अंबिकापुर,१2 मई 2023 (घटती-घटना)। सोशल मीडिया में अभी कुछ समय से एक भ्रामक मैसेज व्यापारी बंधुओं के मोबाइल पर भेजे जा रहे हैं कि दुकान के सामने बोर्ड ना लगाए जाने पर 50000.00 से 5 लाख तक आर्थिक दंड जीएसटी विभाग द्वारा लगाया जाऐगा, ऐसा अभियान 16 मई से विभाग प्रारंभ करेगा। ऐसे मैसेज पर टैक्स अधिवक्ता एवं भाजपा के जिला सह कोषाध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने प्रतिक्रिया देते हुऐ बताया कि ऐसे मैसेज सभी ग्रुप में भेजकर व्यापारियों के बीच जीएसटी के प्रति नकारात्मकता फैलाने जैसा ही है, जबकि इसके विपरीत विभाग द्वारा व्यापारियों के स्थल सत्यापन पर तत्काल आर्थिक दंड लगाने का कोई प्रावधान जीएसटी में नहीं है बल्कि रूल 18 (1) एवं 18(2) के तहत यदि स्थल पर पंजीयन का बोर्ड नहीं पाया जाता है तो डीलर को एक प्रारंभिक नोटिस देने का प्रावधान है ताकि नोटिस की अवधि अधिकतम 30 दिन समाप्ति के पुर्व डीलर एक बोर्ड व्यापार के नाम,पंजीयन पता के साथ लगवा ले। यदि इसके बावजूद बोर्ड नहीं लगाया जाता है तब डी आर सी 7 आगे की कार्यवाही उपरांत जारी की जाएगी जिस पर अधिकतम आर्थिक दंड सीजीएसटी पच्चीस हजार और एसजीएसटी पच्चीस हजार सुनवाई का युक्ति युक्त अवसर देने के उपरांत ही लगाया जाएगा।
व्यापार स्थल पर बोर्ड लगाने का प्रावधान सेल्स टैक्स एवं वैट के समय से ही है जिसका उददेशय यह है कि व्यापारी के कार्य स्थल पर लिये गए पंजीयन और बेची जाने वाली वस्तु की प्रामाणिकता सिद्ध हो सके। व्यापारी बंधुओं को व्यापार की सुगमता और नियमों के पालन में बोर्ड लगाना सदैव उचित और न्याय संगत ही है।।
आश्चर्यजनक तो यह है कि छग की कांग्रेस सरकार नियमों के विपरीत प्रसारित किये जा रहे ऐसे भ्रामक मैसेज पर कार्यवाही क्यों नहीं कर रही जबकि माननीय सुप्रीम कोर्ट के न्याय दृष्टांत व्यापारियों को सुनवाई का उचित अवसर देने हेतु जारी नोटिस की मियाद और समय सीमा के नियमों पर गंभीर है।
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