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रायपुर@छठ पर्व पर डूबते सूर्य को चढ़ाया संध्या अर्घ्य

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रायपुर,19 नवम्बर 2023 (ए)।
छठ हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण पर्व है। इस व्रत को संतान की लंबी आयु पति के स्वस्थ जीवन और घर-परिवार के सुख-सौभाग्य की कामना के लिए रखा जाता है। चार दिवसीय छठ महापर्व का आज तीसरा दिन है। बढ़ईपारा निवासी विश्वकर्मा महिला समाज की अध्यक्ष शकुंतला विश्वकर्मा ने बताया कि 19 नवंबर को छठ व्रतधारीयो ने आमा तालाब में डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया इसलिए इसे संध्या अर्घ्य कहा जाता है। आज बड़ी संख्या में समाज की महिलाए युवतियां पुरुष उपस्थित थे। छठ महापर्व कार्तिक शुक्ल की चतुर्थी तिथि से सप्तमी तिथि तक मनाया जाता है। इस साल छठ पर्व 17 से 20 नवंबर तक है। आज षष्ठी तिथि 19 नवंबर को डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया गया और 20 नवंबर को सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर छठ व्रत संपन्न होगा। छठ पर्व पर व्रती पूरे 36 घंटे का निर्जला व्रत रखती है और कठोर नियमों का पालन भी करती है। इसलिए छठ को सबसे कठिन व्रतों में एक माना गया है। छठ पर्व देशभर में मनाया जाता है। आज छठ व्रत का तीसरा दिन है और संध्या अर्घ्य दिया गया छठ पूजा में सही समय पर ही सूर्य देव को अर्घ्य देने से व्रत का फल मिलता है। आज इस अवसर पर अशोक देवी जैन,नेहा विश्वकर्मा ,गूंजा विश्वकर्मा,माया विश्वकर्मा ,कलावती विश्वकर्मा , दुर्गा विश्वकर्मा,मंदाकिनी विश्वकर्मा ,पिंकी विश्वकर्मा जैन ,पीहू, रुकमणी सिंह, सोनिया आंचल,अलीशा,ओमप्रकाश,आयुष,आदि उपस्थित थे।


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