सीतापुर की पहाड़ी बस्ती में विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों की जिंदगी मुश्किल,स्वच्छ पेयजल के लिए ग्रामीणों ने लगाई गुहार

-संवाददाता-
अम्बिकापुर,03 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)। सरकार हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के दावे कर रही है,लेकिन सीतापुर विकासखंड के ग्राम बिजली चट्टान की पहाड़ी बस्ती में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीजीटी) के परिवार आज भी ढोढ़ी के पानी पर निर्भर हैं। बस्ती में नल-जल की स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीण इसी पानी का इस्तेमाल पीने, खाना बनाने और रोजमर्रा के कामों में कर रहे हैं। सरकारी योजनाओं में जल जीवन मिशन और हर घर जल योजना के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। बावजूद इसके बिजली चट्टान की पहाड़ी बस्ती के परिवारों तक योजना का लाभ नहीं पहुंच सका है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें स्वच्छ पेयजल के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ती है। ढोढ़ी का पानी भी साफ नहीं है, जिससे गंदा पानी पीने से बीमारी का खतरा बना रहता है। एक ओर शासन-प्रशासन आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने का दावा करता है, वहीं बिजली चट्टान की बस्ती में रहने वाले परिवार आज भी पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा के लिए परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बस्ती में हैंडपंप या नल-जल योजना के तहत स्थायी व्यवस्था हो जाए तो उन्हें काफी राहत मिलेगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार : बस्ती के अजय राम, सोमार साय, बंधनु राम, सनी राम, घुरसाय,नईहारो बाई, अंजना बाई,मनियारी बाई,धनेश्वर राम, संजय राम,कुंवर साय,दिनेश राम, सीताराम,नान साय और सुखमतिया बाई सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने बस्ती में हैंडपंप लगाने अथवा नल-जल योजना से पानी उपलब्ध कराने की मांग की है।
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