शैलेश पाण्डेय बोले…मरीजों की जान से हो रहा खिलवाड़
बिलासपुर,10 जुलाई 2026। बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में गंभीर मरीज के एयरलिफ्ट को लेकर सामने आए विवाद ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। कांग्रेस ने अस्पताल प्रबंधन पर सीधे तौर पर मरीजों की जान से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। पूर्व विधायक शैलेश पाण्डेय और पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को अपोलो अस्पताल पहुंचा और वहां की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था पर कड़े सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि अस्पताल के अधिकारियों से चर्चा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि अस्पताल की तीनों एंबुलेंस पिछले तीन महीनों से बंद पड़ी हैं। यदि यह सही है तो प्रदेश के प्रमुख निजी अस्पतालों में शुमार अपोलो की आपातकालीन सेवाओं की वास्तविक स्थिति बेहद चिंताजनक है।
एयर एंबुलेंस विवाद से खुली व्यवस्था की परतें : मामला उस समय सुर्खियों में आया जब गंभीर रूप से बीमार एक मरीज को हैदराबाद रेफर किए जाने के दौरान एयर एंबुलेंस पहले दिन मरीज को ले जाने से इनकार कर गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल ने अपनी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई और न ही कोई विशेषज्ञ डॉक्टर या मेडिकल टीम मरीज के साथ भेजी। इसी घटना को आधार बनाकर कांग्रेस नेताओं ने अस्पताल की व्यवस्थाओं की पड़ताल की। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक मरीज का मामला नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की खामियों को उजागर करने वाला उदाहरण है।
‘करोड़ों का कारोबार,लेकिन जिम्मेदारी शून्य’ः जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने भी अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।उन्होंने कहा कि मरीज और उनके परिजन भारी भरकम खर्च इसलिए करते हैं क्योंकि उन्हें बेहतर चिकित्सा और सुरक्षा की उम्मीद होती है। केशरवानी ने कहा कि जिस अस्पताल में गंभीर मरीजों के लिए एंबुलेंस और रेफरल व्यवस्था ही दुरुस्त न हो, वहां की व्यवस्थाओं की समीक्षा जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रहा है।
सीईओ की अनुपस्थिति पर भी उठे सवाल : कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि उनके अस्पताल पहुंचने की सूचना मिलते ही अस्पताल के सीईओ वहां मौजूद नहीं रहे। हालांकि बाद में जनसंपर्क अधिकारी और कुछ डॉक्टरों ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल से चर्चा की। कांग्रेस का कहना है कि जनता से जुड़े इतने गंभीर सवालों पर शीर्ष प्रबंधन का सामने आकर जवाब देना चाहिए था।
एक सप्ताह का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी : कांग्रेस ने अस्पताल प्रबंधन को लिखित रूप से अपनी आपत्तियां दर्ज कराने की बात कही है। साथ ही एक सप्ताह के भीतर एंबुलेंस व्यवस्था, क्रिटिकल केयर ट्रांसफर सिस्टम और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को दुरुस्त करने की मांग की है। शैलेश पाण्डेय और विजय केशरवानी ने संयुक्त रूप से कहा कि यदि निर्धारित समय में सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस अस्पताल के खिलाफ जनआंदोलन शुरू करेगी।
‘मरीज नहीं, मुनाफा प्राथमिकता बन गया है’
पूर्व विधायक शैलेश पाण्डेय ने अस्पताल प्रबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि जब कोई अस्पताल खुद को अत्याधुनिक और सुपर स्पेशियलिटी बताता है, तब उससे न्यूनतम आपातकालीन सुविधाओं की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि यदि अस्पताल के पास चालू हालत में एंबुलेंस तक उपलब्ध नहीं है, तो गंभीर मरीजों को सुरक्षित रेफर कैसे किया जाएगा। शैलेश पाण्डेय ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य सेवाओं में संवेदनशीलता की जगह अब मुनाफाखोरी हावी होती जा रही है और इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।उन्होंने स्पष्ट कहा कि अस्पताल प्रबंधन को एक सप्ताह का समय दिया जा रहा है। यदि व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur