भूपेश बघेल,ताम्रध्वज साहू और राजेश तिवारी ने संभाले अलग-अलग सत्र
दीपक बैज ने बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर दिया जोर,अंतिम दिन चरणदास महंत करेंगे प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित
-संवाददाता-
अंबिकापुर,16 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)। सरगुजा संभाग में कांग्रेस के तीन दिवसीय संभाग स्तरीय प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन बुधवार को संगठन निर्माण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया, सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक चले प्रशिक्षण में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल,पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू,एआईसीसी सचिव राजेश तिवारी,प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज सहित विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने अलग-अलग सत्रों में ब्लॉक अध्यक्षों और मास्टर ट्रेनरों को संबोधित किया। दूसरे दिन कुल सात सत्र आयोजित किए गए,सरगुजा संभाग के छह जिलों के 49 संगठनात्मक ब्लॉक अध्यक्ष और 12 मास्टर ट्रेनर इस प्रशिक्षण प्रक्रिया में शामिल हैं,तीन दिवसीय शिविर का उद्देश्य संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करते हुए प्रशिक्षण को आगे मंडल और बूथ स्तर तक पहुंचाना बताया गया है।
भगवान गणेश की पूजा से हुई दूसरे दिन की शुरुआत
प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज सहित सभी प्रशिक्षकों और प्रशिक्षणार्थियों ने प्रशिक्षण स्थल पर स्थापित भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के साथ सत्रों की शुरुआत की,इसके बाद संगठनात्मक गतिविधियों के साथ दिनभर अलग-अलग विषयों पर प्रशिक्षण और संवाद का दौर चला, सुबह 7 बजे कांग्रेस सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष अरुण ताम्रकार,सरगुजा संभाग प्रभारी विनीत विशाल जायसवाल और जिला कांग्रेस अध्यक्ष लोकेश कुमार के नेतृत्व में कांग्रेस ध्वज फहराया गया,इसके बाद करीब एक घंटे तक योग प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें योग प्रशिक्षक अजय तिवारी ने प्रशिक्षणार्थियों को योगाभ्यास कराया।
धर्म और धर्मनिरपेक्षता पर भूपेश बघेल का सत्र
दूसरे दिन के प्रमुख सत्रों में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने‘राजनीति में धर्म के उपयोग और धर्मनिरपेक्षता’विषय पर प्रशिक्षणार्थियों से संवाद किया,अपने संबोधन में बघेल ने भाजपा की राजनीति और धर्म के उपयोग को लेकर आलोचनात्मक राजनीतिक टिप्पणी की,उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपनी सरकार की विफलताओं को छिपाने के लिए धार्मिक मुद्दों के जरिए सामाजिक विभाजन पैदा करने का प्रयास करती है, उन्होंने कहा कि अब सरकार की विफलताओं और जनसमस्याओं पर खुलकर चर्चा हो रही है, यह राजनीतिक आरोप पूर्व मुख्यमंत्री बघेल की ओर से व्यक्त किया गया दृष्टिकोण है,प्रशिक्षण में धर्म और धर्मनिरपेक्षता के राजनीतिक प्रभावों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पार्टी के नजरिए से जानकारी दी गई,अन्य स्रोतों ने भी दूसरे दिन बघेल के धर्म और धर्मनिरपेक्षता विषयक सत्र की पुष्टि की है।
दीपक बैज ने बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर दिया जोर-दूसरे दिन के अंतिम प्रमुख सत्र में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने संगठन निर्माण,संगठन की जिम्मेदारियों और उसके महत्व पर प्रशिक्षण दिया,उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया,ब्लॉक अध्यक्षों और मास्टर ट्रेनरों को यह जिम्मेदारी दी जा रही है कि प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को आगे मंडल और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं तक पहुंचाया जाए, सरगुजा में आयोजित यह शिविर कांग्रेस के संभागवार प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा है। इससे पहले बस्तर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग में भी इस तरह के प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा चुके हैं,सरगुजा शिविर में कुल 12 सत्रों के माध्यम से संगठनात्मक प्रशिक्षण की रूपरेखा तैयार की गई है।
संचार और सोशल मीडिया को भी प्रशिक्षण का हिस्सा बनाया-शिविर में बदलते राजनीतिक और सामाजिक संचार के दौर को देखते हुए संचार और सोशल मीडिया को भी प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया,कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने संचार व्यवस्था और ‘संचार सदनों’ के उपयोग से जुड़े विषयों पर जानकारी दी,उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका को लेकर पार्टी के दृष्टिकोण पर भी बात रखी तथा‘छद्म राष्ट्रभक्ति’ जैसे राजनीतिक विमर्श से जुड़े मुद्दे उठाए,वहीं सोशल मीडिया के सत्र में मणि वैष्णव ने डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका और सोशल मीडिया के माध्यम से संगठनात्मक गतिविधियों को लोगों तक पहुंचाने के तौर-तरीकों पर जानकारी दी।
दीपक मिश्रा ने ऑनलाइन व्यवस्थाओं तथा कांग्रेस के ‘कनेक्ट कांग्रेस’ से जुड़े प्रक्रियात्मक विषयों की जानकारी दी,दूसरे दिन के प्रशिक्षण में संगठन के पारंपरिक ढांचे के साथ डिजिटल संचार को जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिखाई दिया,अन्य रिपोर्टों में भी शिविर के दौरान सोशल मीडिया और ऑनलाइन संगठनात्मक व्यवस्था से जुड़े सत्र आयोजित किए जाने की पुष्टि हुई है।
अंतिम दिन चरणदास महंत छात्रों और पेपर लीक के मुद्दे पर करेंगे संबोधन– तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का अंतिम दिन 17 सितंबर को आयोजित होगा,अंतिम दिन नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करेंगे,प्रस्तावित सत्र में पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। महंत के अंबिकापुर पहुंचने की जानकारी भी दी गई है, प्रशिक्षण के समापन अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों और मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण पूर्ण करने के प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।
मास्टर ट्रेनरों के जरिए बूथ तक पहुंचेगा प्रशिक्षण-कांग्रेस संगठन सृजन अभियान के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण की अगली कड़ी इसे बूथ स्तर तक ले जाना है। प्रशिक्षण में शामिल मास्टर ट्रेनर आगे मंडल और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक गतिविधियों,जनसंपर्क और पार्टी के कार्यक्रमों से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण देंगे, प्रभारी महामंत्री संगठन मलकीत गैदू ने कहा कि प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाणपत्र दिए जाएंगे और उम्मीद है कि प्रशिक्षण की यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी, उनका जोर इस बात पर रहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से संगठनात्मक गतिविधियां केवल ब्लॉक स्तर तक सीमित न रहें, बल्कि बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचें।
सत्ता और संगठन के बीच समन्वय पर ताम्रध्वज साहू ने दिया प्रशिक्षण
पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने‘सत्ता और संगठन में समन्वय’ विषय पर प्रशिक्षण दिया, उन्होंने कहा कि सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय रहने से जनता की अपेक्षाओं और समस्याओं को शासन तक पहुंचाने तथा उनके समाधान की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जा सकता है,उन्होंने संगठन के छोटे से छोटे कार्यकर्ता की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं को अपने क्षेत्र की समस्याओं और जनता से जुड़े मुद्दों को संगठन तथा सरकार के सामने उठाना चाहिए,उनके मुताबिक संगठन केवल पदाधिकारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की सक्रियता से ही प्रभावी होता है, ताम्रध्वज साहू के इसी विषय पर प्रशिक्षण देने की पुष्टि अन्य रिपोर्टों में भी हुई है।
जल-जंगल-जमीन और पेसा कानून पर राजेश तिवारी का फोकस
एआईसीसी सचिव राजेश तिवारी ने आदिवासी समुदाय के विकास और कांग्रेस की भूमिका से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया,उन्होंने आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन से जुड़े संघर्ष तथा अधिकारों पर विस्तार से चर्चा की,प्रशिक्षण में पेसा कानून के प्रावधानों को भी प्रमुखता से रखा गया। आदिवासी क्षेत्रों में स्थानीय स्वशासन और ग्रामसभा की भूमिका से जुड़े प्रावधानों की जानकारी प्रशिक्षणार्थियों को दी गई,सरगुजा संभाग में आदिवासी आबादी और वन क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक विमर्श का हिस्सा रहे हैं, ऐसे में प्रशिक्षण के दौरान इन विषयों को संगठनात्मक स्तर पर कार्यकर्ताओं तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
12 सत्रों में संगठन को जमीनी स्तर तक ले जाने की कवायद
सरगुजा संभाग के छह जिलों के 49 ब्लॉक अध्यक्षों और 12 मास्टर ट्रेनरों को शामिल कर आयोजित यह शिविर कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान की संभागीय कड़ी है, तीन दिनों में कुल 12 सत्रों की योजना है, जिनमें संगठन, राजनीतिक विषय, जनसंपर्क,संचार,सोशल मीडिया और जमीनी स्तर की गतिविधियों से जुड़े अलग-अलग पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है, दूसरे दिन सात सत्रों के दौरान वरिष्ठ नेताओं और प्रशिक्षकों ने अलग-अलग विषयों पर अपनी बात रखी,अब अंतिम दिन होने वाले सत्रों के साथ शिविर का औपचारिक समापन होगा और प्रशिक्षित ब्लॉक अध्यक्षों तथा मास्टर ट्रेनरों की जिम्मेदारी अपने-अपने क्षेत्रों में संगठनात्मक प्रशिक्षण को आगे बढ़ाने की होगी।
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