जिला पंचायत सदस्य आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने कहा…जांच से सामने आए आत्महत्या के कारण,दोषी पाए जाने वाले पर हो कड़ी कार्रवाई
-संवाददाता-
अंबिकापुर,16 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)। शासकीय राजीव गांधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय की छात्रा की आत्महत्या के मामले में निष्पक्ष और तेज जांच की मांग उठी है। जिला पंचायत सदस्य आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने 16 सितंबर को पुलिस महा निरीक्षक,सरगुजा रेंज के नाम पत्र सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया है,पत्र में कहा गया है कि जांच के माध्यम से आत्महत्या के वास्तविक कारण सामने आने चाहिए और यदि किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
परिजनों ने छात्र नेता पर प्रताड़ना का लगाया आरोप-पुलिस महानिरीक्षक को दिए गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि पीजी कॉलेज की एक छात्रा की आत्महत्या का मामला सामने आने के बाद परिजनों ने एनएसयूआई के छात्र नेता ज्ञान तिवारी पर छात्रा को लगातार परेशान करने का आरोप लगाया था, परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और मोबाइल फोन भी जब्त किए, पत्र में कहा गया है कि आरोप और जांच की कार्रवाई के बीच छात्र नेता ज्ञान तिवारी को गिरफ्तार किया गया है, हालांकि छात्रा की आत्महत्या के पीछे वास्तविक कारण क्या था और आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होना बाकी है,मामले में पुलिस की कार्रवाई के संबंध में प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार ज्ञान तिवारी को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने छात्रा और आरोपी के मोबाइल जब्त कर तकनीकी साक्ष्यों की जांच शुरू की है।
परिजनों की मांग—हर पहलू की हो जांच- जिला पंचायत सदस्य ने अपने पत्र में कहा है कि छात्रा के परिजनों ने उनसे मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग रखी है, इसी के आधार पर उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक से मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया है,पत्र में इस बात पर जोर दिया गया है कि जांच केवल लगाए गए आरोपों तक सीमित न रहे,बल्कि आत्महत्या से जुड़े सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल की जाए। इससे यह स्पष्ट हो सके कि छात्रा ने इतना बड़ा कदम किन परिस्थितियों में उठाया।
तकनीकी साक्ष्य भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा-मामले में पुलिस द्वारा मोबाइल फोन जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है,प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक छात्रा और आरोपी के मोबाइल से कुछ चैट डिलीट होने की बात सामने आई है और पुलिस तकनीकी माध्यमों से इन्हें रिकवर करने का प्रयास कर रही है,ऐसे में डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल डेटा और संबंधित व्यक्तियों के बयान जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
राजनीतिक और छात्र संगठनों की गतिविधियां भी सामने आईं…
छात्रा की मौत के बाद मामले ने छात्र राजनीति का रूप भी ले लिया था,एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने गांधीनगर थाने के बाहर प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की थी। वहीं कांग्रेस की ओर से भी आरोपी छात्र नेता के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई की जानकारी सामने आई है,इस बीच पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भी मामले में निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
अब जांच की निष्पक्षता पर नजर
पुलिस के सामने अब छात्रा की आत्महत्या से जुड़े घटनाक्रम,परिजनों और सहेलियों के बयान,मोबाइल व डिजिटल साक्ष्य तथा आरोपी से संबंधित सभी तथ्यों की जांच की चुनौती है,जिला पंचायत सदस्य द्वारा पुलिस महानिरीक्षक को दिए गए पत्र में भी इसी बिंदु पर जोर दिया गया है कि जांच निष्पक्ष और गंभीरता से हो,ताकि मामले की वास्तविकता सामने आ सके और यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई हो।
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