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कविता @ क्या लिखूँ भोले का नाम

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हे भोले मेरे हे भोले मेरे,
सब मंगल कर दो काम,
छूट जाए ये भागा-दौडी,
मिल जाए तेरा ही धाम।
हे भोले मेरे …..
श्वांसों की धारा में मेरे,
मिल जाए तेरा ही नाम,
होंठों से बस भोले निकले,
और नहीं हो कोई काम।
हे भोले मेरे …..
सुबह शुरू हो भोले से बस,
हो जाए फिर ऐसी शाम,
शब्दों के एक-एक मोती से,
लिखूं भोले तेरा ही नाम।
हे भोले मेरे …
जीवन में ना आस रहे,
जब भोले मेरे पास रहें,
गीत खुशी के साज में बिखरें,
मन से ना कोई उदास रहे।
हे भोले मेरे …
भोले से मिलकर जीवन की,
डगरी मेरी खास रहे,
भर जाए मुस्कानों की गठरी,
पल-पल ये विश्वास रहे।
हे भोले तेरे …
कार्तिकेय कुमार त्रिपाठी
कार्तिकेय कुमार त्रिपाठी


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