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राजपुर@ प्रधानमंत्री आवास को मनरेगा मजदूरी भुगतान

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मुख्यमंत्री आवास हितग्राहियों को अब तक नहीं मिली 23 हजार की राशि
राजपुर,19 अप्रैल 2026 (घटती-घटना)।
जिले के राजपुर जनपद क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के बीच भुगतान को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। जहां प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को मनरेगा मजदूरी की राशि का भुगतान किया जा रहा है, वहीं मुख्यमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को मिलने वाली 23 हजार रुपए मजदूरी राशि अब तक नहीं मिली है। इससे लाभार्थियों में नाराजगी और मायूसी देखी जा रही है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने आर्थिक सर्वे कराकर जरूरतमंद परिवारों के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना शुरू की थी। चयनित हितग्राहियों के खातों में पहली किस्त के रूप में 25-25 हजार रुपए सीधे ट्रांसफर किए गए थे। बाद में प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद योजना जारी रही और दूसरी व तीसरी किस्त भी कई हितग्राहियों को दी गई।
राजपुर क्षेत्र में 32 हितग्राही चयनित : राजपुर जनपद क्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत कुल 32 हितग्राही चयनित किए गए थे। इनमें कई लाभार्थियों ने मकान निर्माण का कार्य टॉप लेवल और सेंटरिंग ढलाई तक पूरा करा लिया है। बावजूद इसके, निर्माण कार्य में मिलने वाली मनरेगा मजदूरी की राशि अब तक जारी नहीं की गई है।
दोहरा मापदंड क्यों? ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में मनरेगा मजदूरी का लाभ दिया जा रहा है, तो
मुख्यमंत्री आवास योजना में यह सुविधा क्यों नहीं दी जा रही? हितग्राहियों का आरोप है कि मजदूरी भुगतान नहीं होने से उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
अधिकारियों ने क्या कहा : जनपद पंचायत में पदस्थ आवास विभाग के अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत चयनित हितग्राहियों की औपचारिकताएं पूरी कर जिला कार्यालय भेज दी गई हैं। मजदूरी भुगतान शासन स्तर से होना है। वहीं जनपद पंचायत राजपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संजय दुबे ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मनरेगा मजदूरी की 23 हजार रुपए राशि अभी तक शासन से प्राप्त नहीं हुई है।
हितग्राहियों की मांग
मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों ने जल्द से जल्द मनरेगा मजदूरी राशि जारी करने की मांग की है, ताकि अधूरे मकानों का निर्माण कार्य पूरा किया जा सके। अब देखना होगा कि शासन इस मामले में कब तक निर्णय लेता है।


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