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सूरजपुर@ चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण से कांग्रेस के आरोपों पर स्थिति स्पष्ट : चंद्रमणि पैकरा

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भाजपा ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर साधा निशाना,कहा…संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर उठाए जाने चाहिए
-संवाददाता-
सूरजपुर,29 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)।
भारत निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर दिए गए संयुक्त स्पष्टीकरण के बाद भाजपा ने कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना साधा है,सूरजपुर स्थित भाजपा कार्यालय अटल कुंज में आयोजित पत्रकार वार्ता में जिला पंचायत सूरजपुर की अध्यक्ष चंद्रमणि पैकरा ने कहा कि निर्वाचन आयोग के स्पष्टीकरण के बाद एसआईआर को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों पर स्थिति स्पष्ट हुई है।
चंद्रमणि पैकरा ने कहा कि निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते समय राजनीतिक दलों को तथ्यों और प्रमाणों को सामने रखना चाहिए,उन्होंने कांग्रेस और विशेष रूप से राहुल गांधी से आयोग की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण के बाद अपने आरोपों पर पुनर्विचार करने तथा देश की जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करने की मांग की, निर्वाचन आयोग ने हाल में कहा है कि एसआईआर से जुड़े अंतिम निर्णय तीन सदस्यीय आयोग की सहमति से लिए गए थे,आयोग की ओर से यह भी कहा गया कि विचार-विमर्श के दौरान सवाल या टिप्पणियां होना अलग बात है, लेकिन अंतिम आदेशों पर औपचारिक असहमति दर्ज नहीं की गई और संबंधित आदेशों पर तीनों सदस्यों के हस्ताक्षर हैं।
विपक्ष के दावों पर आयोग ने दिया स्पष्टीकरण-पत्रकार वार्ता में चंद्रमणि पैकरा ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस और विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग के भीतर मतभेद होने के दावे किए जा रहे थे, उनके अनुसार आयोग के संयुक्त बयान के बाद इस विषय पर आयोग का पक्ष सामने आ गया है, उन्होंने कहा कि कांग्रेस यदि निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है तो उसे अपने आरोपों के समर्थन में तथ्य और प्रमाण भी सार्वजनिक करने चाहिए,चंद्रमणि पैकरा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रही है, जबकि भाजपा ऐसी संस्थाओं की निष्पक्षता और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता के पक्ष में है, हालांकि,एसआईआर को लेकर कांग्रेस की ओर से निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल अब भी उठाए जा रहे हैं,राहुल गांधी ने 24 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की थी।
राहुल गांधी से माफी की मांग-चंद्रमणि पैकरा ने कहा कि यदि चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से कांग्रेस और विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों का आधार कमजोर पड़ता है,तो राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं को अपने बयानों पर सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है,लेकिन संवैधानिक संस्थाओं पर लगाए जाने वाले आरोपों के साथ प्रमाण भी होने चाहिए,उनके अनुसार बिना पर्याप्त तथ्यों के आरोप लगाने से जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर बहस के बीच राजनीतिक टकराव-एसआईआर को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव पिछले कुछ दिनों में तेज हुआ है। कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए हैं,जबकि भाजपा ने आयोग के स्पष्टीकरण को आधार बनाकर कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया है,26 सितंबर को आयोग ने भी एसआईआर से जुड़े फैसलों को तीनों निर्वाचन आयुक्तों की सहमति से लिए जाने की बात दोहराई,भाजपा का कहना है कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। पार्टी नेताओं का तर्क है कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं,लेकिन चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की चर्चा आधिकारिक दस्तावेजों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए।
फॉर्म-6 को लेकर भी भाजपा ने उठाया मुद्दा
पत्रकार वार्ता में फॉर्म-6 को लेकर भी चर्चा हुई, चंद्रमणि पैकरा ने कहा कि जनता के बीच फॉर्म-6 और एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है,जबकि निर्वाचन आयोग ने अलग-अलग प्रक्रियाओं को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है,उन्होंने कहा कि पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए निर्वाचन प्रक्रिया में निर्धारित प्रावधान मौजूद हैं, उन्होंने रैन बसेरों,मजदूरों और बेघर लोगों तक पहुंचने तथा छूटे हुए पात्र नागरिकों से संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया।
लोकतांत्रिक संवाद तथ्यों पर आधारित हो…
चंद्रमणि पैकरा ने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा हैं और विपक्ष को सरकार तथा संस्थाओं से सवाल पूछने का अधिकार है, लेकिन उनका कहना है कि संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए जाने की स्थिति में तथ्यों और प्रमाणों को भी सामने रखा जाना चाहिए,उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के संयुक्त स्पष्टीकरण के बाद एसआईआर, आयोग के निर्णयों और उससे जुड़े विभिन्न विषयों पर आयोग का पक्ष जनता के सामने है,भाजपा ने कांग्रेस से अपील की कि वह संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा को लेकर जिम्मेदार राजनीतिक संवाद कायम करे।
भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद…

पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष मुरली मनोहर सोनी, पूर्व भाजपा महामंत्री राजेश महलवाला, जिला प्रवक्ता मुकेश गर्ग, भाजपा जिला मंत्री दीपक गुप्ता, भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष देव गुप्ता, मुकेश साहू, सहीम अंसारी, सोनू साहू और दीक्षित वर्मा सहित भाजपा एवं विभिन्न मोर्चा-प्रकोष्ठों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


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