रायपुर,27 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण को लेकर डीपीआई ने कड़ा आदेश जारी किया है। जिला और संभाग स्तर पर खारिज किए गए शिक्षकों के अभ्यावेदनों को डीपीआई ने खारिज कर दिया है। राज्य शासन ने शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया था। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की उपलब्धता को संतुलित करना और शिक्षक विहीन, एकल शिक्षक तथा आवश्यकता वाले स्कूलों में पदस्थापन सुनिश्चित करना था। युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत काउंसलिंग के माध्यम से ‘अतिशेष’ शिक्षकों को उन स्कूलों में पदस्थ किया गया, जहां शिक्षकों की कमी थी। हालांकि, इस प्रक्रिया से असंतुष्ट शिक्षकों ने अपने नए पदस्थापन को स्वीकार नहीं किया और विभिन्न कारणों का हवाला देते हुए जिला एवं संभाग स्तरीय युक्तियुक्तकरण समितियों के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत किए। जिला और संभाग स्तर पर अभ्यावेदनों की विस्तृत जांच की गई। जांच के बाद पाया ,युक्तियुक्तकरण की पूरी प्रक्रिया नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से की गई है। इसके आधार पर सभी अभ्यावेदनों को खारिज कर दिया गया। इसके बावजूद,कुछ शिक्षकों ने संचालनालय स्तर पर फिर से अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। डीपीआई ने संचालनालय स्तर पर भी पूरे मामले की समीक्षा की. समीक्षा के दौरान जिला और संभाग स्तर पर की गई कार्रवाई को सही पाया। लिहाजा, संचालनालय ने शिक्षकों के अभ्यावेदन को खारिज कर दिए। इस फैसले के बाद अब संबंधित शिक्षकों के लिए अपने नए पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य हो गया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यदि कोई शिक्षक आदेश के बावजूद जॉइनिंग नहीं करता है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur