स्कूल जाने वाले बच्चों के माता-पिता के लिए यह महत्त्वपूर्ण है कि वे तकनीक के इस्तेमाल के मामले में सीमाएँ तय करें। यहाँ एक विशेषज्ञ गाइड है जो आपको बताती है कि कैसे स्क्रीन की लत, मादक पदार्थों की लत की तरह,डोपामाइन के स्तर में वृद्धि पैदा करने के लिए जानी जाती है। स्क्रीन पर जितना ज़्यादा समय बिताएंगे,बच्चे के …
Read More »संपादकीय
@छठ पूजा पर विशेष@सूर्य उपासना का पर्व है छठ पूजा
ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत सूर्य है। इस कारण शास्त्रों में सूर्य को भगवान मानते हैं। सूर्य के बिना कुछ दिन रहने की जरा कल्पना कीजिए। इनका जीवन के लिए इनका रोज उदित होना जरूरी है। कुछ इसी तरह की परिकल्पना के साथ पूर्वोत्तर भारत के लोग छठ महोत्सव के रूप में इनकी आराधना करते हैं। छठ पूजा हिन्दुओं के …
Read More »@कविता @पुलक-ठुमक नव पग-पग चले नाथ
मुदित मन माता यशोमति को देखो,कान्हा संग मन से क्रीड़ा कर रही हैं।माथे मोर मुकुट सोहे पॉंव पैंजनिया,मोहिनी सुघर छवि मन लुभा रही हैं।पुलक-ठुमक नव पग-पग चलें नाथ,बॉकी छवि सभी के मन भा रही हैं,बन्द कारागार भी खामोश देखता,निरपराध वसुदेव-देवकी तड़प रही हैं।एक-एक पल का आनन्द-भोग भोगते,ग्वाल-बाल, बछड़े-गाय मोह रही हैं,संग जाते घर-घर माखन चुराते कृष्ण,ऑंख दृश्य रुचिकर स्वयं संजो …
Read More »@लेख@ जीवन-संघर्ष से पलायन,अकर्मण्यता की परिणीति
साहस और आत्मबल से जग जीतोअकर्मण्यता शारीरिक,मानसिक व्याधि और दशा है जो जीवन को निर्रथक बनाती है। इस अवस्था को तत्काल त्यागना चाहिए,और अपने जीवन के संघर्ष के लिए तैयार रखना चाहिए। मन ही मन यदि आपने किसी कठिन कार्य को करने का संकल्प ले लिया तो निरंतर जिजीविषा और संयम के साथ संघर्ष हर बड़ी जीत और सफलता के …
Read More »@कहानी @मंटोरा के बिहाव
मंटोरा के मन टोर दिए गय रहिस काबर के ओकर मन के बिहाव नइ होय रहिस फेर ददा के गोठ बात ल माने के मजबूरी रहिस,कोनो परकार ले खोलबहरा संग बिहाव कर लिहिस फेर मन नइ रहिस थोरकिन शुरू म ठीके ठाक रहिस फेर आजेकल के स्वछंद जिनगी अउ महतारी मन के दखल म ससुरारी जिनगी बनेच बिगड़त हे फेर …
Read More »लेख@ छठ पूजन का महत्व और प्रयोजन का कारण
भारत और विश्व में सूर्य के कई क्षेत्र हैं, जो आज भी उन नामों से उपलब्ध हैं। पर बिहार में ही छठ पूजा होने के कुछ कारण हैं। मुंगेर-भागलपुर राजधानी में स्थित कर्ण सूर्य पूजक थे। एक अन्य कथा है कि गया जिले के देव में सूर्य मन्दिर है। महाराष्ट्र के देवगिरि की तरह यहां के देव का नाम भी …
Read More »@कविता @भुईयां ह जम्मो सिरावत हे
भर्री,भाठा,धरसा,सरार,अउ परिया सिरावत हेशहरीकरण के सुरसा म,भुईंया हर लीलावत हजनसंख्या के बढ़ाई म,भुईंया कम होत जात हेजिनगी हर कईसे होही,सोंच के मन घबरात हे।अंधाधून रुखराई के, कटाई म जंगल नंदावत हेजंगल के जीव-जनावर ह,भूख म कलबलात हे।नदिया,नरवा दिनों-दिन, परिया होवत जावत हेभुईंया के बरदान म करिया बादर हर मंडरात हे।खेत-खार,के धान-पान हर अब घटते जावत हेबखरी-बारी के साग-भाजी हर घलो …
Read More »@कविता @सड़क दुर्घटना
हर दिन सड़क,दुर्घटना होता रहता हफिर भी लोंग,गाड़ी स्पीड से चलाते हैं!हमारी एक गलती से ,बहुत नुकसान होता हैं!इसमें न जाने,कौन क्या क्या खो देता हैं!गाड़ी चलाते समय,सावधानी बरतना हैं!ट्रैफिक के नियमों का,हमें पालन करना हैं!नशे से दुर रहना हैं,हेल्मेंट का प्रयोग करना हैं!संकेतों को देखकर,सडक पार करना हैं!कृष्णा चौहानअमेरी, तह.-बरमकेलासारंगढ़-बिलाईगढ़(छ.ग.)
Read More »लेख@ पके धान के खेत का स्वाद और सौंदर्य
हविष्यान्न में परिगणित धान (चावल) देवताओं के भोग-प्रसाद का अनिवार्य घटक है तो यज्ञ अनुष्ठान के ऋत्विज और होता के आहार का हिस्सा भी। यज्ञवेदी में अग्निदेव को समर्पित हवन समिधा में अक्षत, तिल और जौ का सहभागी है तो अतिथि-अभ्यागत के स्वागत सत्कार में प्रयुक्त रोली, चंदन, हल्दी का अभिन्न मीत भी। आमजन की दैनंदिन क्षुधापूर्ति का सहज साधन …
Read More »@ छठ विशेष लेख@छठ महापर्व
आज मैं बात कर रहा हूँ छठ पूजा की। यह हमारे लिए केवल एक पर्व नहीं बल्कि महापर्व है। यह त्योहार हमारे यहाँ की संस्कृति एवं संस्कार को प्रदर्शित करता है। इस महापर्व के कण-कण में जितनी शुद्धता है वह किसी अन्य पर्व में नहीं मिलती। छठी मैया सूर्यदेव की बहन और ब्रह्मदेव की मानस पुत्री हैं; जिनका आशीष हमपर …
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घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur