रायपुर,15 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की नियुक्ति को लेकर राज्य सरकार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने मुख्य सचिव को कड़ा पत्र भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है कि अब तक राज्य में पूर्णकालिक डीजीपी की नियुक्ति क्यों नहीं की गई है।
आयोग ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला दिया है और तत्काल जवाब तलब किया है। यूपीएससी के अवर सचिव दीपक शॉ ने पत्र में बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने अब तक पूर्णकालिक डीजीपी की नियुक्ति संबंधी अधिसूचना आयोग को नहीं भेजी। आयोग ने 13 मई 2025 को योग्य अधिकारियों का पैनल राज्य सरकार को भेजा था और नियमानुसार पैनल में से किसी एक अधिकारी को तत्काल पूर्णकालिक डीजीपी नियुक्त करना था। आयोग ने पूछा कि 3 जुलाई 2018 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन अब तक क्यों नहीं हुआ? यदि विलंब हुआ है तो उसका ठोस कारण क्या है।
क्यों फंसा है मामला : सरकार ने यूपीएससी के पैनल के आधार पर अरुण देव गौतम को डीजीपी तो नियुक्त किया, लेकिन उन्हें पूर्णकालिक का प्रभार देने के बजाय प्रभारी डीजीपी बना दिया। सुप्रीम कोर्ट ने ‘प्रकाश सिंह बनाम भारत सरकार’ मामले में स्पष्ट किया था कि किसी भी राज्य में प्रभारी डीजीपी की परंपरा नहीं चलेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा…
5 फरवरी 2026 को ‘टी धंगोपल राव बनाम यूपीएससी’ मामले की सुनवाई में कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि नियुक्ति में देरी होने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। कोर्ट के शब्दों में, ‘देरी के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही सहित आवश्यक परिणाम सामने आएंगे। ‘ अगली सुनवाई से पहले छत्तीसगढ़ सरकार को या तो अरुण देव गौतम को पूर्णकालिक डीजीपी नियुक्त करना होगा या आयोग को ऐसा ठोस कारण बताना होगा जो अदालत को संतुष्ट कर सके। ऐसा न होने पर मुख्य सचिव और संबंधित अधिकारियों पर अवमानना की कार्रवाई हो सकती है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur