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कोरिया@ उज्ज्वला योजना से रसोई के धुएं से मिली राहत मुख्यमंत्री ने पत्र लिखकर जाना परिवार का हाल

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बच्चों की पढ़ाई और उज्ज्वल भविष्य की कामना की…
-संवाददाता-
कोरिया,07 नवम्बर 2026(घटती-घटना)।
दीपावली का पर्व खुशियों,अपनत्व और उपहारों का प्रतीक है,ऐसे में जब किसी परिवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री की ओर से आत्मीयता से भरा पत्र मिले,तो उसकी खुशी और भी खास हो जाती है,बैकुंठपुर विकास खंड के ग्राम भांडी निवासी श्रीमती चंदा पनिका के लिए इस बार दीपावली का एक यादगार उपहार डाक के माध्यम से पहुंचा, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पाती पाकर चंदा की खुशी का ठिकाना नहीं रहा,उन्होंने भावुक होकर कहा कि यह पत्र उनके लिए दीपावली का बड़ा उपहार है।
राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाओं के साथ मुख्यमंत्री की ओर से भेजे गए इस पत्र में केवल औपचारिक बधाई ही नहीं, बल्कि चंदा के परिवार का कुशलक्षेम पूछते हुए उनके दैनिक जीवन,बच्चों की पढ़ाई और परिवार की खुशहाली की कामना भी की गई है,पत्र में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से चंदा के जीवन में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए रसोई के धुएं से मिली राहत को महत्वपूर्ण बताया।
लकड़ी के चूल्हे से गैस कनेक्शन तक का सफर,रसोई में बदली जिंदगी– मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में चंदा को संबोधित करते हुए उनके पुराने दिनों की परेशानी का जिक्र किया है,पहले लकड़ी के चूल्हे पर भोजन बनाने के दौरान धुएं का सामना करना पड़ता था, खाना तैयार करने में अधिक समय और मेहनत लगती थी,अब घरेलू गैस कनेक्शन मिलने से रसोई का काम पहले की तुलना में आसान हुआ है,भोजन जल्दी तैयार हो जाता है और बचा हुआ समय घर के दूसरे जरूरी कामों में लगाया जा सकता है, मुख्यमंत्री ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्ज्वला योजना के माध्यम से माताओं-बहनों को चूल्हे के धुएं से राहत दिलाने की पहल की है,इस सुविधा का वास्तविक महत्व वही महिलाएं समझ सकती हैं, जो प्रतिदिन परिवार के लिए रसोई संभालती हैं। चंदा के जीवन में आई यह सहूलियत उनके लिए संतोष का विषय है।
बेटे अविक की पढ़ाई पूछी,नन्हे लक्ष्य को भेजा स्नेह-मुख्यमंत्री ने चंदा के बेटे अविक की पढ़ाई के बारे में जानकारी लेते हुए उसे मन लगाकर पढ़ने और खूब खेलने का संदेश दिया,वहीं छोटे बेटे लक्ष्य को स्नेह और आशीर्वाद भेजते हुए दोनों भाइयों के बीच प्रेम और आपसी सहयोग बनाए रखने की कामना की,बच्चों के भविष्य को लेकर मुख्यमंत्री ने लिखा कि उन्हें अच्छी शिक्षा मिले,वे अपनी रुचि और प्रतिभा को पहचानें तथा आत्मविश्वास के साथ अपने जीवन का रास्ता चुन सकें,विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के संकल्प का उल्लेख करते हुए उन्होंने बच्चों को भविष्य में आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने के अवसर मिलने की कामना की।
घर की जिम्मेदारियों के बीच अपनी सेहत का भी रखें ध्यान- मुख्यमंत्री ने चंदा को यह संदेश भी दिया कि परिवार और घर की जिम्मेदारियों के बीच वे अपनी सेहत और आराम का ध्यान रखना न भूलें,ग्राम भांडी की अन्य बहनों और परिवारों को भी जोहार भेजते हुए उनके घरों में सुख-शांति, समृद्धि और बच्चों की हंसी-खुशी बनी रहने की शुभकामनाएं दीं।
एक पत्र ने बढ़ाया अपनत्व का एहसास-चंदा पनिका के लिए मुख्यमंत्री की यह पाती महज एक सरकारी पत्र नहीं,बल्कि उनके परिवार को मिला आत्मीय संदेश बन गई है,उज्ज्वला योजना से रसोई में मिली सुविधा का उल्लेख,पति के परिश्रम की सराहना और बच्चों के भविष्य की चिंता ने पत्र को उनके लिए खास बना दिया,दीपावली के अवसर पर मिली इस पाती ने उनके घर में त्योहार की खुशियों के साथ एक अलग तरह का अपनत्व भी जोड़ दिया।
पति के परिश्रम और मां की मेहनत को भी पत्र में मिला सम्मान
मुख्यमंत्री ने पत्र में चंदा के पति डिपेन्द्र कुमार को भी शुभकामनाएं दीं,परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए उनके परिश्रम और घर-परिवार की जिम्मेदारियां निभाने में चंदा के योगदान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि माता-पिता की मेहनत बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव होती है,पत्र में यह आत्मीयता भी दिखाई देती है कि मुख्यमंत्री ने केवल योजना के लाभ तक बात सीमित नहीं रखी,बल्कि परिवार के सदस्यों का हाल जाना और उनके जीवन से जुड़े छोटे-छोटे पहलुओं को भी स्थान दिया।


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