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अम्बिकापुर@राजीव भवन में फिर चोरी,कांग्रेस कार्यालय में तीसरी वारदात से मचा हड़कंप

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घड़ी चौक स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में चोरी और तोड़फोड़,करीब एक लाख के नुकसान का दावा,कानून व्यवस्था पर उठे सवाल

-संवाददाता-
अम्बिकापुर,15 मई 2026 (घटती-घटना)। शहर के सबसे संवेदनशील और व्यस्त माने जाने वाले घड़ी चौक क्षेत्र स्थित जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय राजीव भवन में बीती रात अज्ञात चोरों ने चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया। चोरों ने कार्यालय के भीतर घुसकर सामान पार करने के साथ जमकर तोड़फोड़ भी की।
घटना के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है। बताया जा रहा है कि पिछले दो वर्षों के दौरान राजीव भवन में चोरी की यह तीसरी घटना है। लगातार हो रही वारदातों ने सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि जहां यह घटना हुई, उसके बेहद करीब यातायात पुलिस चौकी, कलेक्टर कार्यालय,पुलिस अधीक्षक कार्यालय और जिला न्यायालय जैसे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय मौजूद हैं। इसके बावजूद चोरों द्वारा बार-बार कांग्रेस कार्यालय को निशाना बनाया जाना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शहर के सबसे व्यस्त इलाके में स्थित कार्यालय में लगातार चोरी की घटनाएं होना ‘दिया तले अंधेरा’ वाली स्थिति को दर्शाता है। उनका आरोप है कि यदि प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था चुस्त होती तो इतनी संवेदनशील जगह पर इस तरह की घटनाएं दोबारा नहीं होतीं। जानकारी के अनुसार चोरों ने कार्यालय के कमरों में रखे सामान को अस्त-व्यस्त कर दिया।
वहीं कार्यालय के कॉमन वॉशरूम में लगे कई उपस्करणों को भी तोड़ दिया गया। तोड़फोड़ इतनी अधिक थी कि कार्यालय प्रबंधन ने करीब एक लाख रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया है। घटना की जानकारी मिलते ही कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में राजीव भवन पहुंचे। मौके का निरीक्षण करने के बाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने थाना कोतवाली अंबिकापुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
साथ ही संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। हालांकि लगातार तीसरी बार हुई चोरी की घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस नेताओं ने जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि जब शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में स्थित राजनीतिक दल का कार्यालय सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।


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