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अयोध्या@गर्भगृह में बालस्वरूप में बिराजेंगे रामलला इसलिए नहीं होगी मां सीता की मूर्ति साथ

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अयोध्या,28 दिसम्बर 2023 (ए)।
राम मंदिर 360 फीट लंबा और 235 फीट चौड़ा होगा। मंदिर का शिखर 161 फीट ऊंचा होगा। यह राम का वह रूप होगा, जिसमें वे 5 साल के बालक स्वरूप में होंगे। क्योंकि मूर्ति भगवान के बाल स्वरूप की है, इसलिए मंदिर में मां सीता की कोई मूर्ति नहीं होगी।
चंपत राय ने मिडिया को बताया कि परिसर के जिस गर्भगृह में रामलला विराजेंगे वहां पहुंचने के लिए 32 सीçढ़यां चढ़नी पड़ेंगी। सबसे खास बात यह है कि जो मूर्ति स्थापित होगी वह उस स्वरूप की होगी, जिसमें भगवान की शादी नहीं हुई है। यानी की मुख्य मंदिर में आपको मां सीता की मूर्ति नजर नहीं आएगी।
राममंदिर के ग्राउंड फ्लोर पर 18 दरवाजे हैं। इनमें 14 दरवाजों पर सोने की परत चढ़ाई जा रही है। गाजियाबाद के ज्वेलर्स इस काम को कर रहे हैं। राम मंदिर का मैप है, जिसके जरिए चंपत राय ने मीडिया को ब्रीफ किया।
परकोटे के एक कोने पर सूर्य मंदिर होगा। दूसरे कोने पर भगवान शंकर का मंदिर है। तीसरे पर भगवती और चौथे पर गणेश और दक्षिणी भुजा पर हनुमान मंदिर होगा। जटायु की प्रतिमा को कुबेर टीला पर स्थापित किया जा रहा है।
22 जनवरी 2024 को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा है। सूत्रों के मुताबिक, प्राण प्रतिष्ठा के समय गर्भगृह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, संघ प्रमुख मोहन भागवत और मंदिर के आचार्य (मुख्य पुजारी) मौजूद रहेंगे। सबसे पहले पीएम मोदी प्रभु श्रीराम को आईने में उनका चेहरा दिखाएंगे।


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