भूपेन्द्र सिंह –
लखनपुर,26 दिसम्बर 2023 (घटती-घटना)। अमेरा खुली खदान से लगे ग्राम चिलबिल, कटकोना, परसोडीकला गुमगराकला के नाग मांडा खालकछार ये तमाम ठिकाने अवैध कोयला तस्करी के लिए मशहूर रहे हैं। इन दिनों गुमगराकला के खालकछार नागमाडा सहित आसपास के कोयलांचल में अवैध कोयला खनन परिवहन किये जाने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। बड़ेबीजे बड़े माफियाओं द्वारा स्थानीय लोगों को पैसे का प्रलोभन देकर गढ्ढों से कोयला निकलवा कर संग्रहित करा ईट भट्ठों में ऊंचे किमत पर खपा रहे हैं । खनिज, राजस्व तथा पुलिस विभाग के गैर जिम्मेदारी का नतीजा है। कोयला तस्करी का कारोबार साल-दर-साल यूं ही चलता रहा है। हर साल कोल माफियाओं द्वारा शासन के बेहिसाब राजस्व का चूना लगाया जाता रहा है। कई मर्तबा पुलिस एवं राजस्व विभाग के संयुक्त तत्वावधान में अवैध कोयला निकाले जाने वाले गढ्ढों को जेसीबी मशीन से पाटा गया लेकिन विभाग का यह फार्मूला कारगर साबित नहीं हुआ है। गैर कानूनी तरीके से निकाले जा रहे कोयला पर प्रतिबंध नहीं लग सका। क्षेत्र के लोगो का बताना है कि मौजूदा वक्त में गुमगराकला के खालकछार वाले ठिकानों से तस्करों द्वारा बड़े पैमाने में अवैध कोयला जेसीबी मशीन एवं मजदूरों के जरिए से उत्खनन कराया जाकर निकाला जा रहा है । कोलांचल क्षेत्र में बेखौफ कोयला निकाला जा रहा है। ठंड के सीजन में कोयला तस्कर अवैध कोयला उत्खनन करने सक्रिय हो गये हैं।
गौरतलब है चंद पैसों के लालच में आसपास के ग्रामीण जान जोखिम में डाल अवैध कोयला उत्खनन कर तस्करों के हाथों बेच रहे हैं। रात के अंधेरे में ट्रक ट्रैक्टर एव अन्य साधनों से चिमनी गमला ईटा भट्ठों में कोयला ले जाया जा रहालखनपुर के ईंट भट्टो में ही नहीं बल्कि सूरजपुर ,अंबिकापुर, जयनगर दिगर शहरों में अवैध कोयला की खेप पहुंचाई जा रही है। हर वर्ष शासन को लाखों नहीं करोड़ों रुपए के राजस्व की नुकसान हो रहा है । विभागीय पहल के बाद भी कोयला तस्करी स्फूर्त रूप से कभी बंद नहीं हो सका। मुनासिब निगरानी नियंत्रण के अभाव में कोयला तस्कर बेखौफ होकर कोयला तस्करी कारोबार को अजाम दे रहे हैं।इन तस्करों पर सख्त कार्यवाही होनी चाहिए नहीं हो रही है। यही वजह है कि अवैध कोयला का गोरखधंधा फल-फूल रहा है।
कोयला तस्कर मालामाल हो रहे है। हर साल सीजन में घुनघुटटा नदी तथा चुल्हट चदनई नदी के तराई वाले क्षेत्र में अवैध कोयला कै सौदागरों द्वारा गढ्ढे बना कर उपरी सतह का कोयला निकाला जाता है ?। नदी के किनारों पर तकरीबन 40 से 50 गड्ढे बनाकर अवैध कोयला की उत्खनन एकत्रित कर बिक्री किया जाता है। कांग्रेस शासनकाल में अवैध उत्खनन को लेकर काफी विरोध धरना प्रदर्शन किया गया था देखने वाली बात होगी कि मौजूदा भाजपा शासन काल में अवैध कोयला खनन परिवहन पर किस तरह की कार्यवाही होती है।
लखनपुर थाना प्रभारी प्रशिक्षु डीएसपी शुभम तिवारी ने इस संबंध में कहां कि जो भी गैर कानूनी तरीके से कोयला के अवैध खनन में शामिल है उनके ऊपर सख्त कार्यवाही की जाएगी?, साथ ही गढ्ढों को पुनः जेसीबी के जरिए से भरा जायेगा ।
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