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रायपुर@स्वास्थ्य व्यवस्था केवल इलाज नहीं, बल्कि समय पर जांच, गुणवत्तापूर्ण उपचार और जीवन बचाने की व्यवस्था है : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

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  • आयुष्मान योजना में देश में प्रथम स्थान का दावा, आधुनिक जांच सुविधाओं और खाद्य सुरक्षा पर सरकार का विशेष जोर
  • ढाई साल का रिपोर्ट कार्ड: कैंसर से डायलिसिस तक, गुणवत्ता से आपातकालीन सेवाओं तक स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़े बदलाव का दावा


रायपुर,03 अगस्त 2026 (घटती-घटना)। प्रेस वार्ता के तीसरे चरण में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था, कैंसर एवं किडनी रोगियों के उपचार,आयुष्मान भारत योजना की उपलब्धियों,जांच सुविधाओं के विस्तार तथा दवा एवं खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता नियंत्रण को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल अस्पताल बनाना नहीं बल्कि ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार करना है,जहां गरीब से गरीब व्यक्ति को भी समय पर गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध हो सके।
अब जिला स्तर पर भी
कैंसर मरीजों को मिलेगी राहत

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पहले कैंसर का इलाज बड़े शहरों तक सीमित था,मरीजों को रायपुर या दूसरे राज्यों में जाना पड़ता था,जिससे समय और धन दोनों की भारी हानि होती थी,इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने 26 जिलों में ‘डे-केयर कीमोथेरेपी सेंटर’ शुरू किए हैं, उन्होंने बताया कि—अब मरीजों को सामान्य कीमोथेरेपी के लिए राजधानी आने की आवश्यकता नहीं होगी, जिला अस्पतालों में ही उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है,इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी, समय पर उपचार मिलने से कैंसर रोगियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा,मंत्री ने इसे प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक बताया।
डायलिसिस सुविधा
का पूरे प्रदेश में विस्तार

उन्होंने कहा कि जीवनशैली में बदलाव और बढ़ते मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप के कारण किडनी रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, इसी को देखते हुए सरकार ने 32 जिलों में निशुल्क डायलिसिस सेवा शुरू कर दी है,शेष 33वें जिले में भी यह सुविधा शुरू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, इसके अलावा 25 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक भी डायलिसिस सुविधा का विस्तार किया जा रहा है,मंत्री ने कहा कि अब गरीब मरीजों को निजी अस्पतालों में भारी खर्च नहीं उठाना पड़ेगा।
108 एम्बुलेंस सेवा को मिली नई ताकत-स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के लिए एम्बुलेंस नेटवर्क का विस्तार किया गया,उन्होंने बताया कि—पहले 108 एम्बुलेंस की संख्या 300 से भी कम थी,वर्तमान में इसे बढ़ाकर 375 कर दिया गया है, साथ ही एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस की संख्या भी बढ़ाई गई,गंभीर मरीजों को बेहतर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
नवजात शिशुओं के लिए विशेष एम्बुलेंस-मंत्री ने बताया कि नवजात शिशुओं को सुरक्षित अस्पताल तक पहुंचाने के लिए विशेष नियोनेटल एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है,उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के बाद छत्तीसगढ़ दूसरा राज्य है जहां इस प्रकार की विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई,पांच अत्याधुनिक नियोनेटल एम्बुलेंस सभी संभागीय मुख्यालयों में तैनात की गई हैं, इनमें नवजात शिशुओं के लिए विशेष जीवनरक्षक उपकरण उपलब्ध हैं,उन्होंने कहा कि इससे हजारों नवजात बच्चों की जान बचाई जा रही है।
भुगतान व्यवस्था हुई नियमित-मंत्री ने कहा कि अब अस्पतालों को समय पर भुगतान किया जा रहा है,पूरी प्रक्रिया डिजिटल एवं पारदर्शी बनाई गई है,निजी एवं सरकारी दोनों अस्पतालों का विश्वास बहाल हुआ है,उन्होंने दावा किया कि बेहतर क्रियान्वयन के कारण भारत सरकार ने आयुष्मान भारत योजना में छत्तीसगढ़ को देश में प्रथम स्थान प्रदान किया।
अटल आरोग्य जांच योजना का विस्तार-मंत्री ने कहा कि किसी भी बीमारी का सही इलाज तभी संभव है जब समय पर उसकी सही जांच हो,इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने अटल आरोग्य जांच योजना का विस्तार किया, उन्होंने बताया कि जिला अस्पतालों,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जांच सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया गया है, इस योजना के संचालन में एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड की महत्वपूर्ण भूमिका है।
जांच प्रणाली होगी और मजबूत-मंत्री ने कहा कि पहले कई जांचों के लिए नमूने दूसरे राज्यों की प्रयोगशालाओं में भेजने पड़ते थे, जिससे रिपोर्ट आने में विलंब होता था,अब इस व्यवस्था को बदलने के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशाला बनाई जा रही है।
96.68 करोड़ की इंटीग्रेटेड टेस्टिंग लैब-उन्होंने बताया कि लगभग 96 करोड़ 68 लाख रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड प्रयोगशाला स्थापित की जा रही है,इस प्रयोगशाला में दवाइयों की जांच,खाद्य पदार्थों की जांच,गुणवत्ता परीक्षण,आधुनिक वैज्ञानिक परीक्षण एक ही परिसर में किए जा सकेंगे, उन्होंने कहा कि यह केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि आसपास के राज्यों के लिए भी महत्वपूर्ण सुविधा होगी।
दवाइयों की रिकॉर्ड जांच-स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में जितनी दवाइयों की जांच हुई है, उतनी शायद पहले कभी नहीं हुई,उन्होंने बताया बाजार से लगातार नमूने लिए जा रहे हैं, गुणवत्ता परीक्षण कराया जा रहा है, अमानक दवाइयों पर कार्रवाई की जा रही है, उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरत रही।
मिलावटी पनीर और
खोवा पर लगातार कार्रवाई

मंत्री ने कहा कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग लगातार—नकली पनीर, मिलावटी खोवा, अमानक खाद्य पदार्थ,के खिलाफ अभियान चला रहा है,उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान विशेष अभियान चलाए जाते हैं।
डेयरी एनालॉग उत्पादों पर प्रतिबंध को बताया ऐतिहासिक निर्णय
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हाल ही में राज्य सरकार ने ऐसे डेयरी एनालॉग एवं गैर-दुग्ध उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया है जो उपभोक्ताओं को वास्तविक दूध उत्पाद होने का भ्रम पैदा करते हैं, उन्होंने कहा—उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से समझौता नहीं किया जाएगा, मिलावटखोरों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी, खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष जोर…
मंत्री ने कहा कि केवल भवन निर्माण से स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर नहीं होती, उन्होंने कहा कि यदि अस्पताल में-प्रशिक्षित डॉक्टर, नर्स,आधुनिक उपकरण,स्वच्छता, गुणवत्तापूर्ण सेवाएं,नहीं हों तो अस्पताल का भवन केवल ढांचा बनकर रह जाता है, इसी सोच के तहत राज्य सरकार ने गुणवत्ता सुधार पर विशेष कार्य किया।
1297 स्वास्थ्य संस्थानों को राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन…
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि भारत सरकार का स्वास्थ्य मंत्रालय विभिन्न मानकों के आधार पर अस्पतालों का मूल्यांकन करता है, इसी प्रक्रिया के अंतर्गत-1297 स्वास्थ्य संस्थानों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक का प्रमाणन प्राप्त हो चुका है, इनमें शामिल हैं आयुष्मान आरोग्य मंदिर,उप स्वास्थ्य केंद्र,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल।
अबूझमाड़ और चिंतागुफा जैसे क्षेत्रों को भी मिला गुणवत्ता प्रमाणन
मंत्री ने विशेष रूप से कहा कि यह उपलब्धि केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा—चिंतागुफा जैसे पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्र,ओरछा, कुटरू, अबूझमाड़ क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों को भी राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त हुआ है, उन्होंने कहा कि यह प्रमाण है कि स्वास्थ्य सेवाएं अब दुर्गम क्षेत्रों तक भी गुणवत्तापूर्ण रूप से पहुंच रही हैं।
618 और स्वास्थ्य संस्थान प्रमाणन की प्रक्रिया में…
मंत्री ने बताया कि 618 अन्य स्वास्थ्य संस्थान भी गुणवत्ता प्रमाणन की प्रक्रिया के अंतिम चरण में हैं, उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में प्रदेश के अधिकांश सरकारी अस्पताल राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को प्राप्त कर लेंगे।
आयुष्मान भारत योजना में छत्तीसगढ़ को देश में पहला स्थान…
प्रेस वार्ता में स्वास्थ्य मंत्री ने आयुष्मान भारत योजना का विशेष उल्लेख किया, उन्होंने कहा कि जब वर्तमान सरकार बनी तब निजी अस्पतालों का भुगतान लंबित था, लगभग 1700 करोड़ रुपये की देनदारी थी, कई निजी अस्पतालों ने आयुष्मान योजना के तहत इलाज बंद कर दिया था, सरकार ने भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाते हुए लंबित राशि का भुगतान शुरू किया।
जनस्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता
अपने संबोधन के इस हिस्से में मंत्री ने दोहराया कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य केवल अस्पताल चलाना नहीं,बल्कि एक ऐसी व्यवस्था विकसित करना है जहां जांच समय पर हो,उपचार सुलभ हो,गरीब मरीज को आर्थिक परेशानी न हो, दवाइयों की गुणवत्ता सुनिश्चित हो, और हर नागरिक को सम्मानपूर्वक स्वास्थ्य सेवा मिले,उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और ऊंचे स्तर पर ले जाने के लिए निरंतर कार्य करेगी।
विशेष रिपोर्ट
(भाग-4) में पढि़ए

– पांच नए मेडिकल कॉलेजों को मिली मान्यता
– 14 नए नर्सिंग कॉलेज
– फिजियोथेरेपी कॉलेजों की स्थापना
– बिलासपुर और जगदलपुर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल
– मेकाहारा के आधुनिकीकरण का खाका
– आयुष विभाग की उपलब्धियां
– सीजीएमएससी के निर्माण कार्य
– 700 बिस्तरीय अस्पताल
– कैंसर संस्थान
– क्रिटिकल केयर यूनिट
– विभाग की भविष्य की कार्ययोजना
– स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की प्रेस वार्ता का समग्र निष्कर्ष।


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