हिरासत में लेने पर दी थी चुनौती,ईडी ने जवाब पेश किया,23 सितंबर को अगली सुनवाई
बिलासपुर,19 सितम्बर 2025। छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के मनी लॉन्डि्रंग मामले में चैतन्य बघेल के खिलाफ हाईकोर्ट में सुनवाई है। ईडी की ओर से अपना जवाब पूरा कर दिया गया है। अब अगली कार्यवाही में दोनों पक्ष लिखित तर्क पेश करेंगे। जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच में चल रही इस याचिका में चैतन्य बघेल ने ईडी की कार्रवाई को चुनौती दी है। ईडी ने उन्हें मनी लॉन्डि्रंग मामले में हिरासत में लिया था। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 23 सितंबर तय की है।
चैतन्य को 16.70 करोड़ रुपए मिले- ईडी
दरअसल, शराब घोटाला और मनी लॉन्डि्रंग केस में प्रवर्तन निदेशालय ने चैतन्य बघेल को भी आरोपी बनाया है। आरोप है कि शराब घोटाले की रकम से चैतन्य को 16.70 करोड़ रुपए मिले हैं। शराब घोटाले से मिले ब्लैक मनी को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में इन्वेस्ट किया गया। साथ ही 1000 करोड़ रुपए की हैंडलिंग (हेराफेरी) की गई है।
चैतन्य बघेल तक कैसे पहुंची ईडी : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के वकील सौरभ पाण्डेय ने बताया था कि शराब घोटाले का जो इन्वेस्टिगेशन चल रहा था उसमें एविडेंस मिले हैं, जिसमें चैतन्य बघेल ने बहुत सारे पैसे को लेयरिंग की है। 1000 करोड़ का लेनदेन किया है। पप्पू बंसल ने अपने बयान में खुलासा किया है। शराब के घोटालों के पैसों को चैनलाइज्ड करके चैतन्य बघेल तक पहुंचाया जाता था। लिकर स्कैम का पैसा अनवर ढेबर के जरिए दीपेंद्र चावड़ा फिर वह पैसा केके श्रीवास्तव और कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल औ उसके बाद चैतन्य बघेल के पास यह पैसा पहुंचता था।
चैतन्य के प्रोजेक्ट में 13-15 करोड़ इन्वेस्ट
ईडी ने अपनी जांच में पाया कि,चैतन्य बघेल के विट्ठल ग्रीन प्रोजेक्ट (बघेल डेवलपर्स) में घोटाले के पैसे को इन्वेस्ट किया गया है। इस प्रोजेक्ट से जुड़े अकाउंटेंट के ठिकानों पर छापेमारी कर ईडी ने रिकॉर्ड जब्त किए थे। प्रोजेक्ट के कंसल्टेंट राजेन्द्र जैन ने बताया कि, इस प्रोजेक्ट में वास्तविक खर्च 13-15 करोड़ था। जबकि रिकॉर्ड में 7.14 करोड़ ही दिखाया गया। जब्त डिजिटल डिवाइसेस से पता चला कि, बघेल की कंपनी ने एक ठेकेदार को 4.2 करोड़ कैश पेमेंट किया, जो रिकॉर्ड में नहीं दिखाया गया।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur