अंबिकापुर,11 फरवरी 2024 (घटती-घटना)। बेमौसम बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। रविवार को रूक-रूककर बारिश होती रही। वहीं शाम को मैनपाट के क्षेत्रों में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई है। बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार अगले 48 घंटे तक उारी छाीसगढ़ में मौसम खराब रहने की संभावना है। इस दौरान तेज गरज के साथ बारिश व ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है।
मौसम वैज्ञानिक एसके मंडल ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय उपरी हवा के चक्रीय परिसंचरण से भारी मात्रा में नमी का प्रवेश उारी छाीसगढ़ में जारी है। वहीं अरब सागर में सक्रिय चक्रवात बना हुआ है। इन दोनों प्रभाव के कारण उारी छाीसगढ़ में इसका असर देखा जा रहा है। रविवार की सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ है। सुबह अंबिकापुर सहित कई क्षेत्रों में घने बादल व तेज हवा चलने से मौसम शुष्क रहा। सुबह-सुबह बूंदाबांदी हुई। इसके बाद धूप भी निकले। इसके बाद पुनः दोपहर में अचानक मौसम ने करवट बदल ली और तेज हवा के साथ बारिश हुई। इसके बाद मौसम का लुकाछिपी का खेल चलता रहा। पुनः चार बजे के बाद तेज हवा के साथ बारिश हुई है। बारिश व शुष्क हवा के कारण मौसम ठंड रहा। अंबिकापुर सहित उारी छाीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। रविवार को कई जगहों पर तेज हवा के साथ बारिश हुई। वहीं दोपहर करीब 2 बजे मैनपाट के क्षेत्रों में लगभग 10 मिनट तक ओलावृष्टि होने से बर्फ की सफेद चादर बिछ गई। मौसम विभाग के अनुसार अंबिकापुर में शाम 5.30 बजे तक 3.8 मिली मिटर वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभगा के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के बार-बार सक्रिय रहने के कारण मौसम में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में तापमान में वृद्धि दर्ज की जा रही थी। वहीं 9 फरवरी को शुष्क हवा का प्रवेश होने के कारण न्यूनतम तापमान 4 डिग्री पहुंच गया था। 10 फरवारी को ताामपन में हल्की वृद्धि दर्ज की गई थी। इसके साथ ही शनिवार की देर रात से आसमान में बादल की सक्रियता के कारण न्यूनतम तापमान 11 डिग्री पहुंच गया था। वहीं रविवार की सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला रहा। बेमौसम बारिश व मैनपाट में ओलावृष्टि के कारण ठंड ने पुन: करवट ले ली है। कृषि वैज्ञानिक के अनुसार बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि की वजह से सबसे अधिक नुकसान किसानों को हुआ है। ओलावृष्टि व बारिश के कारण सजी, तिलहन, दलहन की फसन को नुकसान पहुंचा है। बारिश के कारण फल व फूल में कीड़े लग जाएंगे। ओलावृष्टि से चना, मटर व अरहर की फसल की लिए काफी नुकसानदेह है। अगर लगातार बारिश होती रही व मौसम में नमी बनी रही तो मटर व चना में गलन की संभावना बढ़ जाएगी। ओलावृष्टि की वजह से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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