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जगदलपुर@छत्तीसगढ़ सीआरपीएफ कैंप अटैक केस….एनआईए ने 6 और आरोपियों के खिलाफ पेश की चार्जशीट, डमी-मॉडल तैयार कर पहले ट्रेनिंग ली

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जगदलपुर,21 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ में बीजापुर जिले के सीआरपीएफ कैंप पर हुए हमले के मामले में एनआईए ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 और आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इनमें 3 फरार आरोपी भी शामिल हैं। इस नई चार्जशीट के साथ मामले में कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। यह मामला 16 जनवरी 2024 का है, जब बीजापुर जिले में धर्मावरम सीआरपीएफ कैंप पर माओवादी हमलावरों ने एक साथ कई ठिकानों को निशाना बनाया था। एनआईए के अनुसार, पहले माओवादियों ने कैंप की रेकी की। कैंप का एक मॉडल तैयार किया था। जिसके बाद प्रशिक्षण लिया और फिर वारदात की। हमलावरों के पास ऑटोमैटिक हथियार और देसी तरीके से बनाए गए बैरल ग्रेनेड लॉन्चर थे। इस हमले में एक दर्जन से ज्यादा सीआरपीएफ जवान घायल हुए थे। हालांकि, जवानों की जवाबी कार्रवाई के बाद नक्सली भाग निकले थे। धर्मावरम कैंप के अलावा चिंतावागु और पामेड़ के कैंप भी निशाने पर थे। चार्जशीट में जिन आरोपियों को शामिल किया गया है, उनमें गिरफ्तार आरोपी अवलम भीमा, मड़काम नंदा और मड़काम देवा उर्फ रतन के नाम हैं। फरार आरोपियों में संगठन के स्पेशल जोनल कमेटी का एक सदस्य भी शामिल है। सभी आरोपियों पर ्रक्क्र,ढ्ढक्कष्ट आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया कि हमले का मकसद सुरक्षा बलों को निशाना बनाना और हथियार लूटना था। इसके लिए माओवादियों ने पहले टारगेट कैंप का डमी मॉडल तैयार कर प्रशिक्षण लिया था।
हमले से पहले कैंप की रेकी भी की गई थी। जांच के दौरान हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री के इस्तेमाल के सबूत मिले हैं। एनआईए ने इस मामले को 9 फरवरी 2024 को अपने हाथ में लिया था। शुरुआती जांच में 21 नामजद आरोपियों और 250 से 300 अज्ञात माओवादियों के शामिल होने की बात सामने आई थी। एजेंसी की जांच अभी भी जारी है।


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