बैकुंठपुर पुलिस गवाह लेकर शराब पकड़ने जाति है कार्यवाही देखकर यही उठ दे सवाल।
बैकुण्ठपुर 30 अक्टूबर 2023 (घटती-घटना)। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रदेश सहित कोरिया जिले में भी आदर्श आचार संहिता प्रभावी है वहीं इस दौरान जिले की पुलिस भी काफी सक्रिय नजर आ रही है और लगातार वह गलत कार्यों पर कार्यवाही कर रही है वहीं पुलिस अवैध शराब मामले में भी लगातार कार्यवाही कर रही है। पुलिस की सक्रियता चुनाव के मद्देनजर बढ़ी हुई देखकर अब क्षेत्र में भी कानून व्यवस्था को लेकर लोग सजग हैं और अपने स्तर पर सभी यह ध्यान जरूर रख रहे हैं की उनसे कोई गलती न हो जिससे उन्हे कानूनी किसी मामले में फंसना पड़े। कोरिया पुलिस इस दौरान अवैध शराब परिवहन महुआ शराब निर्मित करना बेचना सहित शराब पीकर सार्वजनिक जगहों पर घूमने वालों पर गंभीरता से नजर रख रही है और ऐसा पाए जाने पर वह तत्काल कार्यवाही भी कर रही है।
इसी क्रम में बैकुंठपुर जिला मुख्यालय की पुलिस भी कार्यवाही कर रही है बैकुंठपुर पुलिस अवैध शराब परिवहन, महुआ शराब निर्मित करना बेचना सहित शराब सार्वजनिक स्थान पर पीना या पीकर घूमने वालों पर सख्ती से कार्यवाही कर रही है, वहीं यह लगातार जारी कार्यवाही भी है, लेकिन इस तरह की कार्यवाही के दौरान पुलिस कुछ ऐसा भी कर जा रही है जो सवाल खड़े करने वाले मामले बन जा रहे हैं और जिनको लेकर सवाल उठने लगते हैं,इसी क्रम में बैकुंठपुर पुलिस ने तीन कार्यवाही की है जो एक ही दिन की गई कार्यवाही हैं जिसमे तीन अलग अलग जगहों पर एक ही क्षेत्र के पुलिस कार्यवाही करती है और जिसमे दो मामलों में वह महुआ शराब जब्ती करती है और तीसरे में वह एक व्यक्ति को शराब पीकर सार्वजनिक जगह पर मदहोश पड़े रहने की स्थिति में पाती है और तीनो पर कार्यवाही करती है। कार्यवाही में पुलिस दो से महुआ शराब भी जब्त करती है और तीसरे को शराब पीकर सड़क किनारे पड़े होने सार्वजनिक जगह पर पड़े होने का दोषी पाती है और आबकारी एक्ट के तहत सभी पर कार्यवाही करती है वहीं पुलिस तीन कार्यवाहियों में कार्यवाही तो तीन अलग अलग लोगों पर करती है लेकिन सभी मामलों में वह गवाह एक ही लोगों को बनाती है जिससे सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अपने साथ क्या गवाह लेकर चलती है जो तत्काल गवाही दे देते हैं और पुलिस को गवाह ढूढने की जरूरत नहीं होती या पुलिस को हर मामले में गवाह मिल नहीं पाते इसलिए पुलिस एक ही तरह के गवाह एक ही लोगों को गवाह बनाती है? जिससे उसकी कार्यवाही सही साबित हो सके और वह अपने ऊपर के अधिकारियों को कार्यवाही दिखा सकें। वैसे माना जाता है की ऐसा इसीलिए होता है क्योंकि पुलिस कार्यवाही के दौरान गवाह तलाश नहीं पाती और वह कई मामलों में एक ही लोगों को गवाह बना देती है। वैसे कई मामलों में गवाह बनने वाले लोग बाद में अपनी गवाही मुकर भी जाते हैं और जिसके ऊपर अपराध दर्ज होता है वह आसानी से बच जाता है। अब यदि इस तरह सोचा जाए तो एक ही लोगों को कई मामलो मे गवाह बनाने के पीछे यही वजह तो नहीं यह भी समझा जा सकता है।बैकुंठपुर पुलिस की तीन आबकारी एक्ट के तहत की गई तीन कार्यवाहियां
बैकुंठपुर पुलिस ने आबकारी एक्ट के तहत एक दिन में तीन कार्यवाहियां जो एक ही क्षेत्र एक ही ग्राम में की गई उनका विवरण इस प्रकार है, एक कार्यवाही ग्राम भखार की है जिसमे एक व्यक्ति भखार चौक के पास मदहोश शराब के नशे में पड़ा हुआ था जिसे पुलिस ने उठाकर मुलहायजा कराया शराब पीने की पुष्टि पाई और सार्वजनिक स्थान पर शराब पीकर पड़े होने का दोषी मानकर कार्यवाही की, दूसरे मामले में ग्राम सत्तीपारा के कृष्णा कुमार बरगाह अपने घर की परछी में अवैध महुआ शराब रखा था जिसे पुलिस ने पकड़ा और आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही की तीसरे मामले में बैकुंठपुर पुलिस ने ग्राम झरनापारा बाजार पारा के राजेश कुमार को एक झोले के अंदर पीले रंग के जरकिन में महुआ शराब बेचने के उद्देश्य से परिवहन करने का दोषी पाया और आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही की,सभी मामले एक ही क्षेत्र के हैं और एक ही दिन के वहीं सभी मामलों में एक ही तरह के मामले पुलिस ने पंजीबद्ध किए।
तीनों मामलों के गवाह एक ही लोग
पुलिस ने ग्राम भखार,ग्राम सत्तीपारा,ग्राम झरनापारा में अलग अलग तीन कार्यवाही की सभी कार्यवाही आबकारी एक्ट के तहत की गई,सभी कार्यवाही जिन जगहों पर हुई सभी पुलिस के लिए एक ही मार्ग पर पड़ने वाले गांव थे लेकिन पुलिस ने सभी कार्यवाही में गवाह एक ही लोगों को बनाया है, जैसे पहली कार्यवाही जिसमे शराब पीकर सड़क पर व्यक्ति मिलता है उसमे गवाह दो हैं जिनके नाम प्रीत कुमार पिता गोरे लाल पैकरा उम्र 40 वर्ष,रामकृपाल पिता भगवान दास उम्र 45 वर्ष दोनो झरनापारा निवासी, दूसरे मामले में पुलिस ने दो गवाह ही बनाए हैं जिसमे एक प्रीत कुमार पिता गोरे लाल पैकरा ग्राम सत्तीपारा वहीं मो हुसैन पिता स्व मो सकील उम्र 25 वर्ष निवासी जुनापारा बैकुंठपुर को गवाह बनाया गया है, तीसरे मामले में गवाह जिन्हे बनाया गया है उनके नाम हैं प्रीत कुमार पिता गोरे लाल निवासी सत्तीपारा, रामकृपाल पिता भगवान दास निवासी झरनापारा तीनों मामलों को देखें तो तीनो में एक व्यक्ति तीनो मामलो में गवाह है एक दो मामलो में एक केवल एक मामले में गवाह है।
एक ही लोगों को कई मामलो में गवाह बनाना एक ही दिन की कार्यवाही में,क्या पुलिस उन्हे गवाह बनाने लेकर चलती है अपने साथ?
बैकुंठपुर पुलिस ने तीन मामलो में जो आबकारी एक्ट की कार्यवाही है तीनो में एक ही लोगों को गवाह बनाया है,सभी कार्यवाही एक ही दिन पुलिस ने की है अब सवाल यह उठता है की क्या पुलिस अपने साथ गवाह लेकर गाड़ी में घूमती है इसलिए एक ही लोगों का नाम हर मामले में है । क्या गवाह बनाने पुलिस को लोगों को लेकर घूमने की अनुमति है।
एक तरह के गवाह होने से मामले में अपराधी दोषी के बचने की ज्यादा संभावना
यदि एक ही तरह के कई मामले में गवाह भी एक ही तरह के हों एक ही लोग हों अपराधी दोषी के बचने की संभावना बढ़ जाती है। गवाह भी पुलिस के दबाव में गवाही दिए होते हैं और इसलिए वह पहली बार में ही मुकर जाते है ऐसा देखा गया है।पुलिस क्या किसी असल मामलों में भी गवाह ढूंढ पाने में हो रही असफल इसलिए उसे गवाह लेकर खुद पड़ रहा चलना
ऐसे मामले से यह भी सवाल उठता है की क्या पुलिस असली मामलो में भी गवाह नहीं ढूंढ़ पा रही है इसलिए वह गवाह अब खुद लेकर चल रही है। यदि ऐसा है तो यह अच्छा संकेत नहीं है क्योंकि ऐसे में अपराधी दोषी के बचने की संभावना प्रबल हो जाती है और कार्यवाही को लेकर भी संशय खड़ा हो जाता है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur