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अम्बिकापुर@खराब सड़कों के विरोध में प्रदर्शनविकास की कमी पर उठे सवाल

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-संवाददाता-
अम्बिकापुर,13 जनवरी 2026 (घटती-घटना)। शहर में सडकों की खस्ता हालत को लेकर लोग लंबे समय से परेशान हैं,लेकिन जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की ओर से इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इसके खिलाफ मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश मिश्रा के नेतृत्व में शहर के घड़ी चौक पर एक प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने सडकों की तत्काल मरम्मत और नए निर्माण की मांग की। कैलाश मिश्रा ने आरोप लगाया कि बरसात के बाद सडकों के निर्माण और मरम्मत का आश्वासन दिया गया था,लेकिन अब तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा,‘शासन-प्रशासन तातापानी और मैनपाट महोत्सव की तैयारी में व्यस्त है, लेकिन यहां की सडकों की हालत पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सडकों की मरम्मत की बजाय महोत्सव पर पैसा खर्च किया जा रहा है, जो कि जनता के लिए एक बड़ा सवाल है। ‘प्रदर्शनकारियों ने मुख्य रूप से अंबिकापुर शहर की मुख्य सडकों की हालत को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। देवीगंज रोड,सदर रोड,बिलासपुर चौक से बिलासपुर मार्ग और अंबेडकर चौक से बनारस मार्ग जैसी प्रमुख सडकों की जर्जर हालत से आम नागरिकों को भारी परेशानी हो रही है। खासकर शहर की सडकों पर जलभराव,गड्ढे और उबड़-खाबड़ रास्ते आवागमन को प्रभावित कर रहे हैं,जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ गई है। मंच पर कैलाश मिश्रा ने आगे कहा,‘आवागमन की खराब स्थिति के कारण व्यापार,स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इन सभी समस्याओं के बावजूद प्रशासन और जनप्रतिनिधि केवल महोत्सवों में धन का खर्च कर रहे हैं,जबकि जनता को बुनियादी सुविधाओं की सख्त जरूरत है। ‘ प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि बजट में जिन प्रमुख सडकों के डिवाइडर सहित फोरलेन बनाने की घोषणा की गई थी,उन पर अभी तक कोई कार्य शुरू नहीं हुआ है, और न ही पर्याप्त वित्तीय प्रावधान किया गया है। इससे लोगों में नाराजगी है और उन्होंने मांग की कि इन विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि महोत्सवों और आयोजनों पर खर्च करने से पहले शहर की बुनियादी जरूरतों का ध्यान रखा जाए। शहर के नागरिकों को अब तक सडकों की बदहाली और जाम की समस्या से राहत नहीं मिली है, और यह समय की मांग बन गई है कि सडकों का निर्माण और मरम्मत शीघ्र किया जाए ताकि नागरिकों को राहत मिल सके और शहर का समुचित विकास हो सके।


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