Breaking News

नई दिल्ली@जंग दुश्मन का मनोबल तोड़ने के लिए लड़ते हैं

Share


हम मनोरोगी नहीं कि शव देखकर खुशी मिले : डोभाल
नई दिल्ली,10 जनवरी २०२6। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने शनिवार को कहा कि युद्ध राष्ट्र की इच्छाशक्ति के लिए लड़े जाते हैं। उन्होंने कहा,‘हम साइकोपैथ (मनोरोगी) नहीं हैं, जिन्हें दुश्मन के शव या कटे हुए अंग देखकर संतोष या सुकून मिले। लड़ाइयां इसके लिए नहीं लड़ी जाती। उन्होंने कहा कि युद्ध किसी देश का मनोबल तोड़ने के लिए लड़े जाते हैं, ताकि वह हमारी शर्तों पर आत्मसमर्पण करें और हम अपने लक्ष्य हासिल कर सकें। अजीत डोभाल ने शनिवार को नई दिल्ली में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के उद्घाटन समारोह के दौरान ये बाते कहीं। उन्होंने युवाओं से कहा कि आप अपनी इच्छाशक्ति बढ़ा सकते हैं। वही इच्छाशक्ति राष्ट्रीय शक्ति बन जाती है। दुनिया में हो रहे सभी युद्ध और संघर्षों को देखें तो साफ है कि कुछ देश दूसरों पर अपनी इच्छा थोपना चाहते हैं। इसके लिए अपनी ताकत का प्रयोग कर रहे हैं। अगर कोई देश इतना शक्तिशाली है कि कोई उसका विरोध न कर सके तो वह हमेशा स्वतंत्र रहेगा। लेकिन अगर संसाधन और हथियार हों, पर मनोबल न हो तो सब कुछ बेकार हो जाता है। मनोबल बनाए रखने के लिए लीडरशिप जरूरी होती है। आज हम बहुत भाग्यशाली हैं कि हमारे देश में ऐसा नेतृत्व है। एक ऐसा लीडर जिसने 10 सालों में देश को कहां से कहां पहुंचा दिया। आज का स्वतंत्र भारत हमेशा से उतना स्वतंत्र नहीं था। इसके लिए हमारे पूर्वजों ने बड़े बलिदान दिए। अपमान झेला और बेबसी के दौर से गुजरे। कई लोगों को फांसी हुई। हमारे गांव जलाए गए। हमारी सभ्यता को नुकसान पहुंचाया गया। यह इतिहास हमें एक चुनौती देता है कि आज भारत के हर युवा के अंदर एक आग होनी चाहिए। ‘बदला’ शब्द शायद बहुत अच्छा न लगे, लेकिन बदला खुद एक ताकतवर एहसास है। हमें अपने इतिहास का बदला लेना है। हमें इस देश को उस मुकाम पर वापस ले जाना है, जहां हम अपने अधिकारों, अपने विचारों और अपने विश्वास के आधार पर एक महान भारत का निर्माण कर सकें।


Share

Check Also

नई दिल्ली@बॉम्बे हाईकोर्ट बोला…शराबबंदी करने का फैसला एकतरफा : इसके आदी बीमार होकर अस्पताल में भीड़ लगा देंगे,सिर्फ पुणे में रोक शहरवासियों के लिए कलंक

Share नई दिल्ली,12 सितम्बर 2026। बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुक्रवार को पुणे प्रशासन को गणेश …

Leave a Reply