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सूरजपुर@सूरजपुर में कांग्रेस की ताकत दिखी,लेकिन गुटबाजी ने सवाल खड़े किए

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  • भूपेश बघेल के मंच पर गरजे सवाल,संगठन में दिखी खामोशी,कार्यकर्ता सम्मेलन बना शक्ति प्रदर्शन
  • भीड़ बघेल की,चुनौती कांग्रेस की…भाजपा पर हमला,कांग्रेस को आत्ममंथन की जरूरत…
  • सूरजपुर में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन… भूपेश बघेल के आगमन से सियासी पारा हाई…
  • कार्यकर्ता सम्मेलन में भाजपा सरकार पर तीखा हमला,गुटबाजी भी आई सामने…

-ओंकार पाण्डेय-
सूरजपुर,30 दिसम्बर 2025 (घटती-घटना)। जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ता सम्मेलन में सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल के शामिल होते ही सूरजपुर जिले का सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया,जिले की सीमा से लेकर सम्मेलन स्थल सेवाकुंज तक भूपेश बघेल का जोरदार और भव्य स्वागत किया गया,नवनियुक्त जिलाध्यक्ष शशि सिंह के प्रथम कार्यकर्ता सम्मेलन में हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इसे कांग्रेस का बड़ा शक्ति प्रदर्शन बना दिया।


भाजपा सरकार पर तीखा हमला
सम्मेलन को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला, उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने पाँच वर्षों के कार्यकाल में 95 नई विकास योजनाओं के माध्यम से ‘नवा छत्तीसगढ़’ की नींव रखी, लेकिन मौजूदा सरकार उन योजनाओं को बंद करने में जुटी है, उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में अराजकता का माहौल है रोजगार और भर्तियां ठप, हर विभाग में अव्यवस्था है और अधिकारी-कर्मचारी,महिला,युवा,मजदूर व किसान आंदोलन की राह पर हैं, भूपेश बघेल ने दो टूक कहा आज लड़ाई लड़ने की जरूरत है और यह लड़ाई कांग्रेस अपने तरीके से लड़ेगी, कांग्रेस हर वर्ग—गरीब, व्यापारी,महिला,युवा,किसान और मजदूर—के साथ खड़ी है,उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने स्कूल खोले, जिन्हें अब बंद किया जा रहा है;गौठान बनाए, जिन्हें समाप्त किया जा रहा है;रोजगार के अवसर पैदा किए, जिन्हें बर्बाद किया जा रहा है,उन्होंने मनरेगा को भी ‘षड्यंत्रपूर्वक बंद करने की कोशिश’ बताया।


किसान और निजीकरण का मुद्दा : किसानों की स्थिति पर बोलते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि आज किसान धान बेचने के लिए मंडियों और केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं, निजीकरण के मुद्दे पर उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार दोनों को कटघरे में खड़ा किया और कांग्रेस की वैचारिक प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
संगठन को मजबूत करने का आह्वान : इस अवसर पर उन्होंने पूर्व मंत्री स्व. तुलेश्वर सिंह को याद करते हुए मंच से पूर्व विधायकों, जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों से अपील की कि वे जिलाध्यक्ष शशि सिंह को पूरा सहयोग दें और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करें।
जिले भर में हुआ भव्य स्वागत : सूरजपुर सीमा के संजयनगर, सिलफिली, जयनगर, बिश्रामपुर और टोल प्लाजा सहित विभिन्न स्थानों पर कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने पारंपरिक अंदाज़ में स्वागत किया, सुआ, सैला और करमा नृत्य ने कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग दिया, कार्यक्रम के बाद भूपेश बघेल ने विभिन्न कांग्रेस नेताओं के निवास पर पहुंचकर मुलाकात की।
आदिवासी समाज का पारंपरिक सम्मान : सम्मेलन के दौरान जिले के आदिवासी समाज ने पारंपरिक वेशभूषा में तीर-धनुष भेंट कर भूपेश बघेल का सम्मान किया, जो आयोजन का विशेष आकर्षण रहा।
सूरजपुर का संदेश : सड़क पर ताकत दिखी, संगठन में दरार क्यों?
सूरजपुर का कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं था, यह राजनीतिक मूड मीटर था,पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल के आगमन ने साफ कर दिया कि आज भी कांग्रेस की सबसे बड़ी भीड़ खींचने वाली ताकत वही हैं,सेवाकुंज में उमड़ा जनसैलाब यह बताने के लिए काफी था कि जमीन पर कांग्रेस पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन इसी शक्ति प्रदर्शन के बीच जो सबसे बड़ा सवाल उभरा, वह भीड़ से नहीं,खाली कुर्सियों से निकला,भूपेश बघेल ने मंच से भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला रोजगार ठप्प,योजनाएं बंद,किसान परेशान,मनरेगा खतरे में। ये आरोप नए नहीं हैं,लेकिन भीड़ की तालियों ने बताया कि जनता इन बातों से खुद को जोड़ रही है। कर्मचारी,किसान युवा और मजदूर—हर वर्ग में असंतोष है और कांग्रेस इसे अपना राजनीतिक ईंधन बनाना चाहती है।
क्या कांग्रेस खुद अपने घर में एकजुट है?
सम्मेलन में पैलेस खेमा की गैरहाजिरी केवल संयोग नहीं,बल्कि संगठनात्मक बीमारी का लक्षण है,तीनों विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े कई बड़े चेहरे नदारद रहे,यह चुप्पी उतनी ही शोर करती है जितनी मंच से की गई भाषणबाज़ी,कांग्रेस अगर 2028 की तैयारी कर रही है, तो उसे यह समझना होगा कि भीड़ चुनाव नहीं जिताती, संगठन की एकजुटता जिताती है, भूपेश बघेल का संदेश साफ था लड़ाई लड़नी होगी,लेकिन उससे भी बड़ा सवाल यह है क्या यह लड़ाई भाजपा से होगी या कांग्रेस के भीतर ही? अगर शक्ति प्रदर्शन के साथ शक्ति-संतुलन नहीं साधा गया,तो सूरजपुर जैसा आयोजन इतिहास में एक ‘भव्य कार्यक्रम’ बनकर रह जाएगा,राजनीतिक टर्निंग पॉइंट नहीं।
सूरजपुर में बनेगा राजीव भवन
जिलाध्यक्ष शशि सिंह के आग्रह पर भूपेश बघेल ने घोषणा की कि सूरजपुर जिले में राजीव भवन का निर्माण जल्द होगा। भवन की लागत का आधा हिस्सा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और आधा स्थानीय सहयोग से जुटाया जाएगा। इस अवसर पर भूपेश बघेल ने स्वयं एक लाख रुपये की सहयोग राशि प्रदान की।
पैलेस खेमा नदारत,गुटबाजी फिर चर्चा में…
सम्मेलन में कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी भी खुलकर सामने आई,भूपेश बघेल के प्रवास के दौरान पैलेस समर्थक खेमा बड़ी संख्या में नदारत रहा, प्रेमनगर,प्रतापपुर और भटगांव विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े कई प्रमुख चेहरे—पूर्व मंत्री,पूर्व सांसद,पूर्व विधायक, नगर पालिका अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष और एनएसयूआई पदाधिकारी—कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए, जिलाध्यक्ष परिवर्तन के बाद से लगातार सामने आ रही यह स्थिति संगठनात्मक एकजुटता के लिए चुनौती मानी जा रही है।


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