- 14 नए नर्सिंग कॉलेज, अत्याधुनिक लैब, सीजीएमएससी की बड़ी परियोजनाएं और भ्रामक डेयरी एनालॉग उत्पादों पर सख्त प्रतिबंध
- 46 मिनट की प्रेस वार्ता में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने रखा उपलब्धियों का विस्तृत लेखा-जोखा
- स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल बोले…छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य
- सुविधाओं के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम हो रहा है…
- बस्तर से मेडिकल कॉलेज तक…भर्ती से गुणवत्ता तक…इलाज से
- खाद्य सुरक्षा तक,स्वास्थ्य विभाग के हर पहलू पर सरकार का दावा…

-न्यूज डेस्क
रायपुर,04 अगस्त 2026 (घटती-घटना)। लगभग 46 मिनट तक चली प्रेस वार्ता के अंतिम चरण में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चिकित्सा शिक्षा,सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं,आयुष विभाग,खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन के माध्यम से किए जा रहे निर्माण कार्यों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया, उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करना नहीं,बल्कि आने वाले वर्षों के लिए मजबूत स्वास्थ्य ढांचा तैयार करना है।
देश में पहली बार एक साथ पांच
नए मेडिकल कॉलेजों को मिली मान्यता
स्वास्थ्य मंत्री ने प्रेस वार्ता की सबसे बड़ी उपलब्धियों में एक साथ पांच नए मेडिकल कॉलेजों को मिली मान्यता को बताया,उन्होंने कहा कि देश के अधिकांश राज्यों को एक साथ इतनी बड़ी संख्या में मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति नहीं मिली है,जबकि छत्तीसगढ़ को एक ही समय में पांच नए मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने की अनुमति मिली,इन मेडिकल कॉलेजों की स्थापना—मनेंद्रगढ़ (एमसीबी),जशपुर (कुनकुरी),दंतेवाड़ा,कवर्धा,जांजगीर-चांपा में की जा रही है,उन्होंने कहा कि इनमें अधिकांश कॉलेज अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों में स्थापित किए जा रहे हैं,जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा का अवसर मिलेगा।
निर्माण कार्य तेज,भर्ती प्रक्रिया शुरू
मंत्री ने बताया कि मेडिकल कॉलेजों के लिए—भवन निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है,प्रोफेसर एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है,नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्तियां भी की जा रही हैं,उन्होंने विश्वास दिलाया कि शैक्षणिक सत्र शुरू होने तक आवश्यक फैकल्टी उपलब्ध करा दी जाएगी।
फिजियोथेरेपी शिक्षा को मिला नया विस्तार
मंत्री ने बताया कि राज्य में पहले फिजियोथेरेपी शिक्षा के अवसर सीमित थे,अब सरकार ने नए फिजियोथेरेपी कॉलेज प्रारंभ करने का निर्णय लिया है और नए शैक्षणिक सत्र से पढ़ाई भी शुरू की जाएगी।
14 नए नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डॉक्टरों के साथ-साथ प्रशिक्षित नर्सों की उपलब्धता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने 14 नए नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने का निर्णय लिया,उन्होंने बताया कि इनमें से 9 नर्सिंग कॉलेजों में इसी वर्ष से पढ़ाई प्रारंभ करने की तैयारी है,इन कॉलेजों की स्थापना—बलरामपुर,पुसौर,दंतेवाड़ा,जांजगीर-चांपा,जशपुर,बैकुंठपुर,नया रायपुर,कुरूद,मनेंद्रगढ़,सरिया,कांकेर,कोरबा,महासमुंद,बीजापुर जैसे क्षेत्रों में की जा रही है।
चिकित्सा शिक्षा में नई विशेषज्ञता
मंत्री ने बताया कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में नई सुपर स्पेशियलिटी सीटों की भी स्वीकृति मिली है,उन्होंने कहा कि कार्डियक साइंस से संबंधित उच्च स्तरीय पाठ्यक्रमों की अनुमति मिली है,कैंसर सर्जरी (एमसीएच) की सीटों को भी मंजूरी प्राप्त हुई है, उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के विद्यार्थियों को उच्च चिकित्सा शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा।
जगदलपुर और बिलासपुर में
सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पहले गंभीर मरीजों को केवल रायपुर रेफर किया जाता था,अब बिलासपुर में सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं प्रारंभ हो चुकी हैं,जगदलपुर में पीपीपी मॉडल पर आधुनिक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल संचालित हो रहा है,उन्होंने बताया कि यहां हृदय रोग सहित कई जटिल बीमारियों का उपचार शुरू हो चुका है,अब बस्तर के मरीजों को मामूली कारणों से रायपुर आने की आवश्यकता नहीं होगी।
मेकाहारा अस्पताल के
आधुनिकीकरण पर विशेष जोर
मंत्री ने माना कि रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) प्रदेश का सबसे महत्वपूर्ण सरकारी अस्पताल है,उन्होंने बताया कि यहां विद्युत व्यवस्था, वातानुकूलन,भवनों की मरम्मत,टाइल्स,आंतरिक एवं बाहरी संरचना,में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं,उन्होंने कहा कि पुराने भवनों को आधुनिक स्वरूप देने का कार्य चरणबद्ध तरीके से चल रहा है।
आयुष विभाग में भी बड़े पैमाने पर नियुक्तियां
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ आयुष पद्धति को भी मजबूत किया जा रहा है,उन्होंने बताया कि—लगभग 502 पदों पर नियुक्तियां की गई हैं,आयुष चिकित्सकों,योग प्रशिक्षकों,पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती की गई है।
400 स्वास्थ्य केंद्रों में योग प्रशिक्षक
उन्होंने बताया कि प्रदेश के लगभग 400 स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्रों में योग प्रशिक्षकों की नियुक्ति की गई है, यहां नियमित योग एवं वेलनेस गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की रिकॉर्ड कार्रवाई
मंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने रिकॉर्ड स्तर पर कार्रवाई की है,उन्होंने बताया कि नकली पनीर, मिलावटी खोवा,अमानक खाद्य सामग्री, संदिग्ध दवाइयों की लगातार जांच की जा रही है,उन्होंने कहा कि बाजार से नियमित रूप से नमूने लेकर परीक्षण कराया जा रहा है।
भ्रामक डेयरी एनालॉग
उत्पादों पर प्रतिबंध
प्रेस वार्ता के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने हाल ही में जारी उस अधिसूचना का भी उल्लेख किया,जिसके तहत पूरे छत्तीसगढ़ में भ्रामक डेयरी एनालॉग एवं अमानक पनीर जैसे उत्पादों के निर्माण,भंडारण, परिवहन और बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है,उन्होंने कहा कि यह निर्णय उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा तथा गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
96 करोड़ की आधुनिक
प्रयोगशाला बनेगी
मंत्री ने बताया कि लगभग 96 करोड़ 68 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड लैब बनाई जा रही है,इसमें दवाइयों,खाद्य पदार्थों,पेय पदार्थों, रासायनिक परीक्षण,की आधुनिक जांच की जा सकेगी,उन्होंने कहा कि इससे जांच रिपोर्ट तेजी से उपलब्ध होगी और मिलावटखोरों पर प्रभावी कार्रवाई संभव होगी।
सीजीएमएससी निभा रही दोहरी भूमिका
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन अब केवल दवाइयों और उपकरणों की खरीद तक सीमित नहीं है,यह संस्था-मेडिकल कॉलेज,जिला अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज,कैंसर संस्थान,क्रिटिकल केयर यूनिट,बड़े अस्पतालों के भवन का निर्माण भी कर रही है।
700 बिस्तरीय अस्पताल
और कैंसर संस्थान
मंत्री ने बताया कि भविष्य की योजनाओं में 700 बिस्तरों वाले आधुनिक अस्पताल, कैंसर संस्थान,22 क्रिटिकल केयर यूनिट, बिलासपुर सिम्स का आधुनिक परिसर,जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।
सिम्स और मेकाहारा का
होगा व्यापक विकास
उन्होंने कहा कि बिलासपुर स्थित सिम्स मेडिकल कॉलेज का नया परिसर देश के आधुनिक चिकित्सा संस्थानों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा,इसी प्रकार मेकाहारा में भी चरणबद्ध तरीके से आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं…
मंत्री ने कहा…कि स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं,बल्कि उनका धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है,उन्होंने कहा…कि यदि दवा की गुणवत्ता ठीक नहीं होगी,यदि जांच समय पर नहीं होगी,यदि अस्पतालों में डॉक्टर नहीं होंगे,तो स्वास्थ्य व्यवस्था अधूरी रहेगी,हमारी कोशिश हर स्तर पर गुणवत्ता सुनिश्चित करने की है।
प्रेस वार्ता का समापन
अपने संबोधन के अंत में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा…कि पिछले ढाई वर्षों में स्वास्थ्य विभाग ने अधोसंरचना,चिकित्सा शिक्षा,भर्ती,मातृ-शिशु स्वास्थ्य,मलेरिया नियंत्रण,टीबी उन्मूलन,कैंसर उपचार,डायलिसिस,आयुष्मान योजना,आयुष सेवाओं,खाद्य सुरक्षा और दवा गुणवत्ता जैसे अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं,उन्होंने कहा…कि सरकार आने वाले समय में भी स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ,आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए निरंतर प्रयास करती रहेगी, प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों को धन्यवाद दिया और विभागीय कार्यों पर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर भी दिए।
विशेष निष्कर्ष के साथ विशेष श्रृंखला समाप्त
करीब 46 मिनट तक चली इस प्रेस वार्ता में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने ढाई वर्ष के कार्यकाल का विभागवार रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए यह संदेश देने का प्रयास किया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में केवल नई घोषणाओं तक सीमित नहीं है,बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच,गुणवत्ता,चिकित्सा शिक्षा,आपातकालीन उपचार,मातृ एवं शिशु सुरक्षा,आधुनिक जांच सुविधाओं तथा खाद्य सुरक्षा को एक साथ मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। प्रस्तुत आंकड़ों और दावों के माध्यम से सरकार ने यह रेखांकित किया कि उसका लक्ष्य शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों में समान रूप से सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य व्यवस्था स्थापित करना है।
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