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अम्बिकापुर@झोलाछाप डॉक्टर के इंजेक्शन लगाने के बाद 3 साल के बच्चे की मौत

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-संवाददाता-
अम्बिकापुर,20 अगस्त 2026 (घटती-घटना)। कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम जमुआटांड़ निवासी 3 वर्षीय अबीष चेरवा की बुधवार शाम झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के बाद मौत हो गई। बच्चे को बुखार था। परिजन उसे सरनाडीह निवासी झोलाछाप डॉक्टर भुलेश्वर सिंह के पास लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि डॉक्टर ने घर पर ही बच्चे को इंजेक्शन लगाया। इसके बाद घर लौटते समय रास्ते में उसकी तबीयत बिगड़ गई और कुछ ही देर में मौत हो गई। मृतक के पिता रमेश चेरवा ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कोतवाली थाने में शिकायत की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों के अनुसार बच्चे को बुखार होने पर वे बुधवार शाम करीब 6 बजे उसे लेकर भुलेश्वर सिंह के पास पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि वह घर पर ही दवा और इंजेक्शन देकर इलाज करता है। डॉक्टर ने बच्चे को इंजेक्शन लगाया। इसके बाद परिजन उसे लेकर घर लौट रहे थे। करीब 5-10 मिनट बाद बच्चे की तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। घर पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत की सूचना मिलने पर परिजनों ने कोतवाली पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने गुरुवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। कोतवाली प्रभारी के अनुसार शिकायत मिली है कि बिना पंजीयन के इलाज करने वाले डॉक्टर ने बच्चे को इंजेक्शन लगाया था। बच्चे की मौत के कारणों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों का जाल
बलरामपुर समेत सरगुजा संभाग के ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज का चलन अब भी बना हुआ है। सामान्य बीमारी होने पर ग्रामीण स्थानीय स्तर पर ऐसे लोगों से इलाज कराते हैं। आरोप है कि कई जगह बिना चिकित्सकीय योग्यता और पंजीयन के दवा व इंजेक्शन दिए जाते हैं। ऐसे मामलों में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और कार्रवाई पर भी सवाल उठते रहे हैं।


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