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डिंडो/बलरामपुर@अमानत में खयानतः चराने के लिए दिए बैल को मारकर खा गए मांस,चार आरोपी गिरफ्तार

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एक महीने पहले चराने के लिए सौंपा था बैल; हत्या कर मांस खाने का आरोप, पुलिस ने चारों को न्यायिक रिमांड पर भेजा जेल
डिंडो/बलरामपुर,20 अगस्त 2026 (घटती-घटना)।
चराने के लिए सौंपे गए बैल की कथित रूप से हत्या कर उसका मांस खाने के मामले में डिंडो पुलिस चौकी ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामला थाना त्रिकुंडा क्षेत्र का है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता समेत छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।
एक महीने पहले चराने के लिए दिया था बैल
पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता दशरथ सिंह, निवासी बैकुंठपुर खड़ारीपारा, ने चौकी डिंडो में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि करीब एक महीने पहले उसने अपना एक बैल गांव के रामगुलाब कोरवा को चराने के लिए दिया था। शिकायतकर्ता के मुताबिक 13 अगस्त 2026 को उसे सूचना मिली कि रामगुलाब कोरवा और उसके साथियों ने मिलकर बैल की हत्या कर उसका मांस खा लिया है। इसके बाद 18 अगस्त को ग्रामीणों की मौजूदगी में रामगुलाब से पूछताछ की गई, जिसमें उसके द्वारा बैल को मारकर खाने की बात स्वीकार किए जाने की जानकारी शिकायत में दी गई।
शिकायत के बाद दर्ज हुआ अपराध
शिकायत के आधार पर चौकी डिंडो, थाना त्रिकुंडा में अपराध क्रमांक 63/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले में ख्हृस् की धारा 399, 3(5), छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1)(घ) के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की।
ये चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है—

रामगुलाब कोरवा (56), निवासी महादेवपुर

  • सुदर्शन कोरवा (58), निवासी बैकुंठपुर कोरवापारा
  • रामप्रसाद कोरवा (57), निवासी बैकुंठपुर कोरवापारा
  • सम्पतिया कोरवा (41), निवासी बैकुंठपुर कोरवापारा
    पुलिस ने चारों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक रिमांड पर रामानुजगंज न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
    पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
    आरोपियों की गिरफ्तारी में चौकी डिंडो के उप निरीक्षक नवल किशोर दुबे, सहायक उप निरीक्षक रामलगन सिंह, आरक्षक तेजूराम (790), आरक्षक रामपुकार सिंह (1022), आरक्षक शिवभजन सिंह पोर्चे (1002) एवं डीएसएफ नंदलाल गोस्वामी की सराहनीय भूमिका रही। चराने के लिए सौंपे गए पशु की कथित हत्या के इस मामले ने गांव में भी चर्चा बढ़ा दी है। पुलिस ने मामले में आगे की विवेचना जारी रखी है।

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