अंबिकापुर,07 अगस्त 2023 (घटती घटना) जनपद अध्यक्ष सीतापुर व लॉक महिला कांग्रेस की अध्यक्ष शांति देवी ने मोर्चा खोल दिया है। अंबिकापुर के सरगुजा प्रेस क्लब में पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि सीतापुर विधानसभा क्षेत्र का दो दशक से अनवरत दारोमदार संभाल रहे वर्तमान खाद्य मंत्री अमरजीत भगत पर क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी के लिए समर्पित भाव से काम करने वालों की अनदेखी सहित तमाम आरोप लगाते हुए कहा कि बाहरी प्रत्याशी होते हुए भी उन्हें लगातार 20 वर्ष काम करने का मौका मिला, मंत्री बनने के बाद उनके आसपास से क्षेत्रीय कार्यकर्ता गायब हो गए, बाहरी लोगों के साथ उनकी उठक-बैठक शुरू हो गई। सीतापुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लडऩे की मंशा जाहिर करते हुए कहा यह चुनाव अब सिर्फ दो पार्टियों के जीत-हार तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय व बाहरी प्रत्याशी को लेकर चुनाव होगा। उन्होंने कहा जिसे क्षेत्र के मूल निवासियों से कोई लेना-देना नहीं है, जिनके लिए बाहरी लोग ही सबकुछ हैं, आखिर कब तक हम ऐसे व्यक्ति को सुनते रहेंगे। स्थानीय स्तर के सामान्य एवं आदिवासी वर्ग के नेताओं को उन्होंने स्थानीय राजनीति से अलग कर दिया है। विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर वे क्षेत्र के मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बातों को रखेंगी। उन्होंने कहा इनके कार्यक्रम से उन्हें कोई लेना-देना नहीं है। विश्व आदिवासी दिवस पर उनका पृथक से आयोजन दिन में नौ से एक बजे तक होगा। शांति देवी ने कहा मंत्री अमरजीत भगत को अपने विधानसभा क्षेत्र के बाहर के लोगों पर ’यादा विश्वास है। आयोग में उन्होंने जितनी भी नियुक्ति कराई है, एक भी आदिवासी को कहीं सदस्य नहीं बनाया गया, अधिकतर लोग सीतापुर क्षेत्र से बाहरी हैं। ये उनके साथ दौरे में अंबिकापुर से ही भीड़ बढ़ाने आते हैं। पुराने नेताओं को दरकिनार कर उनके राजनीतिक भविष्य को खत्म कर दिया गया है। विधायक मद का लगातार दुरुपयोग किया है। अपने चार वर्ष के कार्यकाल में एक रुपये भी विकास के नाम पर नहीं दिया है। स्वे‘छानुदान राशि मंत्रियों के विवेकाधिकार का मामला है। इसका लाभ अधिकतर आईटीआर भरने वाले लोगों को मिला है। क्षेत्र के आदिवासी, पिछड़े लोगों के नाम पर बहुत कम राशि जारी हुई है। आरोप है कि जिसके नाम पर राशि आती है, उनसे आधा से ’यादा राशि वापस ले ली जाती है।
जनपद अध्यक्ष ने दावा किया कि वर्तमान में छाीसगढ़ के खाद्यमंत्री एवं स्थानीय विधायक अमरजीत भगत के विरोध में सीतापुर, बतौली, मैनपाट व अंबिकापुर लॉक के लगभग सभी पंचायत हैं। खासकर आदिवासी वर्ग में इनका विरोध चरम पर है। स्थानीय स्तर के महिला संगठन, महिला समूह सामाजिक संगठन सभी की मांग सीतापुर विस क्षेत्र में अपना प्रत्याशी बदलने और ऐसे व्यक्ति को टिकट देने की हे, जो स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दे। उन्होंने कहा हमारी लड़ाई स्थानीय विधायक से व्यक्तिगत नहीं, आदिवासियों व स्थानीय लोगों के स मान, क्षेत्र के विकास, स्थानीय मुद्दों, उनकी और हमारी सोच की भिन्नता को लेकर है। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी एवं प्रियंका गांधी ने कहा है कि चुनावों में सीटों के आवंटन में 40 प्रतिशत सीट महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाएंगे, जब पार्टी ऐसा मानती है तो हम बाहरी प्रत्याशी को कब तक ढोते रहेंगे। अमरजीत भगत सूरजपुर जिले से हैं, यही कारण है कि वे स्थानीय लोगों को प्राथमिकता नहीं देते। इनके कार्यकाल में सीतापुर विधानसभा क्षेत्र में लगातार जल, जंगल, जमीन खतरे में है, चाहे वह मैनपाट का मामला हो अथवा बतौली में चल रहे संघर्ष का।
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