- विधानसभा की दावेदारी के बाद मैदान में उतरे शैलू शिवहरे
- रोज कर रहे जनसंपर्क, कार्यकर्ताओं में भी दिख रहा उत्साह
- प्रदेश प्रभारी के बयान के बाद नए लोगो को मिल सकता है मौका
-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 8 दिसम्बर 2022 (घटती-घटना)। यदि कोरिया जिले के बैकुंठपुर विधानसभा में भाजपा की ओर से विधायक प्रत्याशी की बात की जाए तो भैयालाल सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं पर यदि इनका टिकट किसी वजह से कटता है तो क्या शैलेष शिवहरे हो सकते है विधायक प्रत्याशी? वर्ष 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए दावेदारो की सक्रियता अभी से देखने को मिल रही है, प्रदेश में सत्तारूढ कांग्रेस में बैकुंठपुर विधानसभा से फिर एक बार वर्तमान विधायक व संसदीय सचिव अंबिका सिंहदेव को ही टिकट मिलने के ज्यादा आसार नजर आ रहे हैं तो वहीं विपक्षी दल भाजपा में विधानसभा प्रत्याशी कौन होगा इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। भाजपा की ओर से पूर्व मंत्री भैयालाल राजवाड़े के साथ ही उनके खास समर्थक रहे पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शैलेष शिवहरे ने भी इस बार पूरे दमखमक के साथ विधानसभा के लिए ताल ठोक दिया है, प्रतिदिन क्षेत्र का भ्रमण कर उनके द्वारा अभी से चुनावी तैयारी प्रांरभ कर दी गई है। शिवहरे के दौरे के बाद क्षेत्र में जहां नए समीकरण देखने को मिल रहे हैं तो वहीं कार्यकर्ता भी उत्साहित नजर आ रहे है। पिछले दिनों रायपुर दौरे पर आए प्रदेश प्रभारी ओम माथुर ने भी यह बयान दिया था कि हम लगातार चुनाव में युवाओं को मौका दे रहे हैं, दूसरे प्रदेशो में भी युवाओ व नए चेहरे को मौका दिया है, वहीं छत्तीसगढ में भी देखने को मिलेगा। उन्होने कहा था कोई ये मानकर न चले कि हम प्रत्याषी हैं बल्कि खुद को कार्यकर्ता समझ कर पार्टी का काम करें। प्रदेश प्रभारी के उक्त बयान के बाद प्रदेश भर में जहां टिकट की चाह रखने वाले पुराने नेताओं के चेहरे पर मायुषी देखने को मिल रही है तो वहीं नए चेहरो को संजीवनी बूटी मिल गई है।
पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शैलेष शिवहरे की खुले रूप से टिकट के लिए दावेदारी कर रहे
ज्ञात हो कि प्रदेश में विधानसभा का चुनाव नवंबर-दिसंबर 2023 में संभावित है और इसके लिए अभी से राजनैतिक पार्टियों द्वारा तैयारी शुरू कर दी गई है। पिछले चुनाव की यदि बात की जाए तो बैकुंठपुर विधानसभा से कांग्रेस ने राजपरिवार की अंबिका सिंहदेव को टिकट दिया था तो वहीं भाजपा से चौथी बार पूर्व मंत्री भैयालाल राजवाड़े टिकट पाने में कामयाब रहे। प्रदेश भर में सत्ता विरोधी लहर और क्षेत्र में साहू समाज से बढी दूरी के बाद श्री राजवाड़े लगभग 5000 मतो से चुनाव हार गए और अंबिका सिंहदेव विधानसभा पहंचु गई थी। लगभग 4 साल बीतने के बाद अब क्षेत्र में राजनैतिक फिजा एकदम सी बदली नजर आ नही है। बात यदि भाजपा की ओर से की जाए तो पिछले चुनाव में चौथी बार टिकट पाकर हारने के बाद पूर्व मंत्री भैयालाल राजवाड़े इस बार फिर से अपनी टिकट को लेकर आश्वस्त हैं उनके समर्थको का भी मानना है कि पार्टी फिर से उन्हे ही मैदान में उतारेगी। तो वहीं श्री राजवाड़े के प्रबल समर्थक रहे पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शैलेष शिवहरे ने इस बार खुले रूप से टिकट के लिए दावेदारी कर दी है। उनके द्वारा रोज ग्रामीण क्षेत्रो का दौरा किया जा रहा है, ग्रामीणों से मिलकर प्रदेश सरकार की नाकामी को बतलाया जा रहा है।
शिवहरे क्षेत्र में किसी परिचय के मोहताज नही है, पूर्व में वे कालरी कर्मी रहे चुके
ज्ञात हो कि श्री शिवहरे क्षेत्र में किसी परिचय के मोहताज नही है, पूर्व में वे कालरी कर्मी रहे हैं, प्रदेश में भाजपा की सत्ता आने के बाद कालरी की नौकरी छोड़कर उन्होने नगरपालिका अध्यक्ष का चुनाव लड़ा था और जीत भी हासिल की थी। दोबारा फिर से पार्टी ने उन्हे नपाध्यक्ष के लिए मैदान में उतारा था लेकिन भयंकर भीतरघात के बाद उन्हे हार का मुंह देखना पड़ा था। पिछले वर्ष हुए नगरपालिका चुनाव में पार्षद चुनाव हारने के बाद नगरपालिका अध्यक्ष के चुनाव में श्री शिवहरे ने अपनी धर्मपत्नी को अप्रत्याशित जीत दिलाई। प्रदेश में सत्तारूढ कांग्रेस के पास ज्यादा पार्षद होने के बावजूद पत्नी को अध्यक्ष बनाने में कामयाबी हासिल करने के बाद श्री शिवहरे का कद प्रदेष भर में ऊंचा हुआ और इसके बाद क्षेत्र में भी उनकी लोकप्रियता का ग्राफ काफी बढा है। श्री शिवहरे पूर्व में भाजपा के मंडल अध्यक्ष से लेकर झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ और वर्तमान में जिला उपाध्यक्ष का दायित्व संभाल रहे हैं। बैकुंठपुर शहर में धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम में बढ चढकर हिस्सा लेने से धर्म प्रेमियों के मध्य उनकी एक अलग छवि है। देवरहा सेवा समिति के माध्यम से आज अनेक कार्यक्रम क्षेत्र मे आए दिन देखने को मिलते हैं जो कि श्री शिवहरे की सक्रियता का ही परिणाम है।
उम्मीद के साथ अब श्री शिवहरे की सक्रियता
भाजपा उपाध्यक्ष शैलेष शिवहरे ने बताया कि पहले घर की आर्थिक स्थिति भी ठीक नही थी जिससे कि वे पूर्व में बाजार बैठकी का काम भी कर चुके हैं। उनका मानना है कि कोई भी काम छोटा बड़ा नही होता, काम सिर्फ ईमानदारी और लगन से करना चाहिए। इसी उम्मीद के साथ अब श्री शिवहरे की सक्रियता क्षेत्र में देखने को मिल रही है। श्री शिवहरे ने बताया कि प्रत्येक कार्यकर्ता की कुछ न कुछ चाहत होती है वे भी भाजपा के एक छोटे से कार्यकर्ता हैं, पार्टी की बैठको में दरी बिछाने से लेकर झंडा लगाने का काम तक उन्होने किया है, उनकी भी इच्छा है कि वे एक बार विधानसभा सदस्य के रूप में क्षेत्र की जनता की सेवा करें। कार्यकर्ताओं की भावना भी है कि इस बार चुनाव में नए चेहरे को मौका मिलना चाहिए। और इसी को देखते हुए वे चुनाव की तैयारी पर हैं क्षेत्र का दौरा कर लोगो की समस्या से रूबरू हो रहे हैं। उनको प्रदेश की भूपेश सरकार की विफलता और क्रेंद्र सरकार की उपलब्धियों को बतला रहे हैं।
शिवहरे ने बतलाया कि प्रदेश सरकार निरंकुश
श्री शिवहरे ने बतलाया कि प्रदेश सरकार निरंकुश हो गई है, गौठान और गाय के नाम पर इन्होने खूब पैसा खाया है, कोल ब्लाक से पैसा खाया गया है जिससे कि आज मुख्यमंत्री की उप सचिव ईडी की गिरफ्त में है। कांग्रेस के राज में किसान, मजदूर, शासकीय कर्मचारी, आम आदमी सब परेशान हैं। बेराजगारों का हाल बेहाल है,गंगाजल हाथ में लेकर शराब बंद करने का दावा इन्होने किया था लेकिन सरकार आने के बाद शराबबंदी तो दूर की बात आज गली गली में शराब की बिक्री हो रही है। जगह-जगह अवैध काम हो रहे हैं। पटवारियों पर दबाव डालकर किसानो का रकबा काटा गया है, जिससे कि किसान भी आक्राशित हैं। धान बेचने के लिए उन्हे सोचना पड़ रहा है जबकि सरकार एक-एक दाना धान खरीदने का दावा करती है। निर्माण कार्य ठप्प पड़े हुए हैं, सरकार के पास विकास के लिए पैसा नही है। इस सरकार की वित्तीय स्थिति दयनीय है। महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं हर वर्ग का शोषण कांग्रेस की सरकार कर रही है। हलांकि श्री षिवहरे का कहना है कि वे जरूर चुनाव की तैयारी कर रहे हैं और विधानसभा क्षेत्र का भ्रमण कर रहे हैं लेकिन टिकट का निर्णय पार्टी नेतृत्व लेती है,पार्टी यदि उन्हे टिकट देती है तो वे जरूर चुनाव लड़ेगें। टिकट नही मिलने की स्थिति में वे पार्टी का निर्णय स्वीकार करेंगे और पार्टी जिसे भी टिकट देगी पूरी ईमानदारी से उसके लिए काम करेंगे।
क्षेत्रीय विधायक को अब आ रही क्षेत्र की याद
विधानसभा क्षेत्र के भ्रमण पर निकले भाजपा जिला उपाध्यक्ष शैलेष शिवहरे ने क्षेत्रीय विधायक और संसदीय सचिव अंबिका सिंहदेव पर निष्कि्रयता का आरोप लगाते हुए कहा कि अपने कार्यकाल में उनके द्वारा प्रमुख कांग्रेसी कार्यकर्ताओं से लेकर भाजपाईयों को टारगेट करते हुए निपटाने का काम किया गया है। राजनैतिक दुष्मनी निभाते हुए एक नई परंपरा की शुरूआत की गई जो कि क्षेत्र मे पहले कभी देखने को नही मिलता था। पूरे चार साल वे क्षेत्र से गायब रही हैं अब चुनाव नजदीक आते ही उनको क्षेत्र और जनता की याद आने लगी है। बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य ठप्प पड़े हुए हैं या जो काम हो भी रहे हैं वह वहीं कर रहा है जिसे विधायक का आषिर्वाद प्राप्त है। विधायक के सिपहसलार लोगो को डरा धमका रहे हैं। जिससे कि आज सभी लोग त्रस्त हैं। श्री शिवहरे ने कहा कि बैकुंठपुर नगरपालिका अधिकारी पर विधायक का दबाव चलता है नगरपालिका का संचालन भी विधायक के ईषारे पर सीएमओ द्वारा किया जा रहा है। नगरपालिका के हर छोटे-बड़े काम में विधायक दखलंदाजी कर काम प्रभावित कर रही हैं। श्री शिवहरे ने कहा कि आज कोरिया जिले का असंतुलित विभाजन भी इनकी देन है,इनकी पकड़ इतनी कमजोर है कि मुख्यमंत्री इनकी एक बात नही सुनते हैं। जिससे कि आज कोरिया जिला पूरी तरह से बर्बाद हो गया, क्षेत्र की जनता इस निर्णय के बाद काफी मायुश है और विधायक के खिलाफ आक्रोशित भी है, आने वाले विधानसभा चुनाव में संसदीय सचिव अंबिका सिंहदेव को जनता की नाराजगी का सामना करना पड़ेगा।
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