अंबिकापुर,29 जुलाई 2023 (घटती घटना) निजी अस्पताल का बिल पटाने के लिए परिजन को दो एकड़ में धान लगे जमीन को गिरवी रखना पड़ा। जमीन गिरवी रखकर अस्पताल का बिल पटाया। इसके बावजूद भी महिला की जान नहीं बचा सकी। इधर रुपए खत्म होने पर निजी अस्पताल द्वारा मात्र तीन दिन इलाज करने के बाद उसे मेडिकल कॉलज अस्पताल रेफर कर दिया। अंतत: महिला की मौत हो गई। महिला एक सप्ताह पूर्व पति से नाराज होकर फांसी लगा ली थी।
जानकारी के अनुसार प्रमीला नगेशिया पति मोटू राम नगेशिया उम्र 35 वर्ष दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम कुबेरपुर की रहने वाली थी। वह 22 जुलाई को पति से क्षुध होकर घर में फांसी लगा ली थी। पति उसे फंदे से उतारकर इलाज के लिए करजी एक निजी क्लिनिक में ले गया। यहां के डॉक्टर ने महिला की स्थिति को गंभीर देखते उसे अपने वाहन में लेकर शहर के एक निजी अस्पताल में लेजाकर भर्ती करा दिया। भर्ती कराते ही निजी अस्पताल का बिल शुरू हो गया। निजी अस्पताल प्रबंधन की मनमानी इतनी है कि मात्र तीन दिन के çइलाज में 43 हजार रुपए आईसीयू चार्च सहित अन्य इलाज का खर्च 60 हजार रुपए मरीज के परिजन से वसूलने के बाद और रुपए की मांग की जा रही थी। इधर परिजन ने कहा कि 60 हजार रुपए जमा कर दिया हूं और रुपए हम लोगों के पास नहीं है। इसके बाद निजी अस्पताल प्रबंधन मरीज को सोमवार की रात को बिना ठीक किए ही उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ले जाने की बात कह कर डिस्चार्ज कर दिया। इधर परिजन रात को में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती करवाया। यहां इलाज के दौरान शनिवार की सुबह महिला की मौत हो गई। मृतका के पति व उसके परिजन ने बताया कि हम लोग मरीज को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराना चाह रहे थे। पर करजी के डॉक्टर स्वयं के वाहन में मरीज को लोकर शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। इधर निजी अस्पताल की मनमानी के आगे हम लोगों को धान लगा 2 एकड़ जमीन 60 हजार रुपए में गिरवी रखना पड़ा। जमीन गिरवी रखकर निजी अस्पताल का बिल भुगतान किया। मृतका के पति मोटू ने कहा कि इसके बावजूद भी मेरी पत्नी की जान नहीं बच पाई।
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