Breaking News

नई दिल्ली @ कृषि कानूनों की वापसी का प्रस्ताव कैबिनेट से मंजूर

Share


अब संसद में वापसी के लिए आएगा विधेयक


नई दिल्ली ,24 नवंबर 2021 ( ए)
। तीन नए कृषि कानूनों की वापसी की संवैधानिक प्रक्रिया का पहला कदम सरकार ने आगे बढ़ा दिया है। बुधवार को मोदी सरकार की कैबिनेट ने इन कानूनों का वापसी वाले बिल को मंजूरी दे दी है और अब इसे संसद में पेश किया जाएगा।
आज की कैबिनेट बैठक में तीने कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए विधेयक को भी मंजूरी दे दी गई, जिसे शीतकालीन सत्र में संसद में पेश किया जाना है। अनुराग ठाकुर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर को गुरु पर्व के अवसर पर राष्ट्र के नाम संबोधन में तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले की घोषणा की थी । उन्होंने बताया कि आज केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इन तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के संबंध में औपचारिकताएं पूरी कर ली गई । सूचना प्रसारण मंत्री ने बताया कि संसद के 29 नवंबर को शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा एवं राज्यसभा में इन कानूनों को निरस्त करने संबंधी प्रक्रिया पूरी की जायेगी। कैबिनेट की मुहर लगने के बाद बिल को संसद के शीत सत्र में पेश किया जाएगा। संसद का सत्र 29 नवंबर से शुरू हो रहा है और पहले ही दिन यह बिल पेश होने वाला है।
सीमाओं पर डटे हैं किसान नेता
उधर अब भी संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े 40 संगठन दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं और उनका कहना है कि एमएसपी समेत 6 मांगों के पूरा होने पर ही घर वापसी करेंगे। इस बीच किसान संगठनों ने ऐलान किया है कि 29 नवंबर को 60 ट्रैक्टरों के साथ 1,000 किसान संसद की ओर कूच करेंगे। यही नहीं 26 नवंबर को किसानों ने एक बार फिर से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन का फैसला लिया है। इसके अलावा 27 नवंबर को संयुक्त किसान मोर्चा ने एक बार फिर से मीटिंग बुलाई है, जिसमें आगे की रणनीति को लेकर फैसला लिया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि जो सड़के सरकार द्वारा खोली गई हैं। उन सड़कों से ट्रैक्टर गुजरेंगे। हम पर पहले सड़कों को ब्लॉक करने का आरोप लगाया गया था। हमने सड़क को अवरुद्ध नहीं किया था। सड़कों को ब्लॉक करना करना हमारे आंदोलन का हिस्सा नहीं है। हमारा आंदोलन सरकार से बात करना है। हम सीधे संसद जाएंगे।
किसान संगठनों में उभरे मतभेद
हालांकि किसान आंदोलन के समर्थकों के बीच भी इसे जारी रखने या बंद करने को लेकर मतभेद पैदा हो गए हैं। चौबीस खाप और गठवाला खाप के नेताओं का कहना है कि अब इस आंदोलन को समाप्त करते हुए किसानों को घर वापसी कर लेनी चाहिए। वहीं कई खाप नेताओं ने आंदोलन को जारी रखने का समर्थन करते हुए कहा कि एमएसपी को लेकर अभी संघर्ष चलते रहना चाहिए। बीते एक साल से किसान संगठन यूपी और हरियाणा से लगी दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं और इसके चलते कई रास्ते भी जाम हैं।


Share

Check Also

नई दिल्ली@अभिषेक बनर्जी के बाद अब टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी पर हमला…सिर फूटा

Share नई दिल्ली,31 मई 2026। पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण …

Leave a Reply