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अम्बिकापुर@हाथी के हमले में किसान की मौत,सडक पर शव रखकर चक्काजाम

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खाद लेकर बाइक से घर लौट रहा था किसान,जंगल के पास हाथी ने किया हमला,मुआवजा और नौकरी की मांग
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,20 अगस्त 2026 (घटती-घटना)। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिंगरा में बुधवार शाम हाथी के हमले में 42 वर्षीय किसान रामलाल की मौत हो गई। किसान अपने साथी के साथ खाद लेकर बाइक से घर लौट रहा था। इसी दौरान सिंगरा जंगल के पास हाथी ने दोनों पर हमला कर दिया। साथी किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहा, लेकिन हाथी ने रामलाल को कुचलकर मार डाला।
घटना की जानकारी मिलने के बाद गुरुवार सुबह ग्रामीण और परिजन शव लेकर करीब पांच किलोमीटर दूर पोड़ी मोड़ चौक पहुंचे। यहां सडक पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया गया। ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को 20 लाख रुपए मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। जानकारी के अनुसार सिंगरा निवासी किसान रामलाल बुधवार दोपहर खाद लेने प्रतापपुर गया था। शाम को वह अपने एक साथी के साथ बाइक से घर लौट रहा था। सिंगरा जंगल के पास अचानक हाथी ने दोनों पर हमला कर दिया। हाथी को सामने देखकर साथी बाइक से उतरकर किसी तरह भाग निकला, लेकिन रामलाल उसकी चपेट में आ गया। हाथी के हमले में मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद साथी ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों ने शव उठाने नहीं दिया। गुरुवार सुबह परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण शव लेकर घटनास्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर पोड़ी मोड़ चौक पहुंचे। यहां शव को सडक पर रखकर चक्काजाम कर दिया गया। ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को 20 लाख रुपए मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार हाथियों की आवाजाही और हमले की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन वन विभाग की ओर से हाथियों की मौजूदगी और उनके विचरण क्षेत्र की पर्याप्त जानकारी ग्रामीणों को नहीं दी जाती। ग्रामीणों ने हाथियों से जान-माल की सुरक्षा के लिए स्थायी समाधान की मांग की।
प्रशासन और वन विभाग की टीम पहुंची : चक्काजाम की सूचना पर वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार हाथियों के हमले से लोगों की जान जा रही है। ऐसे में केवल तत्काल राहत के बजाय हाथियों से सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था की जरूरत है। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी रही। प्रशासन और वन विभाग की टीम ग्रामीणों से बातचीत कर चक्काजाम समाप्त कराने के प्रयास में जुटी रही।


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