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बीजापुर@सुकमा के बाद बीजापुर में बड़ा सरेंडर…30 माओवादियों ने डाले हथियार,सिर पर था 85 लाख रुपए का ईनाम

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बीजापुर,07 फरवरी 2026। एक तरफ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिवसीय प्रवास पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं, वहीं दूसरी ओर बस्तर में एक के बाद एक जिले में माओवादियों का समर्पण जारी है। सुकमा में 21 माओवादियों के बाद बीजापुर में 30 माओवादियों ने हथियार डालकर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला लिया है। इन 30 माओवादियों के सिर पर करीब 85 लाख रुपए का ईनाम घोषित था।
सरकार की महत्वपूर्ण ‘नियद नेल्लानार’ व पुर्नवास नीति से प्रभावित होकर एक डिवीसीएम सहित कुल 30 माओवादी ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में 20 महिला माओवादी व 10 पुरुष माओवादी शामिल हैं। इन 30 माओवादियों पर कुलमिलाकर 85 लाख का ईनाम घोषित किया था। ये सभी आत्मसमर्पण माओवादी फायरिंग,आईडी ब्लास्ट और आगजनी जैसे अन्य घटनाओं में शामिल थे। माओवादियों ने सीआरपीएफ डीआईजी देवेन्द्र सिंह नेगी, पुलिस अधीक्षक डॉ।जितेन्द्र यादव,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यूलेण्डन यार्क,डीएसपी शरद जायसवाल, उप पुलिस अधीक्षक विनीत साहू एवं अन्य अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया। पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों को अधिकारियों ने 50-50 हजार रुपए नगद राशि प्रदान की गई। बता दें कि वर्ष 2024 से लेकर अब तक कुल 918 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था, वहीं वर्ष 2025 से लेकर अब तक कुल 1163 माओवादियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा सुरक्षाबल के जवानों ने 231 माओवादियों को अलग-अलग मुठभेड़ में मार गिराया है।
इन घटनाओं में शामिल रहे : ये सभी नक्सली सुरक्षा बलों पर हमलों में, ग्रामीण क्षेत्रों में हिंसक वारदात, सड़क और निर्माण कार्यों में बाधा, हथियार और विस्फोटक परिवहन, संगठन विस्तार और प्रशिक्षण गतिविधियों जैसी गंभीर नक्सली घटनाओं में संलिप्त रहे हैं।
निर्णायक बदलाव हो रहा : एसपी
सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने कहा कि, 21 माओवादी कैडरों का हथियारों सहित आत्मसमर्पण यह दर्शाता है कि सुकमा जिले में शांति और विकास की दिशा में निर्णायक बदलाव हो रहा है। जिला पुलिस पुनर्वास और सम्मानजनक भविष्य देने के लिए प्रतिबद्ध है।
माओवादी संगठन की जड़ें कमजोर
बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने कहा कि पूना मारगेम, पुनर्वास से पुनर्जीवन अभियान बस्तर में माओवादी संगठन की जड़ों को कमजोर कर रहा है। शेष कैडरों से अपील है कि वे हिंसा छोड़ मुख्यधारा में लौटें।


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