
प्रतापपुर, 10 दिसम्बर 2023 (घटती-घटना)। वन परिक्षेत्र प्रतापपुर के ग्राम बरबसपुर से लगे बूढ़ाडांड स्थित नाले के पास दलदल में शनिवार की रात एक हाथी में फंस गया। 8 घंटे तक फंसे रहने के बाद जेसीबी और रस्सी से उसका सफल रेस्क्यू कर किसी तरह बाहर लाया गया। दलदल में काफी देर तक फंसे रहने तथा दलदल से निकलने के लिए बार-बार जोर लगाने से अस्वस्थ हो गया है। दलदल से निकाले जाने के बाद हाथी कुछ दूर चल कर बैठ गया है। अब पशु चिकित्सकों को बुलाकर उसे इलाज कराया जा रहा है।
सूरजपुर वन मंडल के प्रतापपुर परिक्षेत्र में इस समय 30-35 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। इस क्षेत्र में गन्ने की खेती के लिए प्रसिद्ध प्रतापपुर में प्राय हाथियों का डेरा रहता है। इस बीच शनिवार रात बरबसपुर के बूढ़ाडांड़ में एक नाले में दल का एक हाथी फंस गया। ग्रामीणों की माने तो सुबह 4 बजे के आसपास उसके चिल्लाने की आवाजें आ रही थी, पास जाकर देखा तो हाथी ठंडे पानी के दलदल में फंसा हुआ था। जिसके बाद इसकी सूचना तत्काल वन विभाग की दी गई। रेंजर विनय टंडन टीम के साथ मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद उसे निकाला गया। दलदल में काफी देर तक फंसे रहने तथा दलदल से निकलने के लिए बार-बार जोर लगाने से अस्वस्थ हो गया है। दलदल से निकाले जाने के बाद हाथी कुछ दूर चल कर बैठ गया है। अब पशु चिकित्सकों को बुलाकर उसे इलाज कराया जा रहा है। प्रतापपुर के परिक्षेत्राधिकारी विनय टंडन ने बताया कि बरबसपुर गांव से लगे गन्ने के खेतों के बीच एक नाले में एक हाथी फंस गया था। जो काफी दलदल है, बीते 8 घंटे से हमारी टीम उस पर नजऱ बनाये हुए थी। जेसीबी और रस्सी के सहारे उसे बाहर लाया गया है। कुछ दूर चला फिर बैठ गया है, उस पर नजऱ बनाये हुए है चिकित्सको को भी बुलाया गया है। बरबसपुर के ग्राम बूढ़ाडांड के ग्रामीणों ने हाथी के फंसे होने की जानकारी वन विभाग को दी। जिसे वन कर्मचारियों एवं हाथी मित्र दल द्वारा मोर्चा संभालते हुए जेसीबी और रस्सी से निकालने का प्रयास किया गया। तत्पश्चात सुबह 6 से 9 बजे तक प्रयास करने के बाद हाथी को सुरक्षित रेस्क्यू कर निकला गया। ठंड के मौसम ेमें पूरी रात दलदल में फंसे रहने के कारण हाथी बीमार हो गया है। दलदल से निकलने के बाद कुछ दूर चलकर वह बैठ गया।
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