Breaking News

रायपुर/चिरमिरी@ क्या एमसीबी से शुरू हो रही है सरगुजा की नई रेल क्रांति? लरंग साय के ऐतिहासिक संघर्ष के बाद श्याम बिहारी जायसवाल की नई पहल चर्चा में…

Share

  • लरंग साय के बाद क्या रेल विकास की नई पहचान बन रहे हैं श्याम बिहारी जायसवाल?
  • सरगुजा की रेल कनेक्टिविटी में नई परियोजनाओं ने छेड़ी नई बहस
  • रेल विकास की विरासत और नया नेतृत्व, क्या श्याम बिहारी जायसवाल दोहरा पाएंगे लरंग साय का विकास मॉडल?
  • सरगुजा की रेल राजनीति में नया अध्याय लरंग साय के संघर्ष से श्याम बिहारी जायसवाल की विकास यात्रा तक
  • इतिहास दोहराया नहीं जाता,
  • नई विरासत बनाई जाती है क्या रेल विकास के नए अध्याय के केंद्र में हैं श्याम बिहारी जायसवाल?
  • 602 करोड़ की परियोजना के बाद श्याम बिहारी जायसवाल की भूमिका पर शुरू हुई चर्चा
  • क्या सरगुजा को मिल रहा है दूसरा ‘रेल पुरुष’?
  • स्वर्गीय लरंग साय ने आंदोलन से बिछाई थी रेल विकास की नींव,क्या स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल विकास परियोजनाओं से लिख रहे हैं नया अध्याय?


न्यूज डेस्क
रायपुर/चिरमिरी,03 अगस्त 2026 (घटती-घटना)।
सरगुजा अंचल का इतिहास केवल राजनीतिक संघर्षों का इतिहास नहीं है,बल्कि विकास के लिए चले लंबे जनआंदोलनों का भी इतिहास है, सड़क,शिक्षा,स्वास्थ्य और रेल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए इस क्षेत्र को वर्षों तक संघर्ष करना पड़ा,इन्हीं संघर्षों में यदि किसी एक नाम को सबसे अधिक सम्मान के साथ याद किया जाता है तो वह है स्वर्गीय लरंग साय,सरगुजा के लोगों के लिए लरंग साय केवल एक जनप्रतिनिधि नहीं थे,उन्हें उस नेता के रूप में याद किया जाता है जिसने यह समझ लिया था कि यदि क्षेत्र का विकास करना है तो उसे रेल नेटवर्क से जोड़ना ही होगा,उस दौर में जब सरगुजा देश के सबसे पिछड़े और दूरस्थ इलाकों में गिना जाता था,तब उन्होंने रेलवे को विकास का सबसे बड़ा माध्यम माना और इसे जन आंदोलन का रूप दिया,आज,कई दशक बाद एक बार फिर सरगुजा और विशेषकर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) क्षेत्र में रेल विकास की चर्चा तेज है, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा पाराडोल से नागपुर रोड तक लगभग 602 करोड़ रुपये की नई ब्रॉडगेज रेल लाइन के लिए टेंडर जारी होने के बाद एक नई राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है—क्या वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री और चिरमिरी विधायक श्याम बिहारी जायसवाल सरगुजा में रेल विकास की नई पहचान बन रहे हैं? यह तुलना भावनात्मक नहीं, बल्कि तथ्यों और कार्यों के आधार पर समझने की जरूरत है। बता दे की मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित रेल विस्तार परियोजना अब धरातल पर उतरती दिखाई दे रही है, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) ने पाराडोल से नागपुर रोड स्टेशन तक नई ब्रॉडगेज सिंगल रेल लाइन के निर्माण तथा बोरीडांड-चिरमिरी रेलखंड के स्लूइंग कार्य के लिए ई-टेंडर जारी कर दिया है। लगभग 601.90 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना को इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड पर दो वर्ष (730 दिन) में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, यह परियोजना न केवल चिरमिरी की रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी,बल्कि पूरे एमसीबी जिले के आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक विकास को भी नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
लरंग साय की पहचान क्यों बनी? लरंग साय की पहचान इसलिए नहीं बनी कि उनके समय में केवल कोई रेल लाइन स्वीकृत हुई,उनकी पहचान इसलिए बनी क्योंकि उन्होंने वर्षों तक लगातार आवाज उठाई,रेल को राजनीतिक नहीं बल्कि क्षेत्रीय विकास का विषय बनाया,सरगुजा के लोगों को एक साझा मांग के लिए एकजुट किया,अंबिकापुर-बरवाड़ीह जैसी बड़ी परियोजना के लिए लगातार प्रयास किए,यही कारण है कि आज भी सरगुजा में रेल विकास की चर्चा होती है तो उनका नाम सम्मान के साथ लिया जाता है।
क्या यही तुलना का आधार है?-यहीं सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न खड़ा होता है, क्या केवल एक बड़ी परियोजना किसी नेता की तुलना लरंग साय से कराने के लिए पर्याप्त है? शायद नहीं, क्योंकि इतिहास किसी एक घोषणा से नहीं बनता, इतिहास लगातार किए गए प्रयासों से बनता है,यदि आने वाले वर्षों में चिरमिरी रेल नेटवर्क का विस्तार होता है,नई यात्री ट्रेनें शुरू होती हैं,माल परिवहन बढ़ता है,एमसीबी राष्ट्रीय रेल नेटवर्क में और मजबूत होता है,तथा सरगुजा के अन्य लंबित रेल प्रोजेक्ट भी आगे बढ़ते हैं,तब निश्चित रूप से श्याम बिहारी जायसवाल का नाम रेल विकास के संदर्भ में प्रमुखता से लिया जाएगा।
दो दौर,दो परिस्थितियां,दोनों नेताओं की परिस्थितियां भी अलग थीं…
लरंग साय
विपक्ष और जनसंघर्ष की राजनीति।
रेल के लिए आंदोलन।
लंबे समय तक लगातार मांग।
केंद्र सरकार तक दबाव।

श्याम बिहारी जायसवाल
सरकार का हिस्सा।
मंत्री के रूप में निर्णय प्रक्रिया तक पहुंच।
परियोजनाओं को प्रशासनिक गति दिलाने की भूमिका।
स्वीकृत योजनाओं को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी।
इसलिए दोनों की भूमिका अलग है, लेकिन लक्ष्य एक ही दिखाई देता है…
रेल के माध्यम से क्षेत्र का विकास।

सरगुजा में रेल विकास अभी अधूरा है-यह भी सच है कि सरगुजा का रेल विकास अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, आज भी कई महत्वपूर्ण मांगें लंबित हैं अंबिकापुर-बरवाड़ीह रेल लाइन,रेल सेवाओं का विस्तार,नई एक्सप्रेस ट्रेनों की शुरुआत,औद्योगिक रेल कॉरिडोर,पर्यटन आधारित रेल सुविधाएं,यदि इन परियोजनाओं पर भी गति आती है तो सरगुजा का विकास एक नए चरण में प्रवेश करेगा।
राजनीति नहीं,विकास की प्रतिस्पर्धा हो-यदि किसी नेता की तुलना किसी ऐतिहासिक जननेता से की जाती है तो उसका आधार राजनीतिक नारे नहीं,बल्कि ठोस उपलब्धियां होनी चाहिए,यदि श्याम बिहारी जायसवाल अपने कार्यकाल में रेल विस्तार, स्वास्थ्य,सड़क,शिक्षा,औद्योगिक निवेश जैसे क्षेत्रों में स्थायी परिवर्तन ला पाते हैं,तब इतिहास स्वयं उनका मूल्यांकन करेगा,ऐसी तुलना जनता करती है, समाचार पत्र नहीं।
इतिहास का फैसला समय करता है- किसी भी नेता को इतिहास में स्थान चुनावी जीत से नहीं मिलता,स्थान मिलता है उसके कार्यों से, उसके संघर्ष से,उसके द्वारा छोड़ी गई विकास की विरासत से,स्वर्गीय लरंग साय आज इसलिए याद किए जाते हैं क्योंकि उनका संघर्ष परिणाम में बदल गया,अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि क्या श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयास भी आने वाले वर्षों में एमसीबी और सरगुजा की रेल व्यवस्था में स्थायी परिवर्तन ला पाते हैं,यदि यह परियोजना समय पर पूरी होती है और इसके बाद भी रेल विस्तार की कड़ी आगे बढ़ती है,तो भविष्य में इतिहास स्वयं तय करेगा कि सरगुजा को रेल विकास के क्षेत्र में एक और ऐसा जनप्रतिनिधि मिला,जिसने क्षेत्र की दिशा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, इतिहास किसी को उपाधि नहीं देता,इतिहास उसे याद रखता है जिसने विकास को स्थायी विरासत बनाया हो।
करीब साढ़े 17 किलोमीटर लंबी होगी नई रेल लाइन
परियोजना के तहत पाराडोल टेकऑफ प्वाइंट (किमी 947.257) से नागपुर रोड स्टेशन (किमी 964.820) तक नई ब्रॉडगेज सिंगल लाइन का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही बोरीडांड-चिरमिरी लाइन के किमी 946.640 से 947.257 के बीच स्लूइंग कार्य भी होगा,जिससे नई लाइन को मौजूदा नेटवर्क से जोड़ा जाएगा,नई लाइन की लंबाई लगभग 17.5 किलोमीटर होगी,जो भविष्य की यात्री और माल परिवहन आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित की जाएगी।
जब रेल केवल सुविधा नहीं,सपना थी
आज जिस सरगुजा में रेल सुविधाओं का विस्तार दिखाई देता है,वहां एक समय ऐसा था जब रेल केवल लोगों का सपना थी,अंबिकापुर तक रेल पहुंचाने की मांग वर्षों तक उठती रही,उस समय लरंग साय ने इस मांग को केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं रहने दिया बल्कि जनता का आंदोलन बना दिया,उन्होंने संसद से लेकर सड़क तक लगातार यह मुद्दा उठाया कि यदि सरगुजा को मुख्यधारा से जोड़ना है तो रेल संपर्क आवश्यक है, उनके संघर्ष का परिणाम यह रहा कि अंबिकापुर रेल मानचित्र पर आया और क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुलीं।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया विकास का नया अध्याय…
समय बदला,सरगुजा संभाग का पुनर्गठन हुआ,एमसीबी नया जिला बना,इसी बीच चिरमिरी के विधायक श्याम बिहारी जायसवाल राज्य सरकार में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री बने,सरकार में आने के बाद उनके गृह क्षेत्र में रेल विकास की गति भी तेज दिखाई देने लगी,अब पाराडोल-नागपुर रोड नई रेल लाइन के लिए लगभग 602 करोड़ रुपये की परियोजना का टेंडर जारी होना इस दिशा में सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है,यदि यह परियोजना समय पर पूरी होती है तो चिरमिरी की रेल व्यवस्था बदलेगी,कोयला परिवहन को नई गति मिलेगी,एमसीबी जिले की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी,भविष्य में नई ट्रेनों की संभावनाएं बढ़ेंगी,क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी,उन्होंने कहा कि नई रेल लाइन बनने से एमसीबी जिले की देश के अन्य हिस्सों से रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी,औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और आम नागरिकों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी,उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए आगे भी लगातार प्रयास जारी रहेंगे।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी पूरी परियोजना
रेल परियोजना केवल नई पटरी बिछाने तक सीमित नहीं रहेगी, इसके तहत—बड़े रेल पुलों का निर्माण, रोड ओवर ब्रिज (आरओबी), रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी),वायाडक्ट पुल, आधुनिक सिग्नल एवं दूरसंचार प्रणाली, ऑप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क,पूर्ण विद्युतीकरण,पाराडोल जंक्शन का विकास, नागपुर रोड स्टेशन से संबंधित निर्माण, तथा नई चिरमिरी स्टेशन से जुड़े विकास कार्य भी किए जाएंगे, इन सुविधाओं के बाद यह पूरा रेल खंड आधुनिक तकनीक और बेहतर सुरक्षा मानकों से लैस हो जाएगा।
यात्रियों को भी मिलेगी बेहतर सुविधा
इस परियोजना का लाभ केवल माल परिवहन तक सीमित नहीं रहेगा, नई रेल लाइन बनने के बाद चिरमिरी और एमसीबी जिले के लोगों को भी अधिक सुगम रेल सुविधा मिलने की उम्मीद है,बेहतर कनेक्टिविटी से यात्रियों के आवागमन में सुविधा होगी, यात्रा समय में सुधार आएगा और भविष्य में नई रेल सेवाओं की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।


Share

Check Also

अम्बिकापुर@ नाबालिग से छेड़छाड़ का आरोपी गिरफ्तार

Share करम्हा गांव की घटना, पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज-संवाददाता-अम्बिकापुर,03 अगस्त 2026 …

Leave a Reply