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बैकुंठपुर/कोरिया@ अध्यक्ष पद की दौड़ तेज…संजय ने कार्ड से गिनाईं उपलब्धियां,प्रशांत ने घर-घर बांटे दीपक

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बैकुंठपुर में दावेदारों ने शुरू किया जनसंपर्क का अलग-अलग अंदाज,काम और संकल्प के साथ जनता तक पहुंचने की कोशिश
-रवि सिंह-
बैकुंठपुर/कोरिया,16 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)
। दिसंबर 2026 में प्रस्तावित बैकुंठपुर नगर पालिका चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल अब धीरे-धीरे दावेदारों के जनसंपर्क अभियान में बदलती दिखाई दे रही है,अध्यक्ष पद के संभावित दावेदार अब केवल पार्टी के भीतर अपनी दावेदारी रखने तक सीमित नहीं हैं,बल्कि अलग-अलग माध्यमों से जनता के बीच अपनी पहचान,उपलब्धियां,विचार और भविष्य की योजनाएं सामने रख रहे हैं।
इसी क्रम में तीन बार निर्वाचित पार्षद संजय जायसवाल ने अपने कार्यों,संघर्ष और नगर के लिए अपनी प्राथमिकताओं को सामने रखने वाला कार्ड वितरित कराया है,वहीं सीए प्रशांत गुप्ता की ओर से घर-घर दीपक पहुंचाने की पहल भी चर्चा में है,दोनों गतिविधियों का स्वरूप अलग है,लेकिन राजनीतिक संदेश एक ही है—अध्यक्ष पद की दौड़ में दावेदार अब जनता के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज कराने लगे हैं,हालिया स्थानीय रिपोर्टों में भी संजय जायसवाल की नगर पालिका से जुड़े मुद्दों पर लगातार सक्रियता का उल्लेख हुआ है, उन्होंने सामान्य सभा से पहले पेट्रोल-डीजल भुगतान और जलापूर्ति योजना सहित विभिन्न विषयों पर जांच एवं कार्रवाई की मांग उठाई थी।
संजय जायसवाल का कार्ड….संघर्ष से सेवा तक का संदेश-संजय जायसवाल द्वारा वितरित कराए गए कार्ड में उनकी राजनीतिक और सामाजिक यात्रा के साथ-साथ नगर के विकास को लेकर उनके विचारों को प्रमुखता दी गई है,कार्ड में उन्हें तीन बार निर्वाचित पार्षद और समाजसेवी के रूप में प्रस्तुत किया गया है, कार्ड में नगर की राजनीति में उनके संघर्ष,जनता के मुद्दों को उठाने और विभिन्न मामलों में आंदोलन किए जाने का उल्लेख है। साथ ही अध्यक्ष बनने की स्थिति में जनता के साथ बैठक कर शहर के लिए 100 दिनों का रोडमैप तैयार करने की बात कही गई है,उनके संदेश में यह भी कहा गया है कि अध्यक्ष का कार्यालय केवल कार्यालय तक सीमित नहीं रहना चाहिए,बल्कि व्यवस्था को जनता के बीच पहुंचना चाहिए,कार्ड में प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल की बैठक, नगर पालिका परिषद की बैठक और प्रत्येक सप्ताह जनदर्शन जैसे प्रस्तावों का उल्लेख किया गया है,इस तरह संजय जायसवाल ने अपनी दावेदारी को केवल व्यक्तिगत राजनीतिक इच्छा के रूप में नहीं, बल्कि नगर पालिका की कार्यप्रणाली और जनभागीदारी से जोड़कर जनता के सामने रखने का प्रयास किया है।
एक तरफ अनुभव,दूसरी तरफ नई पीढ़ी का दावा-संजय जायसवाल की प्रचार सामग्री में लंबे समय के पार्षदीय अनुभव और मुद्दों पर संघर्ष को आधार बनाया गया है,वहीं प्रशांत गुप्ता जैसे युवा दावेदारों की गतिविधियों में नई शैली और नए तरीके से जनता तक पहुंचने की कोशिश दिखाई दे रही है,यहीं से बैकुंठपुर चुनाव की एक महत्वपूर्ण तस्वीर उभरती है…क्या अध्यक्ष पद के लिए दावेदार अपनी पुरानी राजनीतिक सक्रियता और अनुभव के आधार पर जनता के बीच जाएंगे या नई सोच, नई कार्यशैली और नए जनसंपर्क मॉडल को सामने रखेंगे? हालांकि अंतिम रूप से टिकट किसे मिलेगा,यह संबंधित राजनीतिक दल के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा। अभी दावेदारों की गतिविधियां मुख्यतः अपनी दावेदारी को जनता और संगठन दोनों के सामने मजबूत करने की दिशा में दिखाई दे रही हैं।
कार्ड में लिखे वादे बनाम जमीन पर सवाल-चुनावी मौसम में सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि प्रचार सामग्री में दर्ज वादे और प्राथमिकताएं जनता के सामने कितनी प्रभावी ढंग से रखी जाती हैं। सड़क,पानी, नाली,स्ट्रीटलाइट,स्वच्छता,पार्किंग,बाजार व्यवस्था और रोजगार जैसे स्थानीय मुद्दे सीधे नगरवासियों के रोजमर्रा के जीवन से जुड़े हैं, इसलिए आने वाले दिनों में दावेदारों के बीच मुकाबला केवल ‘कौन कितना प्रचार कर रहा है’ तक सीमित नहीं रहेगा,जनता के बीच यह सवाल भी उठेगा कि कौन दावेदार नगर की समस्याओं को कितनी स्पष्टता से समझता है और उनके समाधान की क्या कार्ययोजना सामने रखता है।
भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ संघर्ष को बनाया आधार
संजय जायसवाल के प्रचार सामग्री में नगर पालिका और अन्य विभागों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं के खिलाफ उनके द्वारा उठाई गई आवाज को भी प्रमुख स्थान दिया गया है, कार्ड में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक मामले,दस्तावेज प्रस्तुत करने के बाद संबंधित अधिकारी के स्थानांतरण तथा बाद की न्यायिक कार्रवाई को उनके संघर्ष का हिस्सा बताया गया है,इसके अलावा नगर की सड़क,नाली,जल व्यवस्था,स्ट्रीट लाइट,आवास और अन्य नागरिक सुविधाओं को लेकर उनकी प्राथमिकताएं भी दर्ज हैं,हालिया रिपोर्टों के अनुसार भी जायसवाल ने नगर पालिका में डीजल-पेट्रोल भुगतान तथा जलापूर्ति पाइपलाइन कार्य को लेकर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है। ये उनके मौजूदा सार्वजनिक मुद्दों पर फोकस को दर्शाते हैं।
सीए प्रशांत गुप्ता ने दीपक के जरिए घर-घर पहुंचाया संदेश
दूसरी ओर अध्यक्ष पद के युवा दावेदारों में चर्चा में चल रहे सीए प्रशांत गुप्ता की ओर से घर-घर दीपक पहुंचाने की पहल सामने आई है, उनके प्रचार कार्ड में‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से जुड़े संदेश के साथ दीपक वितरण को जोड़ा गया है,यह पहल ऐसे समय सामने आई है जब भाजपा के भीतर बैकुंठपुर अध्यक्ष पद के लिए कई नाम चर्चा में हैं,प्रशांत गुप्ता के इस जनसंपर्क का तरीका पारंपरिक राजनीतिक प्रचार से कुछ अलग दिखाई देता है,घर-घर पहुंचकर दीपक देना सीधे परिवारों तक संपर्क बनाने का माध्यम बन रहा है, यानी एक ओर संजय जायसवाल अपने काम,संघर्ष और भविष्य के रोडमैप को जनता के सामने रख रहे हैं,तो दूसरी ओर प्रशांत गुप्ता सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम और व्यक्तिगत जनसंपर्क के जरिए अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं।


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