विश्व पशु चिकित्सा दिवस पर मूक प्राणियों के संरक्षकों का हुआ सम्मान
अम्बिकापुर,25 अप्रैल 2026 (घटती-घटना)। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मानव सभ्यता के आरंभ से ही पशु हमारे जीवन का अभिन्न अंग रहे हैं। पशुओं का संरक्षण और संवर्धन केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रमुख आधार भी है। उन्होंने पशु चिकित्सकों को मूक प्राणियों का सच्चा संरक्षक बताते हुए कहा कि उनकी सेवा, समर्पण और करुणा से न केवल पशुओं का जीवन सुरक्षित होता है, बल्कि यह मानवता के प्रति भी एक बड़ा योगदान है।
विश्व पशु चिकित्सा दिवस पर आयोजित हुआ कार्यक्रम
विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ संघ द्वारा राजमोहिनी कृषि महाविद्यालय, अजिरमा (अंबिकापुर) में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में मंत्री ने पशु चिकित्सकों की भूमिका और उनके योगदान को सम्मानपूर्वक रेखांकित किया। साथ ही मूक प्राणियों के स्वास्थ्य, टीकाकरण और संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पशु चिकित्सकों तथा क्षेत्र सहायकों को सम्मानित किया गया।
गोशालाओं और पुनर्वास केंद्रों के कार्यकर्ताओं की सराहना : मंत्री ने पशु पुनर्वास केंद्रों और गोशालाओं में कार्यरत उन कर्मठ लोगों की भी सराहना की, जो निराश्रित, घायल और बीमार पशुओं की सेवा में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग समाज के लिए प्रेरणा हैं, जो निःस्वार्थ भाव से बेजुबान जानवरों की सेवा करते हैं।
उत्कृष्ट कार्य करने वालों का हुआ सम्मान : कार्यक्रम में पशु चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले कई चिकित्सकों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर पशु चिकित्सकों ने इसे अपने कार्य के प्रति प्रेरणा बताया।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में विधायक प्रबोध मिंज, अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ पशु चिकित्सक, विभागीय अधिकारी तथा गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
पशु कल्याण का लिया संकल्प
कार्यक्रम का समापन पशु कल्याण और संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने पशुओं के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने और उनकी देखभाल को जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।
पशुपालन बना ग्रामीण आजीविका का प्रमुख साधन
मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि आज के समय में पशुपालन ग्रामीण आजीविका का एक महत्वपूर्ण साधन बन चुका है। ऐसे में पशु चिकित्सकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ पशुधन से किसान और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ती है तथा आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से पशु चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने तथा इस क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
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