

तेंदूपत्ता बोनस चेक वितरित, ‘तुहर पौधा तुहर द्वार’ वाहन को दिखाई हरी झंडी, 16 लाख पौधरोपण और 2 लाख पौधों के निःशुल्क वितरण का लक्ष्य
-संवाददाता-
एमसीबी,10 जुलाई 2026 (घटती-घटना)। जिले के परसगढ़ी स्थित निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज परिसर शुक्रवार को हरियाली,पर्यावरण संरक्षण और विकास के संकल्प का केंद्र बन गया। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा आयोजित वन महोत्सव-2026 के अंतर्गत ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए वर्ष 2023 का बोनस चेक वितरित किया तथा ‘तुहर पौधा तुहर द्वार’ योजना के अंतर्गत जिले के नागरिकों तक पौधे पहुंचाने वाले विशेष वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, वन विभाग के कर्मचारी तथा आम नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं वंदना के साथ हुआ, इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों,अधिकारियों एवं नागरिकों ने चंदन, मौलश्री,अशोक,आंवला सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया,पूरे परिसर में पौधरोपण अभियान के साथ यह संदेश दिया गया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं,बल्कि उनका संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है।
हर नागरिक लगाए एक पौधा,आने वाली पीढि़यों के लिए सुरक्षित भविष्य बनाए-अपने संबोधन में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पूरे देश में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान चलाया जा रहा है, इस अभियान का उद्देश्य केवल पौधरोपण करना नहीं,बल्कि प्रत्येक नागरिक को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति उसकी जिम्मेदारी का एहसास कराना है, उन्होंने कहा कि हर परिवार यदि अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाए और उसे पेड़ बनने तक सुरक्षित रखे तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण का एक बड़ा जन आंदोलन खड़ा हो सकता है, उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी चुनौतियों का सबसे प्रभावी समाधान वृक्षारोपण और हरियाली बढ़ाना है, पेड़ केवल ऑक्सीजन नहीं देते, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता और आने वाली पीढि़यों के सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव भी तैयार करते हैं।
हरित संकल्प अभियान से जुड़ेगा जनसहभागिता का नया मॉडल-वन विभाग ने इस वर्ष हरित संकल्प अभियान भी प्रारंभ किया है, इसके तहत नागरिक अपने लगाए गए पौधों के साथ फोटो लेकर विभाग के व्हाट्सएप नंबर 8770045481 पर भेज सकते हैं, विभाग द्वारा लगाए गए पौधों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी तथा सर्वाधिक पौधे लगाने और उनका बेहतर संरक्षण करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया जाएगा, वन विभाग का मानना है कि इससे लोगों में पौधों के संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी बढ़ेगी और पौधरोपण अभियान केवल औपचारिकता बनकर नहीं रह जाएगा।
11 लघु वनोपज समितियों को मिला तेंदूपत्ता बोनस-कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री ने जिले की 11 लघु वनोपज सहकारी समितियों को वर्ष 2023 के तेंदूपत्ता संग्रहण का बोनस चेक वितरित किया,उन्होंने कहा कि यह राशि समितियों के माध्यम से सीधे तेंदूपत्ता संग्राहकों तक पहुंचेगी,जिससे वन आश्रित परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी,उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वनवासियों और तेंदूपत्ता संग्राहकों की आय बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है तथा लघु वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
एमसीबी जिले में तेजी से आगे बढ़ रहे विकास कार्य- स्वास्थ्य मंत्री ने अपने संबोधन में जिले में चल रहे विकास कार्यों की भी जानकारी दी,उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज के अलावा नर्सिंग कॉलेज,फिजियोथेरेपी कॉलेज,मानसिक रोग अस्पताल,डायलिसिस सेंटर,पॉलीटेक्निक कॉलेज,हॉर्टिकल्चर कॉलेज, नालंदा परिसर,220 बिस्तरों वाले अस्पताल तथा हसदेव नदी पर पुल निर्माण जैसे कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट तेजी से पूरे किए जा रहे हैं,उन्होंने यह भी बताया कि सिद्धेश्वर मंदिर तक लगभग छह किलोमीटर सड़क निर्माण को स्वीकृति मिल चुकी है, जिससे धार्मिक पर्यटन और स्थानीय आवागमन को भी बढ़ावा मिलेगा।
विकसित भारत के संकल्प में पर्यावरण संरक्षण की अहम भूमिका
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना,जल जीवन मिशन,महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी और सतत विकास की महत्वपूर्ण भूमिका होगी,उन्होंने कार्यक्रम के अंत में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नारे को आगे बढ़ाते हुए ‘जय जवान,जय किसान,जय विज्ञान,जय अनुसंधान’ का उद्घोष किया और सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उन्हें सुरक्षित रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया,कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, जिला अध्यक्ष श्रीमती चंपादेवी पावले,जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह,महापौर राम नरेश राय, कलेक्टर संतन देवी जांगड़े,पुलिस अधीक्षक रतना सिंह,कमांडेंट संजय शर्मा, वनमंडलाधिकारी चन्द्र कुमार अग्रवाल, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंकिता सोम,अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार,विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी,जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
इसी वर्ष शुरू होगा मेडिकल कॉलेज,स्वास्थ्य सुविधाओं में आएगा बड़ा बदलाव
स्वास्थ्य मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि परसगढ़ी में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निर्माण अंतिम चरण में है और सरकार का लक्ष्य इसी वर्ष इसका संचालन प्रारंभ करना है,उन्होंने कहा कि यह मेडिकल कॉलेज एमसीबी जिले के लिए मील का पत्थर साबित होगा,उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद एमसीबी, सरगुजा संभाग, छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों और मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के हजारों विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा,वहीं मरीजों को भी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी, उन्होंने कहा कि प्राकृतिक हरियाली और पहाडि़यों के बीच विकसित हो रहा यह मेडिकल कॉलेज प्रदेश के सबसे सुंदर मेडिकल कॉलेज परिसरों में अपनी अलग पहचान बनाएगा, इसके साथ ही क्षेत्र में चिकित्सा सेवाओं,रोजगार,शिक्षा और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
गोंडवाना मरीन फॉसिल्स पार्क और बेहतर कनेक्टिविटी बनेगी विशेष पहचान
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के समीप स्थित गोंडवाना मरीन फॉसिल्स पार्क राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण धरोहर है,इसके कारण यह क्षेत्र केवल चिकित्सा शिक्षा ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक और पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनेगा,उन्होंने बताया कि पाराडोल और चिरमिरी रेलवे स्टेशनों की निकटता के कारण मेडिकल कॉलेज तक पहुंचना भी आसान होगा। भविष्य में यह संस्थान पूरे क्षेत्र के लिए चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनेगा।
वन महोत्सव के तहत 16 लाख पौधों का रोपण,2 लाख पौधे घर-घर पहुंचाए जाएंगे…
वनमंडलाधिकारी चन्द्र कुमार अग्रवाल ने स्वागत भाषण में बताया कि वन महोत्सव-2026 के दौरान पूरे जिले में 16 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा, इसके साथ ही ‘तुहर पौधा तुहर द्वार’ योजना के माध्यम से 2 लाख पौधे निःशुल्क जिले के नागरिकों तक पहुंचाए जाएंगे, उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल सरकारी स्तर पर पौधरोपण करना नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार को पर्यावरण संरक्षण अभियान से जोड़ना है। नागरिक अपने घर, खेत, विद्यालय, कार्यालय और सार्वजनिक स्थलों पर पौधे लगाकर हरियाली बढ़ाने में भागीदारी निभा सकते हैं।
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