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अंबिकापुर@ईपीएफ व ईएसआईसी की राशि के गबन के मामले मुख्य अभियंता व अधीक्षण अभियंता पर एफआईआर

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अंबिकापुर,29 अप्रैल 2025 (घटती-घटना)। विद्युत विभाग के ठेका कर्मचारियों के ईपीएफ व ईएसआईसी की राशि के गबन के मामले में न्यायालय के आदेश पर पूर्व मुख्य अभियंता व अधीक्षण अभियंता सहित तीन अलग-अलग ठेका कंपनियों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने ठेका कंपनियों के साथ मिलकर 1.82 करोड़ का गबन का आरोप है। आरटीआई कार्यकर्ता डीके सोनी ने मामले की न्यायालय में परिवाद दायर किया था।
जानकारी के अनुसार विद्युत विभाग में ठेका कर्मचारियों के नियोजन के लिए मेसर्स आरके एसोसिएट्स, मैट्रिक सर्विस एवं गुरुकृपा ग्रुप को अधिकृत किया गया था। आरटीआई कार्यकर्ता डीके सोनी ने सीएसपीडीसीएल के पूर्व मुख्य अभियंता व अधीक्षण अभियंता एवं ठेका कंपनी के संचालक के खिलाफ वेतन से ईपीएफ, बोनस एवं ईएसआईसी की राशि में फर्जी बिल लगाकर 1 करोड़ 82 लाख रुपए की गड़बड़ी का आरोप लगाया था। सीएसपीडीसीएल के अलग-अलग कार्यादेश पर ठेका कंपनी द्वारा भृत्य एवं कंप्यूटर ऑपरेटर विद्युत में वर्ष 2020 से 2022 तक नियोजित किए गए थे। आरोप है कि चार कार्यादेश के तहत ठेका कर्मचारियों के नियोजन में अधिकारियों ने वास्तविक उपस्थिति पत्रक एवं ईपीएफ, ईएसआईसी के दस्तावेजों के बगैर सत्यापन के देयक का भुगतान किया। पूर्व मुख्य अभियंताा व अधीक्षण अभियंता ने ठेका फर्म को लगभग 1. 82 करोड़ रुपए का अधिक भुगतान किया है। कार्यपालन निदेशक (अ.क्षे.) अंबिकापुर के जांच रिपोर्ट 24 फरवरी 2023 के साथ डीके सोनी ने मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में परिवाद पेश किया था। मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने पूर्व मुख्य अभियंताा डीएस भगत व अधीक्षण अभियंता राजेश लकड़ा एवं ठेकेदार प्रभोजत सिंह भल्ला के खिलाफ कोतवाली में धारा 409, 419, 420, 468, 471 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।


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