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संपादकीय

लेख@ स्ति्रयों के प्रति रुçढ़ढ़वादी मानसिकता देश के हित में नहीं

बालिकाओं और स्ति्रयों को केवल दया का पात्र समझकर उन्हें घर की चारदीवारी में ना रखें। अब समय आ गया है कि बालिकाओं को प्रारंभ से और स्ति्रयों को उचित मार्गदर्शन,प्रोत्साहन देकर परिवार समाज और राष्ट्रीय सहभागिता की मुख्यधारा में उत्तरोत्तर सहभागी बनाना चाहिए। आज स्त्री के संदर्भ में सारी पुरातन अवधारणाओं को बदलने का समय आ गया है । …

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लेख@ महाकुम्भ में स्नान से ज्यादा जरुरी है मन की पवित्रता

मान्यता है कि महाकुम्भ में प्रयागराज में संगम, गंगा नदियों के संगम में स्नान करने से पापों का नाश होता है, पुण्य मिलता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक महाकुंभ मेले का आयोजन किया जा रहा है। यहां हर वर्ष माघ मेला, हर छह साल में अर्ध कुंभ और हर …

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लेख@ यू.एस. इंडिया कॉम्पैक्ट चुनौतियाँ और अवसर

संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच बदलती गतिशीलता का इक्कीसवीं सदी में दुनिया के संगठित होने के तरीके पर बड़ा प्रभाव पड़ता है। इस साझेदारी की क्षमता को पूरी तरह से साकार करने के लिए, दोनों सरकारों को रणनीतिक बहुपक्षीय सम्बंधों, अर्थशास्त्र और रक्षा पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। मौजूदा हालात अमेरिका-भारत सम्बंधों के दीर्घकालिक विकास के …

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लेख@ बिखर रहे चूल्हे सभी,सिमटे आँगन रोज,नई सदी ये कर रही,जाने कैसी खोज

पिछले कुछ समय में पारिवारिक ढांचे में काफ़ी बदलाव हुआ है। मगर परिवारों की नींव का इस तरह से कमजोर पड़ना कई चीजों पर निर्भर हो गया है। अत्यधिक महत्त्वाकांक्षी होना ही रिश्ते टूटने की प्रमुख वज़ह है। जब परिवारों में होड लगनी शुरू हो जाये एवं एक दूसरे के सुख-दुख से ज़्यादा परस्पर प्रतिस्पर्धा का भाव जग जाये। समझना …

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लेख@ त्याग और समर्पण का अर्थ प्रेम

पृथ्वी के जैव जगत के सभी जीव में अपनों के प्रति प्रेम का भाव निश्चित तौर पर एक स्वाभाविक प्रक्रिया है।पर जैव जगत के सबसे विवेकवान प्राणी मानव आज कोई भी काज करता है,तो उस काज के प्रतिफल पर कुछ अपेक्षा और आशा रखता है।आज मानव संतान को जन्म देता है और अच्छे ढंग से परवरिश करता है बदले में …

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लेख@ सिर्फ लूटते हैं फर्जी ट्रैवल एजेंट,एजेंसी और वेबसाइट

भारत में…हाल ही में धोखाधड़ी करने वाली ट्रैवल एजेंसियों में उछाल आया है जो अयोग्य व्यक्तियों को विदेश भेजने का वादा करती हैं। भले ही बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया गया हो, लेकिन निस्संदेह अभी भी बड़ी संख्या में लोग धोखाधड़ी से काम कर रहे हैं। अवैध छुट्टियों के पैकेज, पंजीकरण धोखाधड़ी और मनोवैज्ञानिक दिमागी खेल का उपयोग …

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लेख@ वास्तविकता क्या है वैलेंटाइन डे मनाने का

हम सब मनुष्य लोग प्रेम का परिणाम हैं। प्रेम किसी को भी, किसी समय, किसी से हो सकता है। प्रेम जाति,धर्म, भाषा, क्षेत्र, उम्र आदि बातों को नहीं मानता। प्रेम केवल शारीरिक आकर्षण नहीं है बल्कि प्रेम अंतरात्मा की आवाज है। युगो युगांत्रों से हम प्रेम कहानियाँ सुनते आए हैं। भारत में प्रेम के इजहार के लिए मधुमास दिवस, प्यार …

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लेख@ भीख मांगने की प्रथा:मदद की गुहार या एक सुनियोजित धंधा?

भारत में भीख मांगना धार्मिक दान से जटिल सामाजिक-आर्थिक समस्या बन गई है। व्यस्त सड़क पर, हाथ बढ़ाना मदद के लिए पुकार जैसा लग सकता है, लेकिन इसमें अक्सर व्यवस्थित उपेक्षा, संगठित अपराध और शोषण का जाल छिपा होता है। सहानुभूति जीतने के लिए नशीले पदार्थ दिए जाने वाले शिशुओं से लेकर स्कूल से उठाकर सड़कों पर फेंक दिए जाने …

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@विश्व रेडियो दिवस पर विशेष@ रेडियो की मधुरिम यात्रा के स्मरण का दिन

सुनहरी और खट्टी-मिट्ठी स्मृतियों को सहेजे रेडियो अपनी जीवन-यात्रा का शतक पूरा कर आगे बढ़ रहा है। पूरी दुनिया में रेडियो ने श्रोता वर्ग से जो सम्मान और प्यार हासिल किया वह अन्य किसी माध्यम को न मिला और न कभी मिल सकेगा। विविध इंद्रधनुषी कार्यक्रमों के द्वारा रेडियो ने न केवल मनोरंजन, जागरूकता और शिक्षा संस्कार के वितान को …

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लेख@जीवन में संतुलन और काम की गुणवत्ता

कर्मचारियों के लिए सप्ताह में सत्तर और नब्बे घंटे काम के घंटे और भारत करने की बहस के बीच इस बार के देश के बजट के पहले आर्थिक सर्वेक्षण में यह दावा किया गया कि हफ्ते में साठ घंटे से ज्यादा काम करने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। दरअसल, हाल में काम कार्य संस्कृति को लेकर एक …

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