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अम्बिकापुर@ पंजाब मजदूरी करने गए किशोर की संदिग्ध मौत,ठेकेदारों पर गंभीर आरोप

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बेहोशी की हालत में घर छोड़ गए ठेकेदार,कुछ घंटे बाद हुई मौत…आदिवासी समाज ने एफआईआर और उच्चस्तरीय जांच की मांग की…
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,07 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम चेरा निवासी 17 वर्षीय आदिवासी किशोर युवराज सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला गंभीर होता जा रहा है। परिजनों और सर्व आदिवासी समाज का आरोप है कि करीब तीन महीने पहले मजदूरी के लिए पंजाब के लुधियाना ले जाए गए किशोर को दो ठेकेदार 5 सितंबर को बेहोशी की हालत में एंबुलेंस से उसके घर छोडकर चले गए। शाम को परिजन घर लौटे तो युवराज बेहोश मिला। कुछ घंटे बाद उसकी मौत हो गई। मामले को लेकर सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग छत्तीसगढ़ ने सरगुजा संभाग के कमिश्नर और आईजी को ज्ञापन सौंपकर ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
समाज और परिजनों के अनुसार युवराज खैरवार जनजाति से था। आरोप है कि करीब तीन महीने पहले दो ठेकेदार उसे पाइपलाइन के काम के लिए लुधियाना ले गए थे।
परिजनों की सहमति के बिना किशोर को ले जाने और इस दौरान मजदूरी का भुगतान नहीं करने का भी आरोप लगाया गया है। ज्ञापन में बताया गया है कि 5 सितंबर को युवराज को एंबुलेंस से बेहोशी की हालत में उसके घर लाया गया। उस समय घर पर कोई मौजूद नहीं था। आरोप है कि ठेकेदार उसे घर में छोडकर चले गए। शाम को परिजन लौटे तो युवराज बेहोश मिला। शाम करीब 7 बजे उसकी मौत हो गई।
बीमारी की जानकारी नहीं देने पर उठे सवाल : परिजनों का आरोप है कि ठेकेदारों ने युवराज की तबीयत खराब होने, उपचार कराने या उसकी हालत के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। सर्व आदिवासी समाज ने सवाल उठाया है कि यदि काम के दौरान किशोर की तबीयत बिगड़ी थी तो उसे अस्पताल में भर्ती क्यों नहीं कराया गया और तत्काल परिजनों को सूचना क्यों नहीं दी गई। समाज ने मामले में बाल श्रम, अनुसूचित जनजाति से जुड़े कानूनी प्रावधानों और कथित मानव तस्करी के पहलुओं की भी जांच की मांग की है।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन
प्रदेश उपाध्यक्ष उदय कुमार पंडो के नेतृत्व में सौंपे ज्ञापन में संबंधित ठेकेदारों और मामले में संलिप्त अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर,निष्पक्ष जांच तथा पीडि़त परिवार को नियमानुसार मुआवजा देने की मांग की गई है। समाज ने चेतावनी दी है कि शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा। समाज ने उच्चस्तरीय जांच कर किशोर की मौत की वास्तविक वजह सामने लाने की मांग की है।


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