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अम्बिकापुर@सरगुजा की सड़कों पर गड्ढे देखकर पवन साय का ‘पारा हाई’,मंत्री-नेताओं को फटकार…

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सीतापुर में गाड़ी फंसी तो उखड़े…अंबिकापुर की बदहाल सड़कें देखकर सातवें आसमान पर पहुंचा गुस्सा,बोले…मंत्री बन गए हो,सड़कें तो बनवाओ


-संवाददाता-
अम्बिकापुर,20 अगस्त 2026 (घटती-घटना)। सरगुजा की बदहाल सड़कों को लेकर अब नाराजगी विपक्ष ही नहीं,सत्ताधारी भाजपा के भीतर भी दिखाई देने लगी है। प्रदेश भाजपा संगठन महामंत्री पवन साय के अंबिकापुर दौरे के दौरान बुधवार रात और गुरुवार सुबह सड़कों की स्थिति को लेकर कथित तौर पर नेताओं और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को जमकर फटकार लगाने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में गर्म है। बताया जा रहा है कि 19 अगस्त को जशपुर से अंबिकापुर की ओर आते समय सीतापुर क्षेत्र में उनकी गाड़ी सड़क के गड्ढे में फंस गई। इसके बाद जब अंबिकापुर पहुंचने पर लुचकी घाट से खरसिया नाका तक सड़क की बदहाली सामने आई तो उनकी नाराजगी और बढ़ गई। शहर की सड़कें देखकर संगठन महामंत्री ने स्थानीय भाजपा नेताओं और पदाधिकारियों से जवाब-तलब किया।
सब ठेकेदार बन गए हैं,
संगठन का काम कौन करेगा?

सूत्रों के अनुसार रात में सर्किट हाउस पहुंचने के बाद पवन साय ने भाजपा जिला अध्यक्ष एवं प्रदेश पदाधिकारियों के समक्ष सड़कों और जनसमस्याओं को लेकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कथित तौर पर नेताओं से कहा कि ‘सभी ठेकेदार बन गए हैं, संगठन का काम कौन करेगा और जनता का काम कौन करेगा? जाओ जेसीबी लेकर सड़क का काम करवाओ।’ भाजपा नेताओं के बीच इस कथित फटकार की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि लंबे समय से अंबिकापुर और सरगुजा की सड़कों को लेकर जनता सवाल उठाती रही है। जगह-जगह गड्ढे,उखड़ी सड़कें और बारिश के बाद बढ़ती परेशानी आम लोगों के लिए रोजमर्रा की चुनौती बनी हुई है।
गड्ढों में फंस रही गाडि़यां,जिम्मेदारी भी कहीं फंस गई : अंबिकापुर की सड़कों की हालत पर सवाल लंबे समय से उठ रहे हैं। बारिश में गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा तक नहीं लग पाता। दोपहिया वाहन चालकों और स्कूली बच्चों के लिए स्थिति और जोखिमभरी हो जाती है। ऐसे में सवाल सिर्फ भाजपा या कांग्रेस का नहीं, जनता की सुरक्षा का है। सड़क निर्माण और मरम्मत पर सरकारी बजट खर्च होने के बावजूद यदि कुछ ही समय बाद सड़कें फिर उखड़ जाएं तो गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
मंत्री राजेश अग्रवाल से भी नाराजगी की चर्चा
20 अगस्त की सुबह मंत्री राजेश अग्रवाल के साथ मुलाकात के दौरान भी सड़कों को लेकर पवन साय की नाराजगी सामने आने की बात कही जा रही है। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने मंत्री से कहा कि ‘मंत्री बन गए हो,अंबिकापुर की सड़क जर्जर है,सीतापुर की सड़क जर्जर है,आखिर कर क्या रहे हो? जाकर सड़क बनवाओ।’ हालांकि इन कथित बातचीत की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वहीं यह भी चर्चा है कि सरगुजा के प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी से फोन पर सड़क और अन्य जनसमस्याओं को लेकर बातचीत की गई।
पोस्टर बड़े,सड़कें छोटी क्यों?
सरगुजा में राजनीतिक कार्यक्रमों और नेताओं के स्वागत के बड़े-बड़े पोस्टर भले ही नजर आते हों,लेकिन शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक सड़क की हालत देखकर आम आदमी का सवाल सीधा है-‘पोस्टर लगने से सड़क बनेगी या सड़क के लिए भी किसी दौरे का इंतजार करना पड़ेगा?’ संगठन महामंत्री के दौरे में सड़कों को लेकर हुई कथित नाराजगी ने भाजपा के स्थानीय नेताओं के लिए असहज सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर जिन जनप्रतिनिधियों और संगठन पदाधिकारियों को जनता की समस्याएं सबसे पहले पता चलनी चाहिए, उन्हें सड़क की बदहाली का अहसास कराने के लिए बाहर से आए संगठन महामंत्री की गाड़ी को गड्ढे में फंसना क्यों जरूरी हो गया?
आज नेताओं की बैठक, कल जनता का सवाल
पवन साय सरगुजा दौरे के दौरान जिला पदाधिकारियों,विधायक और सांसदों के साथ बैठक कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार बैठक में संगठन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी नेताओं को कड़ी नसीहत दी गई है। चर्चा यह भी है कि सरगुजा से भाजपा संगठन में कई नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं। ऐसे में संगठन महामंत्री ने कथित तौर पर सवाल उठाया कि यदि स्थानीय नेता आमजन की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं होंगे तो प्रदेश स्तर पर संगठन को मजबूत कैसे किया जाएगा? राजनीति में जनता के बीच जाने के लिए सड़क चाहिए और जनता की समस्याएं समझने के लिए उन्हीं सड़कों पर चलना भी पड़ता है। लेकिन जब सड़क ही गड्ढों में बदल जाए तो विकास के दावों की असली परीक्षा वहीं शुरू होती है। अब देखना यह है कि पवन साय की फटकार के बाद गड्ढे सिर्फ अस्थायी तौर पर भरे जाते हैं या अंबिकापुर-सरगुजा की सड़कों की स्थायी और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत होती है। क्योंकि जनता को गड्ढे भरने की फोटो नहीं,चलने लायक सड़क चाहिए।
फटकार के बाद शुरू हुई गड्ढा भराई?
सूत्रों के मुताबिक संगठन महामंत्री की नाराजगी के बाद स्थानीय स्तर पर कुछ ठेकेदारों को सड़क के गड्ढे भरने के लिए सक्रिय होने को कहा गया है। यदि ऐसा है तो सवाल यह है कि जनता की शिकायतों के बाद जो काम महीनों से नहीं हुआ,वह एक नेता की नाराजगी के बाद अचानक क्यों शुरू हो रहा है? जनता को किसी नेता के दौरे या फटकार का इंतजार नहीं होना चाहिए। सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए नियमित निरीक्षण,गुणवत्तापूर्ण निर्माण और समय पर मरम्मत व्यवस्था प्रशासन की जिम्मेदारी है।


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