसके आधार पर ईडी यह जांच कर रही है।
जमीन अधिग्रहण में अनियमितताओं का खुलासा : शुरुआती जांच में सामने आया है कि कृषि भूमि को बैकडेट में गैर-कृषि घोषित कर उसका मुआवजा कई गुना बढ़ाया गया। साथ ही एक ही खसरे की जमीन को कागजों में अलग-अलग हिस्सों में बांटकर अलग-अलग लोगों के नाम पर भुगतान किया गया। ईडी इससे पहले भी छत्तीसगढ़ के कई जिलों में छापेमारी कर करोड़ों की संपत्ति अटैच कर चुकी है।
अफसरों ने नहीं की पुष्टि : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रेड की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की गई है। ईडी बीजेपी नेता के भाई और कुछ जमीन कारोबारियों के ठिकानों पर जांच कर रही है, हालांकि पूरे मामले में अधिकारी मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं।
घर अंदर से लॉक कर दस्तावेजों की जांच
धमतरी में कुरूद के सरोजिनी चौक के पास भूपेंद्र चंद्राकर का घर है, जहां पर ईडी की टीम पहुंची हुई है। ईडी की टीम घर के अंदर जांच कर रही है। सुरक्षा के मद्देनजर सुरक्षाबल भी मौजूद हैं। घर के अंदर से ताला लगाया गया है ताकि कोई भी व्यक्ति बाहर से अंदर ना जा सके।
शिकायतों के आधार पर ईडी की जांच
रायपुर, अभनपुर में इससे पहले भी ईडी ने गोपाल गांधी और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी कर कई अहम दस्तावेज जब्त किए थे। भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण में करीब 500 करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले की आशंका जताई जा रही है।
भारतमाला प्रोजेक्ट और
वेदांता हादसे पर भी घेरा

भारतमाला प्रोजेक्ट में हुई कार्रवाई पर बैज ने कहा,‘देर आए दुरुस्त आए ‘, लेकिन इसमें बड़े नेताओं की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि फिलहाल केवल छोटे मोहरों पर कार्रवाई हो रही है,जबकि बड़े जिम्मेदारों को बचाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ईडी (ईडी) बड़े आरोपियों पर भी कार्रवाई करेगी? वहीं वेदांता हादसे को लेकर उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज करने में देरी क्यों हुई? यह दबाव के बाद दर्ज की गई। उन्होंने दावा किया कि आज भी यह एफआईआर ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है और अब तक जिम्मेदारों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने इसे ‘लीपापोती’ करार दिया।


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