अंबिकापुर, 11 जनवरी 2024 (घटती-घटना)। राजीव गांधी शासकीय स्नातकोार महाविद्यालय अंबिकापुर की रसायन शास्त्र विभाग के छात्र-छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। रीजनल फॉरेंसिक साइंस लैब का भ्रमण महाविद्यालय के प्राचार्य एवं क्षेत्रीय अपर संचालक उच्च शिक्षा विभाग डॉक्टर रिजवान उल्ला के मार्गदर्शन एवं रसायन शास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सरोज तिर्की के निर्देशन में कराया गया। फॉरेंसिक लैब के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए जॉइंट डायरेक्टर आरके पैंकरा ने बताया कि फॉरेंसिक का मतलब क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम है जिसके द्वारा विभिन्न प्रकार के अपराधों में सही अपराधी की पहचान की जाती है। उन्होंने बताया कि फॉरेंसिक लैब का हेड ऑफिस रायपुर में है तथा इसकी पूरे छाीसगढ़ में केवल तीन रीजनल ब्रांच है जो कि अंबिकापुर, बिलासपुर एवं जगदलपुर है। फॉरेंसिक लैब में फिजिक्स लैब, केमिस्ट्री लैब एवं बायोलॉजी लैब है जिसमें विषय से संबंधित जांच की जाती है। सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर कुलदीप कुजूर द्वारा फॉरेंसिक के बेसिक महत्व पर प्रकाश डाला गया उन्होंने बताया कि टॉक्सिकोलॉजी के अंतर्गत विसरा टेस्ट किया जाता है जिसमें डाइजेस्टिव सिस्टम जो की 27 फीट का होता है में स्टमक, रक्त इत्यादि का परीक्षण कर किया जाता है। इसी प्रकार बायोलॉजी ब्रांच में डायटम पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु पानी में डूबने से हुई है या पहले मृत्यु हो चुकी है के बारे में बोन मैरो का परीक्षण कर किया जाता है यदि बोन मैरो में डायटमों की पहचान होती है तो मृत्यु पानी में डूबने के बाद होती है और यदि डायटम नहीं मिलती है तो पानी में डूबने के पहले व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी होती है उन्होंने ब्रेन मैपिंग, वॉइस एनालिसिस आदि पर भी विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर रसायन शास्त्र विभाग की विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर सरोज तिर्की विभाग के प्राध्यापक संदीप कुशवाह, प्राध्यापक शशि कला सनमानी, कुमारी गीतांजलि कुशवाहा पीएस भगत, एसके सिंह एवं विभाग के सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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