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नई दिल्ली@भारत की इकोनॉमी में डबल ए वैरिएंट फैला

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हर जगह अडानी-अंबानी!

नई दिल्ली,02 फरवरी 2022 (ए)। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस की शुरुआत की. इस दौरान उन्होंने. कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण सच्चाई से कोसों दूर था, उसमें बेरोजगारी के बारे में कोई जिक्र नहीं था. जबकि पिछले साल 3 करोड़ युवाओं ने अपना रोजगार खो दिया. कांग्रेस नेता ने दावा किया कि 50 साल में सबसे ज्यादा बेरोजगारी इस वक्त हिंदुस्तान में है.
वायनाड सांसद ने आगे कहा कि हमारी यूपीए की सरकार ने दस साल के भीतर 27 करोड़ लोगों को गरीबी से निकाला था और इस सरकार ने 23 करोड़ लोगों को गरीबी में धकेल. दिया. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने नोटबंदी और जीएसटी से असंगठित क्षेत्र को खत्म कर दिया, जिससे अब दो हिंदुस्तान बन गए हैं- गरीबों का भारत और और अमीरों का भारत.
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने अपने भाषण में कहा कि जब तक असंगठित क्षेत्र को मजबूत नहीं किया जाएगा, तब तक स्टार्टअप इंडिया, न्यू इंडिया, मेक इन इंडिया के नारे से कुछ नहीं होगा. इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को दो हिंदुस्तानों को जोडऩे का काम करना चाहिए. राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार ने असंगठित क्षेत्र का लाखों-करोड़ रुपया छीनकर हिंदुस्तान के दो सबसे बड़े अरबपतियों को दिलवा दिया. इस सरकार ने अपने पिछले 7 सालों में लघु-मध्यम उद्योगों पर एक के बाद एक हमला किया है.
ए वैरिएंट देश की अर्थव्यवस्था में फैला
राहुल गांधी ने अंबानी और अडानी को देश का सबसे बड़ा मोनोपोलिस्ट करार दिया और कहा कि दोनों उद्योगपति कोरोना वायरस के वैरिएंट (डेल्टा और ओमिक्रॉन) की तरह. ही डबल-ए वैरिएंट हैं. ये वैरिएंट देश की अर्थव्यवस्था को अपनी चपेट में लेते जा रहे हैं.
उन्होंने अपने आरोपों में कहा कि मोदी सरकार ने अडानी को हिंदुस्तान के सभी बंदरगाह, हवाई अड्डे, खदानें, बिजली कारखाने इत्यादि दे दिए हैं, तो वहीं पेट्रोकेमिकल, टेलीकॉम, रिटेल और ई-कॉमर्स में अंबानी का एकाधिकार हो गया है, इसलिए पूरा का पूरा धन चुने हुए लोगों के हाथ में जा रहा है.
संविधान में भारत को राज्यों का संघ कहा गया है, राष्ट्र नहीं
राहुल गांधी ने कहा कि संविधान में भारत को राष्ट्र नहीं कहा गया है, भारत राज्यों का संघ है. सरकार को इतिहास ज्ञान नहीं है. बिना संवाद के लोगों पर राज नहीं कर सकते. हर राज्य की अपनी संस्कृति, भाषा, इतिहास है. केंद्र राज्यों पर कोई दवाब नहीं बना सकता है. हमारा देश सामाज्य नहीं है. देश फूलों के गुलदस्ते के समान है. देश को केंद्र की छड़ी से नहीं चलाया जा सकता है.
किसानों की बात नहीं सुनी गई
कृषि कानूनों को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि किसान सडक़ों पर बैठे रहे, लेकिन राजा ने किसी की भी आवाज नहीं सुनी. सरकार के फ्रेमवर्क में किसानों के लिए जगह नहीं है. कानूनों की वापसी को लेकर राहुल ने कहा कि यह सरकार भ्रम में है.
पीएम इजरायल जाकर पेगासस लाए
जैसा कि अंदेशा लगाया जा रहा था कि विपक्षी दल के नेता राहुल गांधी सदन में पेगासस का मुद्दा उठा सकते हैं, वैसा ही हुआ. कांग्रेस नेता ने कहा कि पेगासस स्पाईवेयर के जरिए संस्थाओं को खत्म किया जा रहा है. पीएम इजरायल जाकर पेगासस लेकर आए थे जिसका इस्तेमाल कर जासूसी कराई जा रही है. लेकिन सरकार देश के लोगों का अपमान नहीं कर सकती है.
चीन का प्लान स्पष्ट है: राहुल गांधी
केंद्र सरकार की नीति की वजह से पाकिस्तान और चीन साथ साथ आ गए हैं और आज भारत दुनिया से अलग थलग हो चुका है और चारों तरफ से घिर चुका है. डोकलाम और लद्दाख.को लेकर चीन की योजना काफी स्पष्ट है जबकि भारत की विदेश नीति में काफी गलतियां हैं. चीन आज भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है.
कांग्रेस को मिला एक घंटा
धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के लिए विपक्षी दलों को 12 घंटे का समय दिया गया है. कांग्रेस को
इसमें से एक घंटा आवंटित किया गया. सोमवार को बजट सत्र की शुरुआत में संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में अपने 50 मिनट के संबोधन में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा था कि उनकी सरकार की नीतियों ने समाज के
गरीब और हाशिए के वर्गों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है.
4 से रात 9 बजे तक चलेगी लोकसभा की कार्यवाही
संसद के दोनों सदन दिन के अलग-अलग समय पर चलेंगे. कोरोना महामारी की वजह से 2 फरवरी से 11 फरवरी के बीच लोकसभा सत्र की कार्यवाही शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक चलेगी, जबकि राज्यसभा सत्र की कार्यवाही रोजाना सुबह 10 बजे शुरू होगी और दोपहर 3 बजे तक चलेगी. कोरोना महामारी के चलते विभिन्न तरह के कोविड-19 प्रोटोकॉल्स का भी पालन किया जाएगा.
पेगासस पर भी हंगामे के आसार
संसद के इस बजट सत्र में पेगासस मुद्दे पर हंगामे के आसार हैं. माना जा रहा है कि विपक्षी दल इस मुद्दे को उठाने से नहीं चूकेंगे. वहीं,
इससे पहले, संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सर्वदलीय बैठक के बाद कहा था कि पेगासस मामला अब माननीय सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन ऐसे में इस मुद्दे पर संसद में चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है. इस सत्र में बजट पर ही होगी चर्चा, बाकी अंतिम फैसला स्पीकर का रहेगा


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